2 Chronicles · chapter 27 · verse 5
2 Chronicles 27:5 in Hindi
और वह अम्मोनियों के राजा से युठ्ठ करके उन पर प्रबल हो गया। उसी वर्ष अम्मोनियों ने उसको सौ किक्कार चांदी, और दस दस हजार कोर गेहूं और जव दिया। और फिर दूसरे और तीसरे वर्ष में भी उन्हों ने उसे उतना ही दिया।
Aur vah ammoniyom ke raajaa se yuthth karake un par prabal ho gayaa. Usee varsh ammoniyom ne usako sau kikkaar chaandee, aur das das hajaar kor gehoom aur jav diyaa. Aur phir doosare aur teesare varsh mem bhee unhom ne use utanaa hee diyaa.
2 Chronicles 27:5 in English
- King James Version (KJV)
- He fought also with the king of the Ammonites, and prevailed against them. And the children of Ammon gave him the same year an hundred talents of silver, and ten thousand measures of wheat, and ten thousand of barley. So much did the children of Ammon pay unto him, both the second year, and the third.
- World English Bible (WEB)
- He also fought with the king of the children of Ammon, and prevailed against them. The children of Ammon gave him the same year one hundred talents of silver, ten thousand cors of wheat, and ten thousand cors of barley. The children of Ammon also gave that much to him in the second year, and in the third.
- American Standard Version (ASV)
- He fought also with the king of the children of Ammon, and prevailed against them. And the children of Ammon gave him the same year a hundred talents of silver, and ten thousand measures of wheat, and ten thousand of barley. So much did the children of Ammon render unto him, in the second year also, and in the third.
- Bible in Basic English (BBE)
- He went to war with the king of the children of Ammon and overcame them. That year, the children of Ammon gave him a hundred talents of silver, and ten thousand measures of grain and ten thousand measures of barley. And the children of Ammon gave him the same amount the second year and the third.
- Darby Translation (DBY)
- And he fought against the king of the children of Ammon, and overcame them. And the children of Ammon gave him the same year a hundred talents of silver, and ten thousand measures of wheat, and ten thousand of barley. This the children of Ammon brought again to him also in the second year, and in the third.
- Webster's Bible (WBS)
- He fought also with the king of the Ammonites, and prevailed against them. And the children of Ammon gave him the same year a hundred talents of silver, and ten thousand measures of wheat, and ten thousand of barley. So much did the children of Ammon pay to him, both the second year, and the third.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he hath fought with the king of the sons of Ammon, and prevaileth over them, and the sons of Ammon give to him in that year a hundred talents of silver, and ten thousand cors of wheat, and of barley ten thousand; this have the sons of Ammon returned to him both in the second year, and in the third.
Read in context
- 3उसी ने यहोवा के भवन के ऊपरवाले फाटक को बनाया, और ओपेल की शहरपनाह पर बहुत कुछ बनवाया।
