2 Chronicles · chapter 20 · verse 32
2 Chronicles 20:32 in Hindi
और वह अपने पिता आसा की लीक पर चला ओर उस से न मुड़ा, अर्थात् जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है वही वह करता रहा।
Aur vah apane pitaa aasaa kee leek par chalaa or us se na mudaa, arthaat jo yahovaa kee drushti mem theek hai vahee vah karataa rahaa.
2 Chronicles 20:32 in English
- King James Version (KJV)
- And he walked in the way of Asa his father, and departed not from it, doing [that which was] right in the sight of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- He walked in the way of Asa his father, and didn’t turn away from it, doing that which was right in the LORD’s eyes.
- American Standard Version (ASV)
- And he walked in the way of Asa his father, and turned not aside from it, doing that which was right in the eyes of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- He went in the ways of his father Asa, not turning away, but doing right in the eyes of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And he walked in the way of Asa his father, and turned not aside from it, doing what was right in the sight of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And he walked in the way of Asa his father, and departed not from it, doing [that which was] right in the sight of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he walketh in the way of his father Asa, and hath not turned aside from it, to do that which is right in the eyes of Jehovah.
Read in context
- 30और यहोशापात के राज्य को चैन मिला, क्योंकि उसके परमेश्वर ने उसको चारों ओर से विश्राम दिया।
- 31यों यहोशापात ने यहूदा पर राज्य किया। जब वह राज्य करने लगा तब वह पैंतीस वर्ष का था, और पच्चीस वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अजूबा था, जो शिल्ही की बेटी थी।
- 32और वह अपने पिता आसा की लीक पर चला ओर उस से न मुड़ा, अर्थात् जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है वही वह करता रहा।
- 33तौभी ऊंचे स्थान ढाए न गए, वरन अब तक प्रजा के लोगों ने अपना मन अपने पितरों के परमेश्वर की ओर न लगाया था।
- 34और आदि से अन्त तक यहोशापात के और काम, हनानी के पुत्रा येहू के विषय उस वृत्तान्त में लिखे हैं, जो इस्राएल के राजाओं के वृत्तान्त में पाया जाता हैं।
Cross references
- Psalm 18:21 भजन संहिता 18:21क्योंकि मैं यहोवा के मार्गों पर चलता रहा, और दुष्टता के कारण अपने परमेश्वर से दूर न हुआ।
- 2 Chronicles 16:7–12 2 इतिहास 16:7–12उस समय हनानी दश यहूदा के राजा आसा के पास जाकर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नही रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है। क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उस ने उनको तेरे हाथ में कर दिया। देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कमट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों मे फंसा रहेगा। तब आसा दश पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वहउसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों को पीसने भी लगा। आदि से लेकर अन्त तक आसा के काम यहूदा औ इस्राएल के राजाओं के वृत्तान्त में लिखे हैं। अपने राज्य के उनतीसवें वर्ष में आसा को पांव का रोग हुआ, और वह रोग अत्यन्त बढ़ गया, तौभी उस ने रोगी होकर यहोवा की नहीं वैद्यों ही की शरण ली।
- 2 Chronicles 14:11–13 2 इतिहास 14:11–13तब आसा ने अपने परमेश्वर यहोवा की यों दोहाई दी, कि हे यहोवा! जैसे तू सामथ की सहायता कर सकता है, वैसे ही शक्तिहीन की भी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा! हमारी सहायता कर, क्योंकि हमारा भरोसा तुझी पर है और तेरे नाम का भरोसा करके हम इस भीड़ के विरूद्ध आए हैं। हे यहोवा, तू हमारा परमेश्वर है; मनुष्य तुझ पर प्रबल न होने पाएगा। तब यहोवा ने कूशियों को आसा और यहूदियों के साम्हने मारा और कूशी भाग गए। और आसा और उसके संग के लोगों ने उनका पीछा गरार तक किया, और इतने कूशी मारे गए, कि वे फिर सिर न उठा सके क्योंकि वे यहोवा और उसकी सेना से हार गए, और यहूदी बहुत सा लूट ले गए।
- 2 Chronicles 14:2–5 2 इतिहास 14:2–5और आसा ने वही किया जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में अच्छा और ठीक था। उस ने तो पराई वेदियों को और ऊंचे स्थानों को दूर किया, और लाठों को तुड़वा डाला, और अशेरा नाम मूरतों को तोड़ डाला। और यहूदियों को आज्ञा दी कि अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज करें और रयवस्था और आज्ञा को मानों। और उस ने ऊंचे स्थानों और सूर्य की प्रतिमाओं को यहूदा के सब नगरों में से दूर किया, और उसके साम्हने राज्य में चैन रहा।
- 1 Kings 15:11 1 राजा 15:11और आसा ने अपने मूलपुरूष दाऊद की नाई वही किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था।
- 2 Chronicles 17:3–6 2 इतिहास 17:3–6और यहोवा यहोशापात के संग रहा, क्योंकि वह अपने मूलपुरूष दाऊद की प्राचीन चाल सी चाल चला और बाल देवताओं की खोज में न लगा। वरन वह अपने पिता के परमेश्वर की खोज में लगा रहता था और उसी की आज्ञाओं पर चलता था, और इस्राएल के से काम नहीं करता था। इस कारए यहोवा ने रज्य को उसके हाथ में दृढ़ किया, और सारे यहूदी उसके पास भेंट लाया करते थे, और उसके पास बहुत धन और उसका विभव बढ़ गया। और यहोवा के माग पर चलते चलते उसका मन मगन हो गया; फिर उस ने यहूदा से ऊंचे स्थान और अशेरा नाम मूरतें दूर कर दीं।
- Psalm 36:3 भजन संहिता 36:3उसकी बातें अनर्थ और छल की हैं; उस ने बुद्धि और भलाई के काम करने से हाथ उठाया है।