Isaiah · chapter 57 · verse 20
Isaiah 57:20 in Hindi
परन्तु दुष्ट तो लहराते समुुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है।
Parantu dusht to laharaate samuుdr ke samaan hai jo sthir naheem rah sakataa; aur usakaa jal mail aur keech uchhaalataa hai.
Isaiah 57:20 in English
- King James Version (KJV)
- But the wicked [are] like the troubled sea, when it cannot rest, whose waters cast up mire and dirt.
- World English Bible (WEB)
- But the wicked are like the troubled sea; for it can’t rest and its waters cast up mire and mud.
- American Standard Version (ASV)
- But the wicked are like the troubled sea; for it cannot rest, and its waters cast up mire and dirt.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the evil-doers are like the troubled sea, for which there is no rest, and its waters send up earth and waste.
- Darby Translation (DBY)
- But the wicked are like the troubled sea, which cannot rest, and whose waters cast up mire and dirt.
- Webster's Bible (WBS)
- But the wicked [are] like the troubled sea, when it cannot rest, whose waters cast up mire and dirt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the wicked [are] as the driven out sea, For to rest it is not able, And its waters cast out filth and mire.
Read in context
- 18मैं उसकी चाल देखता आया हूं, तौभी अब उसको चंगा करूंगा; मैं उसे ले चलूंगा और विशेष करके उसके शोक करनेवालों को शान्ति दूंगा।
- 19मैं मुंह के फल का सृजनहार हूं; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूंगा।
- 20परन्तु दुष्ट तो लहराते समुुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है।
- 21दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है।।
Cross references
- Proverbs 4:16–17 नीतिवचन 4:16–17क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उनको नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएं, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती। वे तो दुष्टता से कमाई हुई रोटी खाते, और उपद्रव के द्वारा पाया हुआ दाखमधु पीते हैं।
- Isaiah 3:11 यशायाह 3:11मेरी प्रजा पर बच्चे अंधेर करते और स्त्रियां उन पर प्रभुता करती हैं। हे मेरी प्रजा, तेरे अगुवे तुझे भटकाते हैं, और तेरे चलने का मार्ग भुता देते हैं।।
- Job 18:5–14 अय्यूब 18:5–14तौभी दुष्टों का दीपक बुझ जाएगा, और उसकी आग की लौ न चमकेगी। उसके डेरे में का उजियाला अन्धेरा हो जाएगा, और उसके ऊपर का दिया बुझ जाएगा। उसके बड़े बड़े फाल छोटे हो जाएंगे और वह अपनी ही युक्ति के द्वारा गिरेगा। वह अपना ही पांव जाल में फंसाएगा, वह फन्दों पर चलता है। उसकी एड़ी फन्दे में फंस जाएगी, और वह जाल में पकड़ा जाएगा। फन्दे की रस्सियां उसके लिये भूमि में, और जाल रास्ते में छिपा दिया गया है। चारों ओर से डरावनी वस्तुएं उसे डराएंगी और उसके पीछे पड़कर उसको भगाएंगी। उसका बल दु:ख से घट जाएगा, और विपत्ति उसके पास ही तैयार रहेगी। वह उसके अंग को खा जाएगी, वरन काल का पहिलौठा उसके अंगों को खा लेगा। अपने जिस डेरे का भरोसा वह करता है, उस से वह छीन लिया जाएगा; और वह भयंकरता के राजा के पास पहुंचाया जाएगा।