- 4फिर उस ने यहूदा के पहाड़ी देश में कई नगर दृढ़ किए, और जंगलों में गढ़ और गुम्मट बनाए।
- 5और वह अम्मोनियों के राजा से युठ्ठ करके उन पर प्रबल हो गया। उसी वर्ष अम्मोनियों ने उसको सौ किक्कार चांदी, और दस दस हजार कोर गेहूं और जव दिया। और फिर दूसरे और तीसरे वर्ष में भी उन्हों ने उसे उतना ही दिया।
- 6यों योताम सामथ हो गया, क्योंकि वह अपने आप को अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख जानकर सीधी चाल चलता था।
- 7योताम के और काम और उसके सब युठ्ठ और उसकी चाल चलन, इन सब बातों का वर्णन इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास में लिखा है।
Cross references
- Judges 11:4–33 न्यायियों 11:4–33और कुछ दिनों के बाद अम्मोनी इस्राएल से लड़ने लगे। जब अम्मोनी इस्राएल से लड़ते थे, तब गिलाद के वृद्ध लोग यिप्तह को तोब देश से ले आने को गए; और यिप्तह से कहा, चलकर हमारा प्रधान हो जा, कि हम अम्मोनियों से लड़ सकें। यिप्तह ने गिलाद के वृद्ध लोगों से कहा, क्या तुम ने मुझ से बैर करके मुझे मेरे पिता के घर से निकाल न दिया था? फिर अब संकट में पड़कर मेरे पास क्यों आए हो? गिलाद के वृद्ध लोगों ने यिप्तह से कहा, इस कारण हम अब तेरी ओर फिरे हैं, कि तू हमारे संग चलकर अम्मोनियों से लड़े; तब तू हमारी ओर से गिलाद के सब निवासियों का प्रधान ठहरेगा। यिप्तह ने गिलाद के वृद्ध लोगों से पूछा, यदि तुम मुझे अम्मोनियों से लड़ने को फिर मेरे घर ले चलो, और यहोवा उन्हें मेरे हाथ कर दे, तो क्या मैं तुम्हारा प्रधान ठहरूंगा? गिलाद के वृद्ध लोगों ने यिप्तह से कहा, निश्चय हम तेरी इस बाते के अनुसार करेंगे; यहोवा हमारे और तेरे बीच में इन वचनों का सुननेवाला है। तब यिप्तह गिलाद के वृद्ध लोगों के संग चला, और लोगों ने उसको अपने ऊपर मुखिया और प्रधान ठहराया; और यिप्तह ने अपनी सब बातें मिस्पा में यहोवा के सम्मुख कह सुनाई।। तब यिप्तह ने अम्मोनियों के राजा के पास दूतों से यह कहला भेजा, कि तुझे मुझ से क्या काम, कि तू मेरे देश में लड़ने को आया है? अम्मोनियों के राजा ने यिप्तह के दूतों से कहा, कारण यह है, कि जब इस्राएली मि से आए, तब अर्नोन से यब्बोक और यरदन तक जो मेरा देश था उसको उन्हों ने छीन लिया; इसलिये अब उसको बिना झगड़ा किए फेर दे। तब यिप्तह ने फिर अम्मोनियों के राजा के पास यह कहने को दूत भेजे, कि यिप्तह तुझ से यों कहता है, कि इस्राएल ने न तो मोआब का देश ले लिया और न अम्मोनियों का, वरन जब वे मि से निकले, और इस्राएली जंगल में होते हुए लाल समुद्र तक चले, और कादेश को आए, तब इस्राएल ने एदोम के राजा के पास दूतों से यह कहला भेजा, कि मुझे अपने देश में होकर जाने दे; और एदोम के राजा ने उनकी न मानी। इसी रीति उस ने मोआब के राजा से भी कहला भेजा, और उस ने भी न माना। इसलिये इस्राएल कादेश में रह गया। तब उस ने जंगल में चलते चलते एदोम और मोआब दोनों देशों के बाहर बाहर घूमकर मोआब देश की पूर्व ओर से आकर अर्नोन के इसी पार अपने डेरे डाले; और मोआब के सिवाने के भीतर न गया, क्योंकि मोआब का सिवाना अर्नोन था। फिर इस्राएल ने एमोरियों के राजा सीहोन के पास जो हेश्बोन का राजा था दूतों से यह कहला भेजा, कि हमें अपने देश में से होकर हमारे स्थान को जाने दे। परन्तु सीहोन ने इस्राएल का इतना विश्वास न किया कि उसे अपने देश में से होकर जाने देता; वरन अपनी सारी प्रजा को इकट्ठी कर अपने डेरे यहस में खड़े करके इस्राएल से लड़ा। और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने सीहोन को सारी प्रजा समेत इस्राएल के हाथ में कर दिया, और उन्हों ने उनको मार