2 Chronicles · chapter 18 · verse 1
2 Chronicles 18:1 in Hindi
यहोशपात बड़ा धनवान और ऐश्वर्यवान हो गया; और उसने अहाब के साथ समधियाना किया।
Yahoshapaat badaa dhanavaan aur aishvaryavaan ho gayaa; aur usane ahaab ke saath samadhiyaanaa kiyaa.
2 Chronicles 18:1 in English
- King James Version (KJV)
- Now Jehoshaphat had riches and honour in abundance, and joined affinity with Ahab.
- World English Bible (WEB)
- Now Jehoshaphat had riches and honor in abundance; and he allied himself with Ahab.
- American Standard Version (ASV)
- Now Jehoshaphat had riches and honor in abundance; and he joined affinity with Ahab.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now Jehoshaphat had great wealth and honour, and his son was married to Ahab's daughter.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehoshaphat had riches and honour in abundance; and he allied himself with Ahab by marriage.
- Webster's Bible (WBS)
- Now Jehoshaphat had riches and honor in abundance, and joined affinity with Ahab.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehoshaphat hath riches and honour in abundance, and joineth affinity to Ahab,
Read in context
- 1यहोशपात बड़ा धनवान और ऐश्वर्यवान हो गया; और उसने अहाब के साथ समधियाना किया।
- 2कुछ वर्ष के बाद वह शोमरोन में अहाब के पास गया, तब अहाब ने उसके और उसके संगियों के लिये बहुत सी भेड़-बकरियां और गाय-बैल काटकर, उसे गिलाद के रामोत पर चढ़ाई करने को उकसाया।
- 3और इस्राएल के राजा अहाब ने यहूदा के राजा यहोशापात से कहा, क्या तू मेरे साथ गिलाद के रामोत पर चढ़ाई करेगा? उसने उसे उत्तर दिया, जैसा तू वैसा मैं भी हूँ, और जैसी तेरी प्रजा, वैसी मेरी भी प्रजा है। हम लोग युद्ध में तेरा साथ देंगे।
Cross references
- 2 Chronicles 17:5 2 इतिहास 17:5इस कारए यहोवा ने रज्य को उसके हाथ में दृढ़ किया, और सारे यहूदी उसके पास भेंट लाया करते थे, और उसके पास बहुत धन और उसका विभव बढ़ गया।
- 2 Chronicles 21:6 2 इतिहास 21:6वह इस्राएल के राजाओं की सी चाल चला, जैसे अहाब का घराना चलता था, क्योंकि उसकी पत्नी अहाब की बेटी थी। और वह उस काम को करता था, जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- 2 Kings 8:18 2 राजा 8:18वह इस्राएल के राजाओं की सी चाल चला, जैसे अहाब का घराना चलता था, क्योंकि उसकी स्त्री अहाब की बेटी थी; और वह उस काम को करता था जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- 2 Chronicles 19:2 2 इतिहास 19:2तब हनानी नाम दश का पुत्रा येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध भड़का है।
- 2 Chronicles 22:2–3 2 इतिहास 22:2–3जब अहज्याह राजा हुआ, तब वह बयालीस वर्ष का था, और यरूशलेम में बक ही वर्ष राज्य किया, और उसकी माता का ताम अतल्याह था, जो ओम्री की पोती थी। वह अहाब के घराने की सी चाल चला, क्योंकि उसकी माता उसे दुष्टता करने की सम्मति देती थी।
- 1 Kings 16:31–33 1 राजा 16:31–33आकाश आनन्द करे और पृथ्वी मगन हो, और जाति जाति में लोग कहें, कि यहोवा राजा हुआ है। समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें, मैदान और जो कुछ उस में है सो प्रफुल्लित हों। उसी समय वन के वृक्ष यहोवा के साम्हने जयजयकार करें, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है।
- 2 Chronicles 18:31 2 इतिहास 18:31सो जब रथों के प्रधानों ने यहोशापात को देखा, तब कहा इस्राएल का राजा वही है, और वे उसी से लड़ने को मुड़े। इस पर यहोशापात चिल्ला उठा, तब यहोवा ने उसकी सहायता की। और परमेश्वर ने उन को उसके पास से फिर जाने की प्रेरणा की।
- Matthew 6:33 मत्ती 6:33इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- 2 Kings 11:1 2 राजा 11:1जब अहज्याह की माता अतल्याह ने देखा, कि मेरा पुत्रा मर गया, तब उस ने पूरे राजवंश को नाश कर डाला।
- 2 Corinthians 6:14 2 कुरिन्थियों 6:14अविश्वासियों के साथ असमान जूए में न जुतो, क्योंकि धार्मिकता और अधर्म का क्या मेल जोल? या ज्योति और अन्धकार की क्या संगति?
- 1 Kings 21:25 1 राजा 21:25सचमुच अहाब के तुल्य और कोई न था जिसने अपनी पत्नी ईज़ेबेल के उसकाने पर वह काम करने को जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, अपने को बेच डाला था।
- 2 Chronicles 1:11–15 2 इतिहास 1:11–15परमेश्वर ने सुलैमान से कहा, तेरी जो ऐसी ही मनसा हुई, अर्थात तू ने न तो धन सम्पत्ति मांगी है, न ऐश्वर्य्और न अपने बैरियों का प्राण और न अपनी दीर्घायु मांगी, केवल बुध्दि और ज्ञान का वर मांगा है, जिस से तू मेरी प्रजा का जिसके ऊपर मैं ने तुझे राजा नियुक्त किया है, न्याय कर सके, इस कारण बुध्दि और ज्ञान तुझे दिया जाता है। और मैं तुझे इतना धन सम्पत्ति और ऐश्वर्य दूंगा, जितना न तो तुझ से पहिले किसी राजा को, मिला और न तेरे बाद किसी राजा को मिलेगा। तब सुलैमान गिबोन के ऊंचे स्थान से, अर्थात् मिलापवाले तम्बू के साम्हने से यरूशलेम को आया और वहां इस्राएल पर राज्य करने लगा। फिर सुलैमान ने रथ और सवार इकट्ठे कर लिये; और उसके चौदह सौ रथ और बारह हजार सवार थे, और उनको उस ने रथों के नगरों में, और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा। और राजा ने ऐसा किया, कि यरूशलेम में सोने- चान्दी का मूल्य बहुतायत के कारण पत्थरों का सा, और देवदारों का मूल्य नीचे के देश के गूलरों का सा बना दिया।