1 Timothy · chapter 6 · verse 9
1 Timothy 6:9 in Hindi
पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
Par jo dhanee honaa chaahate haim, ve aisee pareekshaa, aur phande aur bahutere vyarth aur haanikaarak laalasaaom mem phansate haim, jo manushyom ko bigaad detee haim aur vinaash ke samudr mem doobaa detee hain.
1 Timothy 6:9 in English
- King James Version (KJV)
- But they that will be rich fall into temptation and a snare, and [into] many foolish and hurtful lusts, which drown men in destruction and perdition.
- World English Bible (WEB)
- But those who are determined to be rich fall into a temptation, a snare, and many foolish and harmful lusts, such as drown men in ruin and destruction.
- American Standard Version (ASV)
- But they that are minded to be rich fall into a temptation and a snare and many foolish and hurtful lusts, such as drown men in destruction and perdition.
- Bible in Basic English (BBE)
- But those who have a desire for wealth are falling into danger, and are taken as in a net by a number of foolish and damaging desires, through which men are overtaken by death and destruction.
- Darby Translation (DBY)
- But those who desire to be rich fall into temptation and a snare, and many unwise and hurtful lusts, which plunge men into destruction and ruin.
- Webster's Bible (WBS)
- But they that will be rich, fall into temptation, and a snare, and [into] many foolish and hurtful lusts, which drown men in destruction and perdition.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and those wishing to be rich, do fall into temptation and a snare, and many desires, foolish and hurtful, that sink men into ruin and destruction,
Read in context
- 7क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं।
- 8और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्हीं पर सन्तोष करना चाहिए।
- 9पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
- 10क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
- 11पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
Cross references
- 1 John 2:15–17 1 यूहन्ना 2:15–17तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है। और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।।
- Proverbs 28:20–22 नीतिवचन 28:20–22सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होन से उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता। पक्षपात करना अच्छा नहीं; और यह भी अच्छा नहीं कि पुरूष एक टुकड़े रोटी के लिये अपराध करे। लोभी जन धन प्राप्त करने में उतावली करता है, और नहीं जानता कि वह घटी में पड़ेगा।
- Proverbs 15:27 नीतिवचन 15:27लालची अपने घराने को दु:ख देता है, परन्तु घूस से घृणा करनेवाला जीवित रहता है।
- Acts 8:20 प्रेरितों के काम 8:20पतरस ने उस से कहा; तेरे रूपये तेरे साथ नाश हों, क्योंकि तू ने परमेश्वर का दान रूपयों से मोल लेने का विचार किया।
- 1 Timothy 3:7 1 तीमुथियुस 3:7और बाहरवालों में भी उसका सुनाम हो ऐसा न हो कि निन्दित होकर शैतान के फंदे में फंस जाए।
- Mark 4:19 मरकुस 4:19और संसार की चिन्ता, और धन का धोखा, और और वस्तुओं का लोभ उन में समाकर वचन को दबा देता है। और वह निष्फल रह जाता है।
- 2 Peter 2:3 2 पतरस 2:3और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएंगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहिले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उन का विनाश ऊंघता नहीं।
- Ephesians 4:22 इफिसियों 4:22कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्व को जो भरमानेवाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्ट होता जाता है, उतार डालो।
- Matthew 13:22 मत्ती 13:22जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।
- Jude 1:11 यहूदा 1:11उन पर हाय! कि वे कैन की सी चाल चले, और मजदूरी के लिये बिलाम की नाई भ्रष्ट हो गए हैं: और कोरह की नाई विरोध करके नाश हुए हैं।
- James 5:1–4 याकूब 5:1–4हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ। तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्त्रों को कीड़े खा गए। तुम्हारे सोने-चान्दी में काई लग गई है; और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाईं तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्तिम युग में धन बटोरा है। देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।
- Matthew 19:22 मत्ती 19:22परन्तु वह जवान यह बात सुन उदास होकर चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था।।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- will · G1014βούλομαι boúlomai
- rich · G4147πλουτέω ploutéō
- fall · G1706ἐμπίπτω empíptō
- into · G1519εἰς eis
- temptation · G3986πειρασμός peirasmós
- and · G2532καί kaí
- snare · G3803παγίς pagís
- and · G2532καί kaí
- many · G4183πολύς polýs
- foolish · G453ἀνόητος anóētos
- and · G2532καί kaí
- hurtful · G983βλαβερός blaberós
- lusts · G1939ἐπιθυμία epithymía
- which · G3748ὅστις hóstis
- drown · G1036βυθίζω bythízō
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- in · G1519εἰς eis
- destruction · G3639ὄλεθρος ólethros
- and · G2532καί kaí
- perdition · G684ἀπώλεια apṓleia