- Psalm 73:18–20 भजन संहिता 73:18–20निश्चय तू उन्हें फिसलनेवाले स्थानों में रखता है; और गिराकर सत्यानाश कर देता है। अहा, वे क्षण भर में कैसे उजड़ गए हैं! वे मिट गए, वे घबराते घबराते नाश हो गए हैं। जैसे जागनेहारा स्वप्न को तुच्छ जानता है, वैसे ही हे प्रभु जब तू उठेगा, तब उनको छाया से समझकर तुच्छ जानेगा।।
- Jude 1:12 यहूदा 1:12यह तुम्हारी प्रेम सभाओं में तुम्हारे साथ खाते- पीते, समुद्र में छिपी हुई चट्टान सरीखे हैं, और बेधड़क अपना ही पेट भरनेवाले रखवाले हैं; वे निर्जल बादल हैं; जिन्हें हवा उड़ा ले जाती है; पतझड़ के निष्फल पेड़ हैं, जो दो बार मर चुके हैं; और जड़ से उखड़ गए हैं।
- Job 15:20–24 अय्यूब 15:20–24दुष्ट जन जीवन भर पीड़ा से तड़पता है, और बलात्कारी के वष की गिनती ठहराई हुई है। उसके कान में डरावना शब्द गूंजता रहता है, कुशल के समय भी नाशक उस पर आ पड़ता है। उसे अन्ध्यिारे में से फिर निकलने की कुछ आशा नहीं होती, और तलवार उसकी घात में रहती है। वह रोटी के लिये मारा मारा फिरता है, कि कहां मिलेगी। उसे निश्चय रहता है, कि अन्धकार का दिन मेरे पास ही है। संकट और दुर्घटना से असको डर लगता रहता है, ऐसे राजा की नाई जो युठ्ठ के लिये तैयार हो, वे उस पर प्रबल होते हैं।
- Job 20:11–29 अय्यूब 20:11–29उसकी हडि्डयों में जवानी का बल भरा हुआ है परन्तु वह उसी के साथ मिट्टी में मिल जाएगा। चाहे बुराई उसको मीठी लगे, और वह उसे अपनी जीभ के नीचे छिपा रखे, और वह उसे बचा रखे और न छोड़े, वरन उसे अपने तालू के बीच दबा रखे, तौभी उसका भोजन उसके पेट में पलटेगा, वह उसके अन्दर नाग का सा विष बन जाएगा। उस ने जो धन निगल लिया है उसे वह फिर उगल देगा; ईश्वर उसे उसके पेट में से निकाल देगा। वह नागों का विष चूस लेगा, वह करैत के डसने से मर जाएगा। वह नदियों अर्थात् मधु और दही की नदियों को देखने न पाएगा। जिसके लिये उस ने परिश्रम किया, उसको उसे लौटा देना पड़ेगा, और वह उसे निगलने न पाएगा; उसकी मोल ली हुई वस्तुओं से जितना आनन्द होना चाहिये, उतना तो उसे न मिलेगा। क्योंकि उस ने कंगालों को पीसकर छोड़ दिया, उस ने घर को छीन लिया, उसको वह बढ़ाने न पाएगा। लालसा के मारे उसको कभी शान्ति नहीं मिलती थी, इसलिये वह अपनी कोई मनभावनी वस्तु बचा न सकेगा। कोई वस्तु उसका कौर बिना हुए न बचती थी; इसलिये उसका कुशल बना न रहेगा पूरी सम्पत्ति रहते भी वह सकेती में पड़ेगा; तब सब दु:खियों के हाथ उस पर उठेंगे। ऐसा होगा, कि उसका पेट भरने के लिये ईश्वर अपना क्रोध उस पर भड़काएगा, और रोटी खाने के समय वह उस पर पड़ेगा। वह लोहे के हथियार से भागेगा, और पीतल के धनुष से मारा जाएगा। वह उस तीर को खींचकर अपने पेट से निकालेगा, उसकी चमकीली नोंक उसके पित्ते से होकर निकलेगी, भय उस में समाएगा। उसके गड़े हुए धन पर घोर अन्धकार छा जाएगा। वह ऐसी आग से भस्म होगा, जो मनुष्य की फूंकी हुई न हो; और उसी से उसके डेरे में जो बचा हो वह भी भस्म हो जाएगा। आकाश उसका अथर्म प्रगट करेगा, और पृथ्वी उसके विरूद्ध खड़ी होगी। उसके घर की बढ़ती जाती रहेगी, वह उसके क्रोध के दिन बह जाएगी। परमेश्वर की ओर से दुष्ट मनुष्य का अंश, और उसके लिये ईश्वर का ठहराया हुआ भाग यही है।