1 John · chapter 2 · verse 15
1 John 2:15 in Hindi
तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है।
Tum na to sansaar se aur na sansaar mem kee vastuom se prem rakho: yadi koee sansaar se prem rakhataa hai, to us mem pitaa kaa prem naheem hai.
1 John 2:15 in English
- King James Version (KJV)
- Love not the world, neither the things [that are] in the world. If any man love the world, the love of the Father is not in him.
- World English Bible (WEB)
- Don’t love the world or the things that are in the world. If anyone loves the world, the Father’s love isn’t in him.
- American Standard Version (ASV)
- Love not the world, neither the things that are in the world. If any man love the world, the love of the Father is not in him.
- Bible in Basic English (BBE)
- Have no love for the world or for the things which are in the world. If any man has love for the world, the love of the Father is not in him.
- Darby Translation (DBY)
- Love not the world, nor the things in the world. If any one love the world, the love of the Father is not in him;
- Webster's Bible (WBS)
- Love not the world, neither the things [that are] in the world. If any man loveth the world, the love of the Father is not in him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Love not ye the world, nor the things in the world; if any one doth love the world, the love of the Father is not in him,
Read in context
- 13हे पितरों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि जो आदि से है, तुम उसे जानते हो: हे जवानों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम ने उस दुष्ट पर जय पाई है: हे लड़कों मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि तुम पिता को जान गए हो।
- 14हे पितरों, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि जो आदि से है तुम उसे जान गए हो: हे जवानो, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि बलवन्त हो, और परमेश्वर का वचन तुम में बना रहता है, और तुम ने उस दुष्ट पर जय पाई है।
- 15तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है।
- 16क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है।
- 17और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।।
Cross references
- James 4:4 याकूब 4:4हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
- Romans 12:2 रोमियों 12:2और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- Matthew 6:24 मत्ती 6:24कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा; "तुम परमेश्वर और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते"।
- Colossians 3:1–2 कुलुस्सियों 3:1–2सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्वर्गीय वस्तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दहिनी ओर बैठा है। प्रथ्वी पर की नहीं परन्तु स्वर्गीय वस्तुओं पर ध्यान लगाओ।
- Luke 16:13 लूका 16:13कोई दास दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता: क्योंकि वह तो एक से बैर और दूसरे से प्रेम रखेगा; या एक से मिल रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा: तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते॥
- 1 John 5:4–5 1 यूहन्ना 5:4–5क्योंकि जो कुछ परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है, वह संसार पर जय प्राप्त करता है, और वह विजय जिस से संसार पर जय प्राप्त होती है हमारा विश्वास है। संसार पर जय पानेवाला कौन है? केवल वह जिस का विश्वास है, कि यीशु, परमेश्वर का पुत्रा है।
- John 15:19 यूहन्ना 15:19यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रीति रखता, परन्तु इस कारण कि तुम संसार में से चुन लिया है इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है।
- 1 John 3:17 1 यूहन्ना 3:17पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है?
- 1 Timothy 6:10 1 तीमुथियुस 6:10क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
- Galatians 1:10 गलातियों 1:10यदि मैं अब तक मनुष्यों को प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।।
- Ephesians 2:2 इफिसियों 2:2जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कारर्य करता है।
- 1 John 4:5 1 यूहन्ना 4:5वे संसार के हैं, इस कारण वे संसार की बातें बोलते हैं, और संसार उन की सुनता है।
Original words (Greek)
- Love · G25ἀγαπάω agapáō
- not · G3361μή mḗ
- world · G2889κόσμος kósmos
- neither · G3366μηδέ mēdé
- things · G3588ὁ ho
- in · G1722ἐν en
- world · G2889κόσμος kósmos
- If · G1437ἐάν eán
- man · G5100τὶς tìs
- love · G25ἀγαπάω agapáō
- world · G2889κόσμος kósmos
- love · G26ἀγάπη agápē
- of · G1722ἐν en
- Father · G3962πατήρ patḗr
- is · G2076ἐστί estí
- not · G3756οὐ ou
- in · G2076ἐστί estí
- him · G846αὐτός autós