2 Chronicles · chapter 19 · verse 2
2 Chronicles 19:2 in Hindi
तब हनानी नाम दश का पुत्रा येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध भड़का है।
Tab hanaanee naam dash kaa putraa yehoo yahoshaapaat raajaa se bhent karane ko nikalaa aur us se kahane lagaa, kyaa dushtom kee sahaayataa karanee aur yahovaa ke bairiyom se prem rakhanaa chaahiye? Is kaam ke kaaran yahovaa kee or se tujh par krodh bhadakaa hai.
2 Chronicles 19:2 in English
- King James Version (KJV)
- And Jehu the son of Hanani the seer went out to meet him, and said to king Jehoshaphat, Shouldest thou help the ungodly, and love them that hate the LORD? therefore [is] wrath upon thee from before the LORD.
- World English Bible (WEB)
- Jehu the son of Hanani the seer went out to meet him, and said to King Jehoshaphat, “Should you help the wicked, and love those who hate the LORD? Because of this, wrath is on you from before the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- And Jehu the son of Hanani the seer went out to meet him, and said to king Jehoshaphat, Shouldest thou help the wicked, and love them that hate Jehovah? for this thing wrath is upon thee from before Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jehu, the son of Hanani the seer, went to King Jehoshaphat and said to him, Is it right for you to go to the help of evil-doers, loving the haters of the Lord? because of this, the wrath of the Lord has come on you.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehu the son of Hanani, the seer, went out to meet him, and said to king Jehoshaphat, Shouldest thou help the ungodly, and love them that hate Jehovah? Therefore is wrath upon thee from Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And Jehu the son of Hanani the seer went out to meet him, and said to king Jehoshaphat, Shouldst thou help the ungodly, and love them that hate the LORD? therefore [is] wrath upon thee from before the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and go out unto his presence doth Jehu son of Hanani, the seer, and saith unto king Jehoshaphat, 'To give help to the wicked, and to those hating Jehovah, dost thou love? and for this against thee [is] wrath from before Jehovah,
Read in context
- 1और यहूदा का राजा यहोशापात यरूशलेम को अपने भवन में कुशल से लौट गया।
- 2तब हनानी नाम दश का पुत्रा येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध भड़का है।
- 3तौभी तुझ में कुछ अच्छी बातें पाई जाती हैं। तू ने तो देश में से अशेरों को नाश किया और उपने मन को परमेश्वर की खोज में लगाया है।
- 4यहोशापात यरूशलेम में रहता था, और उस ने बेर्शेबा से लेकर बप्रैम के पहाड़ी देश तक अपनी प्रजा में फिर दौरा करके, उनको उनके पितरों के परमेश्वर यहोवा की ओर फेर दिया।
Cross references
- Psalm 139:21–22 भजन संहिता 139:21–22हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूं, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊं? हां, मैं उन से पूर्ण बैर रखता हूं; मैं उनको अपना शत्रु समझता हूं।
- 2 John 1:10–11 2 यूहन्ना 1:10–11यदि कोई तुम्हारे पास आए, और यही शिक्षा न दे, उसे न तो घर मे आने दो, और न नमस्कार करो। क्योंकि जो कोई ऐसे जन को नमस्कार करता है, वह उस के बुरे कामों में साझी होता है।।
- 2 Chronicles 18:3 2 इतिहास 18:3और इस्राएल के राजा अहाब ने यहूदा के राजा यहोशापात से कहा, क्या तू मेरे साथ गिलाद के रामोत पर चढ़ाई करेगा? उसने उसे उत्तर दिया, जैसा तू वैसा मैं भी हूँ, और जैसी तेरी प्रजा, वैसी मेरी भी प्रजा है। हम लोग युद्ध में तेरा साथ देंगे।
- James 4:4 याकूब 4:4हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
- Ephesians 5:11 इफिसियों 5:11और अन्धकार के निष्फल कामों में सहभागी न हो, बरन उन पर उलाहना दो।
- 2 Chronicles 24:18 2 इतिहास 24:18तब वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा का भवन छोड़कर अशेरों और मूरतों की उपासना करने लगे। सो उनके ऐसे दोषी होने के कारण परमेश्वर का क्रोध यहूदा और यरूशलेम पर भड़का।
- 2 Chronicles 20:34 2 इतिहास 20:34और आदि से अन्त तक यहोशापात के और काम, हनानी के पुत्रा येहू के विषय उस वृत्तान्त में लिखे हैं, जो इस्राएल के राजाओं के वृत्तान्त में पाया जाता हैं।
- 2 Chronicles 32:25 2 इतिहास 32:25परन्तु हिजकिरयाह ने उस उपकार का बदला न दिया, क्योंकि उसका मन फूल उठा था। इस कारण उसका कोप उस पर और यहूदा और यरूशलेम पर भड़का।
- 2 Chronicles 16:7 2 इतिहास 16:7उस समय हनानी दश यहूदा के राजा आसा के पास जाकर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नही रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।
- 1 Kings 16:1 1 राजा 16:1तब परमेश्वर का सन्दूक ले आकर उस तम्हू में रखा गया जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और परमेश्वर के साम्हने होमबलि और मेलबलि चढ़ाए गए।
- Romans 8:7 रोमियों 8:7क्योंकि शरीर पर मन लगाना तो परमेश्वर से बैर रखना है, क्योंकि न तो परमेश्वर की व्यवस्था के अधीन है, और न हो सकता है।
- 1 Samuel 9:9 1 शमूएल 9:9पूर्वकाल में तो इस्राएल में जब कोई ऐसा कहता था, कि चलो, हम दर्शी के पास चलें; क्योंकि जो आज कल नबी कहलाता है वह पूर्वकाल में दर्शी कहलाता था।
Original words (Hebrew)
- Jehu · H3058יֵהוּא Yêhûwʼ
- son · H1121בֵּן bên
- Hanani · H2607חֲנָנִי Chănânîy
- seer · H2374חֹזֶה chôzeh
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- meet · H6440פָּנִים pânîym
- said · H559אָמַר ʼâmar
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Jehoshaphat · H3092יְהוֹשָׁפָט Yᵉhôwshâphâṭ
- help · H5826עָזַר ʻâzar
- ungodly · H7563רָשָׁע râshâʻ
- love · H157אָהַב ʼâhab
- hate · H8130שָׂנֵא sânêʼ
- therefore · H2063זֹאת zôʼth
- wrath · H7110קֶצֶף qetseph
- before · H6440פָּנִים pânîym