1 Thessalonians · chapter 4 · verse 1
1 Thessalonians 4:1 in Hindi
निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ।
Nidaan, he bhaaiyom, ham tum se binatee karate haim, aur tumhem prabhu yeeshu mem samajhaate haim, ki jaise tum ne ham se yogy chaal chalanaa, aur parameshvar ko prasann karanaa seekhaa hai, aur jaisaa tum chalate bhee ho, vaise hee aur bhee badhate jaao.
1 Thessalonians 4:1 in English
- King James Version (KJV)
- Furthermore then we beseech you, brethren, and exhort [you] by the Lord Jesus, that as ye have received of us how ye ought to walk and to please God, [ so] ye would abound more and more.
- World English Bible (WEB)
- Finally then, brothers, we beg and exhort you in the Lord Jesus, that as you received from us how you ought to walk and to please God, that you abound more and more.
- American Standard Version (ASV)
- Finally then, brethren, we beseech and exhort you in the Lord Jesus, that, as ye received of us how ye ought to walk and to please God, even as ye do walk,—that ye abound more and more.
- Bible in Basic English (BBE)
- And last of all, the prayer which we make to you from our heart and in the name of the Lord Jesus, is this: that as we made clear to you what sort of behaviour is pleasing to God, as in fact you are doing now, so you will go on in these ways, but more and more.
- Darby Translation (DBY)
- For the rest, then, brethren, we beg you and exhort you in [the] Lord Jesus, even as ye have received from us how ye ought to walk and please God, even as ye also do walk, that ye would abound still more.
- Webster's Bible (WBS)
- Furthermore then we beseech you, brethren, and exhort [you] by the Lord Jesus, that as ye have received from us how ye ought to walk and to please God, [so] ye would abound more and more.
- Young's Literal Translation (YLT)
- As to the rest, then, brethren, we request you, and call upon you in the Lord Jesus, as ye did receive from us how it behoveth you to walk and to please God, that ye may abound the more,
Read in context
- 1निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ।
- 2क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई।
- 3क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम पवित्रा बनो: अर्थात् व्यभिचार से बचे रहो।
Cross references
- Colossians 1:10 कुलुस्सियों 1:10ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
- 2 Thessalonians 1:3 2 थिस्सलुनीकियों 1:3हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब को प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है।
- 2 Peter 3:18 2 पतरस 3:18पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- Hebrews 13:16 इब्रानियों 13:16पर भलाई करना, और उदारता न भूलो; क्योंकि परमेश्वर ऐसे बलिदानों से प्रसन्न होता है।
- Philippians 1:9 फिलिप्पियों 1:9और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए।
- 2 Peter 1:5–10 2 पतरस 1:5–10और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ। और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ। क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्फल न होने देंगी। और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्धा है, और धुन्धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुलकर शुद्ध होने को भूल बैठा है। इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्न करते जाओ, क्योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे।
- Romans 12:1–2 रोमियों 12:1–2इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरो कों जीवित, और पवित्रा, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- 1 Thessalonians 4:10–12 1 थिस्सलुनीकियों 4:10–12और सारे मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा करते भी हो, पर हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि और भी बढ़ते जाओ। और जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना अपना काम काज करने, और अपने अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करो। कि बाहरवालों के साथ सभ्यता से बर्ताव करो, और तुम्हें किसी वस्तु की घटी न हो।।
- 1 Thessalonians 3:12 1 थिस्सलुनीकियों 3:12और प्रभु ऐसा करे, कि जेसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए।
- Philippians 3:14 फिलिप्पियों 3:14निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।
- Ephesians 4:1 इफिसियों 4:1सो मैं जो प्रभु में बन्धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
- Job 17:9 अय्यूब 17:9तौभी धम लोग अपना मार्ग पकड़े रहेंगे, और शुठ्ठ काम करनेवाले सामर्थ्य पर सामर्थ्य पाते जाएंगे।
Original words (Greek)
- Furthermore · G3063λοιπόν loipón
- then · G3767οὖν oûn
- beseech · G2065ἐρωτάω erōtáō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- and · G2532καί kaí
- exhort · G3870παρακαλέω parakaléō
- by · G1722ἐν en
- Lord · G2962κύριος kýrios
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- as · G2531καθώς kathṓs
- received · G3880παραλαμβάνω paralambánō
- of · G3844παρά pará
- us · G2257ἡμῶν hēmōn
- how · G4459πῶς pōs
- ye · G5209ὑμᾶς hymâs
- ought · G1163δεῖ deî
- walk · G4043περιπατέω peripatéō
- and · G2532καί kaí
- please · G700ἀρέσκω aréskō
- God · G2316θεός theós
- abound · G4052περισσεύω perisseúō
- more · G3123μᾶλλον mâllon