1 Thessalonians · chapter 5 · verse 11
1 Thessalonians 5:11 in Hindi
इस कारण एक दूसरे को शान्ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो।।
Is kaaran ek doosare ko shaanti do, aur ek doosare kee unnati ke kaaran bano, nidaan, tum aisaa karate bhee ho..
1 Thessalonians 5:11 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore comfort yourselves together, and edify one another, even as also ye do.
- World English Bible (WEB)
- Therefore exhort one another, and build each other up, even as you also do.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore exhort one another, and build each other up, even as also ye do.
- Bible in Basic English (BBE)
- So then, go on comforting and building up one another, as you have been doing.
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore encourage one another, and build up each one the other, even as also ye do.
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore, comfort yourselves together, and edify one another, even as also ye do.
- Young's Literal Translation (YLT)
- wherefore, comfort ye one another, and build ye up, one the one, as also ye do.
Read in context
- 9क्योंकि परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं, परन्तु इसलिये ठहराया कि हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार प्राप्त करें।
- 10वह हमारे लिये इस कारण मरा, कि हम चाहे जागते हों, चाहे सोते हों: सब मिलकर उसी के साथ जीएं।
- 11इस कारण एक दूसरे को शान्ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो।।
- 12और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो।
- 13और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल- मिलाप से रहो।
Cross references
- Ephesians 4:29 इफिसियों 4:29कोई गन्दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुननेवालों पर अनुग्रह हो।
- Romans 15:2 रोमियों 15:2हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित्त प्रसन्न करे।
- Hebrews 10:25 इब्रानियों 10:25और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।।
- Hebrews 3:13 इब्रानियों 3:13बरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए।
- 1 Thessalonians 4:18 1 थिस्सलुनीकियों 4:18सो इन बातों से एक दूसरे को शान्ति दिया करो।।
- Romans 14:19 रोमियों 14:19इसलिये हम उन बातों का प्रयत्न करें जिनसे मेल मिलाप और एक दूसरे का सुधार हो।
- 1 Corinthians 14:12 1 कुरिन्थियों 14:12इसलिये तुम भी जब आत्मिक बरदानों की धुन में हो, तो ऐसा प्रयत्न करो, कि तुम्हारे बरदानों की उन्नति से कलीसिया की उन्नति हो।
- Ephesians 4:12 इफिसियों 4:12जिस से पवित्रा लोग सिद्ध जो जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए।
- Ephesians 4:16 इफिसियों 4:16जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में हाता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।।
- 1 Corinthians 10:23 1 कुरिन्थियों 10:23सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब लाभ की नहीं: सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब वस्तुओं से उन्नित नहीं।
- Jude 1:20 यहूदा 1:20पर हे प्रियों तुम अपने अति पवित्रा विश्वास में अपनी उन्नति करते हुए और पवित्रा आत्मा में प्रार्थना करते हुए।
- 2 Peter 1:12 2 पतरस 1:12इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा।