1 Samuel · chapter 30 · verse 4
1 Samuel 30:4 in Hindi
तब दाऊद और वे लोग जो उसके साथ थे चिल्लाकर इतना रोए, कि फिर उन में रोने की शक्ति न रही।
Tab daaood aur ve log jo usake saath the chillaakar itanaa roe, ki phir un mem rone kee shakti na rahee.
1 Samuel 30:4 in English
- King James Version (KJV)
- Then David and the people that [were] with him lifted up their voice and wept, until they had no more power to weep.
- World English Bible (WEB)
- Then David and the people who were with him lifted up their voice and wept until they had no more power to weep.
- American Standard Version (ASV)
- Then David and the people that were with him lifted up their voice and wept, until they had no more power to weep.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then David and the people who were with him gave themselves up to weeping till they were able to go on weeping no longer.
- Darby Translation (DBY)
- Then David and the people that were with him lifted up their voice and wept, until they had no more power to weep.
- Webster's Bible (WBS)
- Then David and the people that [were] with him, lifted up their voice and wept, until they had no more power to weep.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David lifteth up — and the people who [are] with him — their voice and weep, till that they have no power to weep.
Read in context
- 2और उस में की स्त्री आदि छोटे बड़े जितने थे, सब को बन्धुआई में ले गए; उन्हों ने किसी को मार तो नहीं डाला, परन्तु सभों को लेकर अपना मार्ग लिया।
- 3इसलिये जब दाऊद अपने जनों समेत उस नगर में पहुंचा, तब नगर तो जला पड़ा था, और स्त्रियां और बेटे- बेछियां बन्धुआई में चली गई थीं।
- 4तब दाऊद और वे लोग जो उसके साथ थे चिल्लाकर इतना रोए, कि फिर उन में रोने की शक्ति न रही।
- 5और दाऊद की दो स्त्रियां, यिज्रेली अहीनोअम, और कर्मैली नाबाल की स्त्री अबीगैल, बन्धुआई में गई थीं।
- 6और दाऊद बड़े संकट में पड़ा; क्योंकि लोग अपने बेटे- बेटियों के कारण बहुत शोकित होकर उस पर पत्थरवाह करने की चर्चा कर रहे थे। परन्तु दाऊद ने अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण करके हियाव बान्धा।।
Cross references
- 1 Samuel 11:4 1 शमूएल 11:4दूतों ने शाऊलवाले गिबा में आकर लोगों को यह सन्देश सुनाया, और सब लोग चिल्ला चिल्लाकर रोने लगे।
- Judges 2:4 न्यायियों 2:4जब यहोवा के दूत ने सारे इस्राएलियों से ये बातें कहीं, तब वे लोग चिल्ला चिल्लाकर रोने लगे।
- Numbers 14:39 गिनती 14:39तब मूसा ने ये बातें सब इस्त्राएलियों को कह सुनाई और वे बहुत विलाप करने लगे।
- Genesis 37:33–35 उत्पत्ति 37:33–35उस ने उसको पहिचान लिया, और कहा, हां यह मेरे ही पुत्रा का अंगरखा है; किसी दुष्ट पशु ने उसको खा लिया है; नि:सन्देह यूसुफ फाड़ डाला गया है। तब याकूब ने अपने वस्त्रा फाड़े और कमर में टाट लपेटा, और अपने पुत्रा के लिये बहुत दिनों तक विलाप करता रहा। और उसके सब बेटे- बेटियों ने उसको शान्ति देने का यत्न किया; पर उसको शान्ति न मिली; और वह यही कहता रहा, मैं तो विलाप करता हुआ अपने पुत्रा के पास अधोलोक में उतर जाऊंगा। इस प्रकार उसका पिता उसके लिये रोता ही रहा।
- Judges 21:2 न्यायियों 21:2वे बेतेल को जाकर सांझ तक परमेश्वर के साम्हने बैठे रहे, और फूट फूटकर बहुत रोते रहे।
- 1 Samuel 4:13 1 शमूएल 4:13वह जब पहुंचा उस समय एली, जिसका मन परमेश्वर के सन्दूक की चिन्ता से थरथरा रहा था, वह मार्ग के किनारे कुर्सी पर बैठा बाट जोह रहा था। और ज्योंही उस मनुष्य ने नगर में पहुंचकर वह समाचार दिया त्योंही सारा नगर चिल्ला उठा।
- Numbers 14:1 गिनती 14:1तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे।
- Ezra 10:1 एज्रा 10:1जब एज्रा परमेश्वर के भवन के साम्हने पड़ा, रोता हुआ प्रार्थना और पाप का अंगीकार कर रहा था, तब इस्राएल में से पुरूषों, स्त्रियों और लड़केवालों की एक बहुत बड़ी मणडली उसके पास इकट्ठी हुई; और लोग बिलक बिलक कर रो रहे थे।