1 Thessalonians · chapter 4 · verse 18
1 Thessalonians 4:18 in Hindi
सो इन बातों से एक दूसरे को शान्ति दिया करो।।
So in baatom se ek doosare ko shaanti diyaa karo..
1 Thessalonians 4:18 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore comfort one another with these words.
- World English Bible (WEB)
- Therefore comfort one another with these words.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore comfort one another with these words.
- Bible in Basic English (BBE)
- So then, give comfort to one another with these words.
- Darby Translation (DBY)
- So encourage one another with these words.)
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore, comfort one another with these words.
- Young's Literal Translation (YLT)
- so, then, comfort ye one another in these words.
Read in context
- 16क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
- 17तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
- 18सो इन बातों से एक दूसरे को शान्ति दिया करो।।
Cross references
- 1 Thessalonians 5:11 1 थिस्सलुनीकियों 5:11इस कारण एक दूसरे को शान्ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो।।
- 1 Thessalonians 5:14 1 थिस्सलुनीकियों 5:14और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।
- Luke 21:28 लूका 21:28जब ये बातें होने लगें, तो सीधे होकर अपने सिर ऊपर उठाना; क्योंकि तुम्हारा छुटकारा निकट होगा।।
- Hebrews 10:24–25 इब्रानियों 10:24–25और प्रेम, और भले कामों में उस्काने के लिये एक दूसरे की चिन्ता किया करें। और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।।
- Isaiah 40:1–2 यशायाह 40:1–2तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति! यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।।
- Hebrews 12:12 इब्रानियों 12:12इसलिये ढीले हाथों और निर्बल घुटनों को सीधे करो।