1 Timothy · chapter 2 · verse 4
1 Timothy 2:4 in Hindi
वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें।
Vah yah chaahataa hai, ki sab manushyom kaa uddhaar ho; aur ve saty ko bhalee bhaanti pahichaan len.
1 Timothy 2:4 in English
- King James Version (KJV)
- Who will have all men to be saved, and to come unto the knowledge of the truth.
- World English Bible (WEB)
- who desires all people to be saved and come to full knowledge of the truth.
- American Standard Version (ASV)
- who would have all men to be saved, and come to the knowledge of the truth.
- Bible in Basic English (BBE)
- Whose desire is that all men may have salvation and come to the knowledge of what is true.
- Darby Translation (DBY)
- who desires that all men should be saved and come to [the] knowledge of [the] truth.
- Webster's Bible (WBS)
- Who will have all men to be saved, and to come to the knowledge of the truth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- who doth will all men to be saved, and to come to the full knowledge of the truth;
Read in context
- 2राजाओं और सब ऊंचे पदवालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं। यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्छा लगता, और भाता भी है।
- 3यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्छा लगता, और भाता भी है।
- 4वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें।
- 5क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात् मसीह यीशु जो मनुष्य है।
- 6जिस ने अपने आप को सब के छुटकारे के दाम में दे दिया; ताकि उस की गवाही ठीक समयों पर दी जाए।
Cross references
- Ezekiel 18:32 यहेजकेल 18:32क्योंकि, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, जो मरे, उसके मरने से मैं प्रसन्न नहीं होता, इसलिये पश्चात्ताप करो, तभी तुम जीवित रहोगे।
- 2 Peter 3:9 2 पतरस 3:9प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; बरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।
- Ezekiel 18:23 यहेजकेल 18:23प्रभु यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न होता हूँ? क्या मैं इस से प्रसन्न नहीं होता कि वह अपने मार्ग से फिरकर जीवित रहे?
- Titus 2:11 तीतुस 2:11क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है।
- John 3:15–17 यूहन्ना 3:15–17ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्त जीवन पाए।। क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्रा दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्रा को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।
- Ezekiel 33:11 यहेजकेल 33:11सो तू ने उन से यह कह, परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न नहीं होता, परन्तु इस से कि दुष्ट अपने मार्ग से फिर कर जीवित रहे; हे इस्राएल के घराने, तुम अपने अपने बुरे मार्ग से फिर जाओ; तुम क्यों मरो?
- 2 Timothy 2:25 2 तीमुथियुस 2:25और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- Romans 10:12–15 रोमियों 10:12–15यहूदियों और यूनानियों में कुछ भेद नहीं, इसलिये कि वह सब का प्रभु है; और अपने सब नाम लेनेवालों के लिये उदार है। क्योंकि जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा। फिर जिस पर उन्हों ने विश्वास नहीं किया, वे उसका नाम क्योंकर लें? और जिस की नहीं सुनी उस पर क्योंकर विश्वास करें? और प्रचारक बिना क्योंकर सुनें? और यदि भेजे न जाएं, तो क्योंकर प्रचार करें? जैसा लिखा है, कि उन के पांव क्या ही सोहावने हैं, जो अच्छी बातों का सुसमाचार सुनाते हैं।
- 1 Timothy 4:10 1 तीमुथियुस 4:10क्योंकि हम परिश्रम और यत्न इसी लिये करते हैं, कि हमारी आशा उस जीवते परमेश्वर पर है; जो सब मनुष्यों का, और निज करके विश्वासियों का उद्धारकर्ता है।
- Isaiah 45:22 यशायाह 45:22हे पृथ्वी के दूर दूर के देश के रहनेवालो, तुम मेरी ओर फिरो और उद्धार पाओ! क्योंकि मैं ही ईश्वर हूं और दूसरा कोई नहीं है।
- Luke 24:47 लूका 24:47और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।
- Revelation 14:6 प्रकाशितवाक्य 14:6फिर मैं ने एक और स्वर्गदूत को आकाश के बीच में उड़ते हुए देखा जिस के पास पृथ्वी पर के रहनेवालों की हर एक जाति, और कुल, और भाषा, और लोगों को सुनाने के लिये सनातन सुसमाचार था।