2 Kings · chapter 12 · verse 2
2 Kings 12:2 in Hindi
और जब तक यहोयादा याजक योआश को शिक्षा देता रहा, तब तक वह वही काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
Aur jab tak yahoyaadaa yaajak yoaash ko shikshaa detaa rahaa, tab tak vah vahee kaam karataa rahaa jo yahovaa kee drushti mem theek hai.
2 Kings 12:2 in English
- King James Version (KJV)
- And Jehoash did [that which was] right in the sight of the LORD all his days wherein Jehoiada the priest instructed him.
- World English Bible (WEB)
- Jehoash did that which was right in the LORD’s eyes all his days in which Jehoiada the priest instructed him.
- American Standard Version (ASV)
- And Jehoash did that which was right in the eyes of Jehovah all his days wherein Jehoiada the priest instructed him.
- Bible in Basic English (BBE)
- Jehoash did what was right in the eyes of the Lord all his days, because he was guided by the teaching of Jehoiada the priest.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehoash did what was right in the sight of Jehovah, all the days wherein Jehoiada the priest instructed him.
- Webster's Bible (WBS)
- And Jehoash did [that which was] right in the sight of the LORD all his days wherein Jehoiada the priest instructed him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Jehoash doth that which is right in the eyes of Jehovah all his days in which Jehoiada the priest directed him,
Read in context
- 1येहू के सातवें वर्ष में योआश राज्य करने लगा, और यरूशलेम में चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम सिब्या था जो बेश् बा की थी।
- 2और जब तक यहोयादा याजक योआश को शिक्षा देता रहा, तब तक वह वही काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
- 3तौभी ऊंचे स्थान गिराए न गए; प्रजा के लोग तब भी ऊंचे स्थान पर बलि चढ़ाते और धूप जलाते रहे।
- 4और योआश ने याजकों से कहा, पवित्रा की हुई वस्तुओं का जितना रूपया यहोवा के भवन में पहुंचाया जाए, अर्थात् गिने हुए लोगों का रूपया और जितने रूपये के जो कोई योग्य ठहराया जाए, और जितना रूपया जिसकी इच्छा यहोवा के भवन में ले आने की हो,
Cross references
- 2 Chronicles 24:2 2 इतिहास 24:2और जब तक यहोयादा याजक जीवित रहा, तब तक योआश वह काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
- 2 Chronicles 25:2 2 इतिहास 25:2उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है, परन्तु खरे मन से न किया।
- 2 Chronicles 26:4 2 इतिहास 26:4जैसे उसका पिता अमस्याह, किया करता था वैसा ही उसने भी किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था।
- 2 Chronicles 24:17–22 2 इतिहास 24:17–22यहोयादा के मरने के बाद यहूदा के हाकिमों ने राजा के पास जाकर उसे दणडवत की, और राजा ने उनकी मानी। तब वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा का भवन छोड़कर अशेरों और मूरतों की उपासना करने लगे। सो उनके ऐसे दोषी होने के कारण परमेश्वर का क्रोध यहूदा और यरूशलेम पर भड़का। तौभी उस ने उनके पास नबी भेजे कि उनको यहोवा के पास फेर लाएं; और इन्हों ने उन्हें चिता दिया, परन्तु उन्हों ने कान न लगाया। और परमेश्वर का आत्मा यहोयादा याजक के पुत्रा जकर्याह में समा गया, और वह ऊंचे स्थन पर खड़ा होकर लोगों से कहने लगा, परमेश्वर यों कहता है, कि तुम यहोवा की आज्ञाओं को क्यों टालते हो? ऐसा करके तुम भाग्यवान नहीं हो सकते, देखो, तुम ने तो यहोवा को त्याग दिया है, इस कारण उस ने भी तुम को त्याग दिया। तब लोगों ने उस से द्रोह की गोष्ठी करके, राजा की आज्ञा से यहोवा के भवन के आंगन में उसको पत्थरवाह किया। यों राजा योआश ने वह प्रीति भूलकर जो यहोयादा ने उस से की थी, उसके पुत्रा को घात किया। और मरते समय उस ने कहा यहोवा इस पर दृष्टि करके इसका लेखा ले।
- 2 Kings 14:3 2 राजा 14:3उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था तौभी अपने मूल पुरूष दाऊद की नाई न किया; उस ने ठीक अपने पिता योआश के से काम किए।