लिया; इसलिये इस्राएल उस देश के निवासी एमोरियों के सारे देश का अधिकारी हो गया। अर्थात् वह अनौन से यब्बोक तक और जंगल से ले यरदन तक एमोरियों के सारे देश का अधिकारी हो गया। इसलिये अब इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने अपनी इस्राएली प्रजा के साम्हने से एमोरियों को उनके देश से निकाल दिया है; फिर क्या तू उसका अधिकारी होने पाएगा? क्या तू उसका अधिकारी न होगा, जिसका तेरा कमोश देवता तुझे अधिकारी कर दे? इसी प्रकार से जिन लोगों को हमारा परमेश्वर यहोवा हमारे साम्हने से निकाले, उनके देश के अधिकारी हम होंगे। फिर क्या तू मोआब के राजा सिप्पोर के पुत्रा बालाक से कुछ अच्छा है? क्या उस ने कभी इस्राएलियों से कुछ भी झगड़ा किया? क्या वह उन से कभी लड़ा? जब कि इस्राएल हेश्बोन और उसके गावों में, और अरोएल और उसके गावों में, और अर्नोन के किनारे के सब नगरों में तीन सौ वर्ष से बसा है, तो इतने दिनों में तुम लोगों ने उसको क्यों नहीं छुड़ा लिया? मैं ने तेरा अपराध नहीं किया; तू ही मुझ से युद्ध छेड़कर बुरा व्यवहार करता है; इसलिये यहोवा जो न्यायी है, वह इस्राएलियों और अम्मोनियों के बीच में आज न्याय करे। तौभी अम्मोनियों के राजा ने यिप्तह की ये बातें न मानीं जिनको उस ने कहला भेजा था।। तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया, और वह गिलाद और मनश्शे से होकर गिलाद के मिस्पे में आया, और गिलाद के मिस्पे से होकर अम्मोनियों की ओर चला। और यिप्तह ने यह कहकर यहोवा की मन्नत मानी, कि यदि तू नि:सन्देह अम्मोनियों को मेरे हाथ में कर दे, तो जब मैं कुशल के साथ अम्मोनियों के पास से लौट आऊं तब जो कोई मेरे भेंट के लिये मेरे घर के द्वार से निकले वह यहोवा का ठहरेगा, और मैं उसे होमबलि करके चढ़ाऊंगा। तब यिप्तह अम्मोनियों से लड़ने को उनकी ओर गया; और यहोवा ने उनको उसके हाथ में कर दिया। और वह अरोएर से ले मिन्नीत तक, जो बीस नगर हैं, वरन आबेलकरामीम तक जीतते जीतते उन्हें बहुत बड़ी मार से मारता गया। और अम्मोनी इस्राएलियों से हार गए।।
- 2 Chronicles 20:1 2 इतिहास 20:1इसके बाद मोआबियों और अम्मोनियों ने और उनके साथ कई मूनियों ने युठ्ठ करने के लिये यहोशापात पर चढ़ाई की।
- Jeremiah 49:1–6 यिर्मयाह 49:1–6अम्मोनियों के विषय यहोवा यों कहता है, क्या इस्राएल के पुत्रा नहीं हैं? क्या उसका कोई वारिस नहीं रहा? फिर मल्काम क्यों गाद के देश का अधिकारी हुआ? और उसकी प्रजा क्यों उसके नगरों में बसने पाई है? यहोवा की यह वाणी है, ऐसे दिन आनेवाले हैं, कि मैं अम्मोनियों के रब्बा नाम नगर के विरूद्व युद्व की ललकार सुनवाऊंगा, और वह उजड़कर खण्डहर हो जाएगा, और उसकी बस्तियां फूंक दी जाएंगी; तब जिन लोगों ने इस्राएलियों के देश को अपना लिया है, उनके देश को इस्राएली अपना लेंगे, यहोवा का यही वचन है। हे हेशबोन हाय- हाय कर; क्योंकि ये नगर नाश हो गया। हे रब्बा की बेटियो चिल्लाओ! और कमर में टाट बान्धो, छाती पीटती हुई बाड़ों में इधर उधर दौड़ो! क्योंकि मल्काम अपने याजकों और हाकिमों समेत बंधुआई में जाएगा। हे भटकनेवाली बेटी! तू अपने देश की तराइयों पर, विशेष कर अपने बहुत ही अपजाऊ तराई पर क्यों फूलती है? तू क्यों यह कहकर अपने रखे हुए धन पर भरोसा रखती है, कि मेरे विरूद्व कौन चढ़ाई कर सकेगा? प्रभु सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, देख, मैं तेरे चारों ओर के सब रहनेवालों की ओर से तेरे मन में भय उपजाने पर हूँ, और तेरे लोग अपने अपने साम्हने की ओर ढकेल दिए जाएंगे; और जब वे मारे मारे फिरेंगे, तब कोई उन्हें इकट्ठा न करेगा। परन्तु उसके बाद मैं अम्मोनियों को बंधुआई से लौटा लाऊंगा; यहोवा की यही वाणी है।
