1 Samuel · chapter 31 · verse 11
1 Samuel 31:11 in Hindi
जब गिलादवाले याबेश के निवासियों ने सुना कि पलिश्तियों ने शाऊल से क्या क्या किया है,
Jab gilaadavaale yaabesh ke nivaasiyom ne sunaa ki palishtiyom ne shaaool se kyaa kyaa kiyaa hai,
1 Samuel 31:11 in English
- King James Version (KJV)
- And when the inhabitants of Jabesh-gilead heard of that which the Philistines had done to Saul;
- World English Bible (WEB)
- When the inhabitants of Jabesh Gilead heard what the Philistines had done to Saul,
- American Standard Version (ASV)
- And when the inhabitants of Jabesh-gilead heard concerning him that which the Philistines had done to Saul,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when the people of Jabesh-gilead had news of what the Philistines had done to Saul,
- Darby Translation (DBY)
- And when the inhabitants of Jabesh-Gilead heard of what the Philistines had done to Saul,
- Webster's Bible (WBS)
- And when the inhabitants of Jabesh-gilead heard of that which the Philistines had done to Saul,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they hear regarding it — the inhabitants of Jabesh-Gilead — that which the Philistines have done to Saul,
Read in context
- 9तब उन्हों ने शाऊल का सिर काटा, और हथियार लूट लिए, और पलिश्तियों के देश के सब स्थानों में दूतों को इसलिये भेजा, कि उनके देवालयों और साघारण लोगों में यह शुभ समाचार देते जाएं।
- 10तब उन्हों ने उसके हथियार तो आश्तोरेत नाम देवियों के मन्दिर में रखे, और उसकी लोथ बेतशान की शहरपनाह में जड़दी।
- 11जब गिलादवाले याबेश के निवासियों ने सुना कि पलिश्तियों ने शाऊल से क्या क्या किया है,
- 12तब सब शूरवीर चले, और रातोंरात जाकर शाऊल और उसके पुत्रों की लोथें बेतशान की शहरपनाह पर से याबेश में ले आए, और वहों फूंक दीं
- 13तब उन्हों ने उनकी हडि्डयां लेकर याबेश के झाऊ के पेड़ के नीचे गाड़ दीं, और सात दिन तक उपवास किया।
Cross references
- 2 Samuel 2:4 2 शमूएल 2:4और यहूदी लोग गए, और वहां दाऊद का अभिषेक किया कि वह यहूदा के घराने का राजा हो।
- 1 Samuel 11:1–11 1 शमूएल 11:1–11तब अम्मोनी नाहाश ने चढ़ाई करके गिलाद के याबेस के विरूद्ध छावनी डाली; और याबेश के सब पुरूषों ने नाहाश से कहा, हम से वाचा बान्ध, और हम तेरी अधीनता मना लेंगे। अम्मोनी नाहाश ने उन से कहा, मैं तुम से वाचा इस शर्त पर बान्धूंगा, कि मैं तुम सभों की दाहिनी आंखें फोड़कर इसे सारे इस्राएल की नामधराई का कारण कर दूं। याबेश के वृद्ध लोगों ने उस से कहा, हमें सात दिन का अवकाश दे तब तक हम इस्राएल के सारे देश में दूत भेजेंगे। और यदि हम को कोई बचाने वाला न मिलेगा, तो हम तेरे ही पास निकल आएेंगे। दूतों ने शाऊलवाले गिबा में आकर लोगों को यह सन्देश सुनाया, और सब लोग चिल्ला चिल्लाकर रोने लगे। और शाऊल बैलों के पीछे पीछे मैदान से चला आता था; और शाऊल ने पूछा, लोगों को क्या हुआ कि वे रोते हैं? उन्हों ने याबेश के लोगों का सन्देश उसे सुनाया। यह सन्देश सुनते ही शाऊल पर परमेश्वर का आत्मा बल से उतरा, और उसका कोप बहुत भड़क उठा। और उस ने एक जोड़ी बैल लेकर उसके टुकड़े टुकड़े काटे, और यह कहकर दूतों के हाथ से इस्राएल के सारे देश में कहला भेजा, कि जो कोई आकर शाऊल और शमूएल के पीछे न हो लेगा उसके बैलों से ऐसा ही किया जाएगा। तब यहोवा का भय लोगों में ऐसा समाया कि वे एक मन होकर निकल आए। तब उस ने उन्हें बेजेक में गिन लिया, और इस्राएलियों के तीन लाख, और यहूदियों के तीस हजार ठहरे। और उन्हों ने उन दूतों से जो आए थे कहा, तुम गिलाद में के याबेश के लोगों से यों कहो, कि कल धूप तेज होने की घड़ी तक तुम छुटकारा पाओगे। तब दूतों ने जाकर याबेश के लोगों को सन्देश दिया, और वे आनन्दित हुए। तब याबेश के लोगों ने कहा, कल हम तुम्हारे पास निकल आएंगे, और जो कुछ तुम को अच्छा लगे वही हम से करना। दूसरे दिन शाऊल ने लोगों के तीन दल किए; और उन्हों ने रात के पिछले पहर में छावनी के बीच में आकर अम्मोनियों को मारा; और घाम के कड़े होने के समय तक ऐसे मारते रहे कि जो बच निकले वह यहां तक तितर बितर हुए कि दो जन भी एक संग कहीं न रहे।