2 Chronicles · chapter 24 · verse 2
2 Chronicles 24:2 in Hindi
और जब तक यहोयादा याजक जीवित रहा, तब तक योआश वह काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
Aur jab tak yahoyaadaa yaajak jeevit rahaa, tab tak yoaash vah kaam karataa rahaa jo yahovaa kee drushti mem theek hai.
2 Chronicles 24:2 in English
- King James Version (KJV)
- And Joash did [that which was] right in the sight of the LORD all the days of Jehoiada the priest.
- World English Bible (WEB)
- Joash did that which was right in the LORD’s eyes all the days of Jehoiada the priest.
- American Standard Version (ASV)
- And Joash did that which was right in the eyes of Jehovah all the days of Jehoiada the priest.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Joash did what was right in the eyes of the Lord as long as Jehoiada the priest was living.
- Darby Translation (DBY)
- And Joash did what was right in the sight of Jehovah all the days of Jehoiada the priest.
- Webster's Bible (WBS)
- And Joash did [that which was] right in the sight of the LORD all the days of Jehoiada the priest.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Joash doth that which is right in the eyes of Jehovah all the days of Jehoiada the priest.
Read in context
- 1जब योआश राजा हुआ, तब वह सात वर्ष का था, और यरूशलेम में चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा; उसकी माता का नाम सिब्या था, जो बेर्शेबा की थी।
- 2और जब तक यहोयादा याजक जीवित रहा, तब तक योआश वह काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
- 3और यहसेयादा ने उसके दो ब्याह कराए और उस से बेटे- बेटियां उत्पन्न हुई।
- 4इसके बाद योआश के मन में यहोवा के भवन की मरम्मत करने की मनसा उपजी।
Cross references
- 2 Chronicles 26:4–5 2 इतिहास 26:4–5जैसे उसका पिता अमस्याह, किया करता था वैसा ही उसने भी किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था। और जकर्याह के दिनों में जो परमेश्वर के दर्शन के विषय समझ रखता था, वह परमेश्वर की खोज में लगा रहता था; और जब तक वह यहोवा की खोज में लगा रहा, तब तक परमेश्वर उसको भाग्यवान किए रहा।
- 2 Chronicles 25:2 2 इतिहास 25:2उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है, परन्तु खरे मन से न किया।
- 2 Chronicles 24:17–22 2 इतिहास 24:17–22यहोयादा के मरने के बाद यहूदा के हाकिमों ने राजा के पास जाकर उसे दणडवत की, और राजा ने उनकी मानी। तब वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा का भवन छोड़कर अशेरों और मूरतों की उपासना करने लगे। सो उनके ऐसे दोषी होने के कारण परमेश्वर का क्रोध यहूदा और यरूशलेम पर भड़का। तौभी उस ने उनके पास नबी भेजे कि उनको यहोवा के पास फेर लाएं; और इन्हों ने उन्हें चिता दिया, परन्तु उन्हों ने कान न लगाया। और परमेश्वर का आत्मा यहोयादा याजक के पुत्रा जकर्याह में समा गया, और वह ऊंचे स्थन पर खड़ा होकर लोगों से कहने लगा, परमेश्वर यों कहता है, कि तुम यहोवा की आज्ञाओं को क्यों टालते हो? ऐसा करके तुम भाग्यवान नहीं हो सकते, देखो, तुम ने तो यहोवा को त्याग दिया है, इस कारण उस ने भी तुम को त्याग दिया। तब लोगों ने उस से द्रोह की गोष्ठी करके, राजा की आज्ञा से यहोवा के भवन के आंगन में उसको पत्थरवाह किया। यों राजा योआश ने वह प्रीति भूलकर जो यहोयादा ने उस से की थी, उसके पुत्रा को घात किया। और मरते समय उस ने कहा यहोवा इस पर दृष्टि करके इसका लेखा ले।
- Psalm 78:36–37 भजन संहिता 78:36–37तौभी उन्हों ने उस से चापलूसी की; वे उस से झूठ बोले। क्योंकि उनका ह्यदय उसकी ओर दृढ़ न था; न वे उसकी वाचा के विषय सच्चे थे।
- Psalm 106:12–13 भजन संहिता 106:12–13तब उनहों ने उसके वचनों का विश्वास किया; और उसकी स्तुति गाने लगे।। परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
- 2 Kings 12:2 2 राजा 12:2और जब तक यहोयादा याजक योआश को शिक्षा देता रहा, तब तक वह वही काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
- Isaiah 29:13 यशायाह 29:13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- Mark 4:16–17 मरकुस 4:16–17और वैसे ही जो पत्थरीली भूमि पर बोए जाते हैं, ये वे हैं, कि जो वचन को सुनकर तुरन्त आनन्द से ग्रहण कर लेते हैं। परन्तु अपने भीतर जड़ न रखते के कारण वे थोड़े भी दिनों के लिये रहते हैं; इस के बाद जब वचन के कारण उन पर क्लेश या उपद्रव होता है, तो वे तुरन्त ठोकर खाते हैं।