- 2 Samuel 10:1–14 2 शमूएल 10:1–14इसके बाद अम्मोनियों का राजा मर गया, और उसका हानून नाम पुत्रा उसके स्थान पर राजा हुआ। तब दाऊद ने यह सोचा, कि जैसे हानून के पिता नाहाश ने मुझ को प्रीति दिखाई थी, वैसे ही मैं भी हानून को प्रीति दिखाऊंगा। तब दाऊद ने अपने कई कर्मचारियों को उसके पास उसके पिता के विषय शान्ति देने के लिये भ्ेज दिया। और दाऊद के कर्मचारी अम्मोनियों के देश में आए। परन्तु अम्मोनियों के हाकिम अपने स्वामी हानून से कहने लगे, दाऊद ने जो तेरे पास शान्ति देनेवाले भेजे हैं, वह क्या तेरी समझ में तेरे पिता का आदर करने की मनसा मे भेजे हैं? क्या दाऊद ने अपने कर्मचारियों को तेरे पास इसी मनसा मे नहीं भेजा कि इस नगर में ढूंढ़ ढांढ़ करके और इसका भेद लेकर इसको उलट दें? इसलिये हानून ने दाऊद के कर्मचारियों को पकडा, और उनकी आधी- आधी डाढ़ी मुड़वाकर और आधे वस्त्रा, अर्थात् नितम्ब तक कटवाकर, उनको जाने दिया। इसका समाचार पाकर दाऊद ने लोगों को उन से मिलने के लिये भेजा, क्योंकि वे बहुत लजाते थे। और राजा ने यह कहा, कि जब तक तुम्हारी डाढ़ियां बढ़ न जाएं तब तक यरीहो में ठहरे रहो, तब लौट आना। जब अम्मानियों ने देखा कि हम से दाऊद अप्रसन्न हैं, तब अम्मोनियों ने बेत्राहोब और सोबा के बीस हजार अरामी प्यादों को, और हजार पुरूषों समेत माका के राजा को, और बारह हज़ार तोबी पुरूषों को, वेतन पर बुलवाया। यह सुनकर दाऊद ने योआब और शूरवीरों की समस्त सेना को भेजा। तब अम्मोनी निकले और फाटक ही के पास पांती बान्धी; और सोबा और रहोब के अरामी और तोब और माका के पूरूष उन से न्यारे मैदान में थे। यह देखकर कि आगे पीछे दोनों ओर हमारे विरूद्व पांति बन्धी है, योआब ने सब बड़े बढ़े इस्राएली वीरों में से बहुतों को छांटकर अरामियों के साम्हने उनकी पांति बन्धाई, और और लोगों को अपने भाई अबीशै के हाथ सौंप दिया, और उस ने अम्मोनियों के साम्हने उनकी पांति बन्धाई। फिर उस ने कहा, यदि अरामी मुझ पर प्रबल होने लगें, तो तू मेरी सहायता करना; और यदि अम्मोनी तुझ पर प्रबल होने लगोंगे, तो मैं आकर तेरी सहायता करूंगा। तू हियाब बान्ध, और हम अपने लोगों और अपने परमेश्वर के नगरों के निमित्त पुरूषार्थ करें; और यहोवा जैसा उसको अच्छा लगे वैसा करे। तब योआब और जो लोग उसके साथ थे अरामियों से युद्व करने को निकट गए; और वे उसके साम्हने से भागे। यह देखकर कि अरामी भाग गए हैं अम्मोनी भी अबीशै के साम्हने से भागकर नगर के भीतर घुसे। तब योआब अम्मोनियों के पास से लौटकर यरूशलेम को आया।
Original words (Hebrew)
- fought · H3898לָחַם lâcham
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Ammonites · H5984עַמּוֹנִי ʻAmmôwnîy
- prevailed · H2388חָזַק châzaq
- children · H1121בֵּן bên
- Ammon · H5983עַמּוֹן ʻAmmôwn
- gave · H5414נָתַן nâthan
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- hundred · H3967מֵאָה mêʼâh
- talents · H3603כִּכָּר kikkâr
- silver · H3701כֶּסֶף keçeph
- ten · H6235עֶשֶׂר ʻeser
- thousand · H505אֶלֶף ʼeleph
- measures · H3734כֹּר kôr
- wheat · H2406חִטָּה chiṭṭâh
- ten · H6235עֶשֶׂר ʻeser
- thousand · H505אֶלֶף ʼeleph
- barley · H8184שְׂעֹרָה sᵉʻôrâh
- children · H1121בֵּן bên
- Ammon · H5983עַמּוֹן ʻAmmôwn
- pay · H7725שׁוּב shûwb
- unto · H2063זֹאת zôʼth
- second · H8145שֵׁנִי shênîy
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- third · H7992שְׁלִישִׁי shᵉlîyshîy