2 Chronicles · chapter 32 · verse 6
2 Chronicles 32:6 in Hindi
तब उस ने प्रजा के ऊपर सेनापति नियुक्त किए और उनको नगर के फाटक के चौक में इकट्ठा किया, और यह कहकर उनको धीरज दिया,
Tab us ne prajaa ke oopar senaapati niyukt kie aur unako nagar ke phaatak ke chauk mem ikatthaa kiyaa, aur yah kahakar unako dheeraj diyaa,
2 Chronicles 32:6 in English
- King James Version (KJV)
- And he set captains of war over the people, and gathered them together to him in the street of the gate of the city, and spake comfortably to them, saying,
- World English Bible (WEB)
- He set captains of war over the people, gathered them together to him in the wide place at the gate of the city, and spoke encouragingly to them, saying,
- American Standard Version (ASV)
- And he set captains of war over the people, and gathered them together to him in the broad place at the gate of the city, and spake comfortably to them, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- And he put war chiefs over the people, and sent for them all to come together to him in the wide place at the doorway into the town, and to give them heart he said to them,
- Darby Translation (DBY)
- And he set captains of war over the people, and assembled them to him on the open place at the gate of the city, and spoke consolingly to them saying,
- Webster's Bible (WBS)
- And he set captains of war over the people, and assembled them to him in the street of the gate of the city, and encouraged them, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he putteth heads of war over the people, and gathereth them unto him, unto the broad place of a gate of the city, and speaketh unto their heart, saying,
Read in context
- 4इस पर बहुत से लोग इकट्ठे हुए, और यह कहकर, कि अश्शूर के राजा क्यों यहां आएं, और आकर बहुत पानी पाएं, उन्होंने सब सोतों को पाट दिया और उस नदी को सुखा दिया जो देश के मध्य होकर बहती थी।
- 5फिर हिजकिरयाह ने हियाव बान्धकर शहरपनाह जहां कहीं टूटी थी, वहां वहां उसको बनवाया, और उसे गुम्मटों के बराबर ऊंचा किया और बाहर एक और शहरपनाह बनवाई, और दाऊदपुर में मिल्लो को दृढ़ किया। और बहुत से तीर और ढालें भी बनवाई।
- 6तब उस ने प्रजा के ऊपर सेनापति नियुक्त किए और उनको नगर के फाटक के चौक में इकट्ठा किया, और यह कहकर उनको धीरज दिया,
- 7कि हियाव बान्धो और दृढ हो तुम न तो अश्शूर के राजा से डरो और न उसके संग की सारी भीड़ से, और न तुम्हारा मन कच्चा हो; क्योंकि जो हमारे साथ है, वह उसके संगियों से बड़ा है।
- 8अर्थात् उसका सहारा तो मतुष्य ही है परन्तु हमारे साथ, हमारी सहायता और हमारी ओर से युठ्ठ करने को हमारा परमेश्वर यहोवा है। इसलिये प्रजा के लोग यहूदा के राजा हिजकिरयाह की बातों पर भरोसा किए रहे।
Cross references
- Isaiah 40:2 यशायाह 40:2यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।।
- 2 Chronicles 30:22 2 इतिहास 30:22और जितने लेवीय यहोवा का भजन बुध्दिमानी के साथ करते थे, उनको हिजकिरयाह ने शान्ति के वचन कहे। इस प्रकार वे मेलबलि चढ़ाकर और अपने पुर्वजों के परमेश्वर यहोवा के सम्मुख पापांगीकार करते रहे और उस नियत पर्व्व के सातों दिन तक खाते रहे।
- Ezra 10:9 एज्रा 10:9तब यहूदा और बिन्यामीन के सब मनुष्य तीन दिन के भीतर यरूशलेम में इकट्ठे हुए; यह नौवें महीने के बीसवें दिन में हुआ; और सब लोग परमेश्वर के भवन के चौक में उस विषय के कारण और झड़ी के मारे कांपते हुए बैठे रहे।
- Nehemiah 8:16 नहेमायाह 8:16सो सब लोग बाहर जाकर डालियां ले आए, और अपने अपने घर की छत पर, और अपने आंगनों में, और परमेश्वर के भवन के आंगनों में, और जलफाटक के चौक में, और एप्रैम के फाटक के चौक में, झोंपड़ियां बना लीं।
- Genesis 34:3 उत्पत्ति 34:3तब उसका मन याकूब की बेटी दीना से लग गया, और उस ने उस कन्या से प्रेम की बातें की, और उस से प्रेम करने लगा।
- 2 Chronicles 17:14–19 2 इतिहास 17:14–19और इनके पितरों के घरानों के अनुसार इनकी यह गिनती थी, अर्थात् यहूदी सहस्रपति तो ये थे, प्रधान अदना जिसके साथ तीन लाख शूरवीर थे, और उसके बाद प्रधान यहोहानान जिसके साथ दो लाख अस्सी हजार पुरूष थे। और इसके बाद जिक्री का पुत्रा अमस्याह, जिस ने अपने को अपनी ही इच्छा से यहोवा को अर्पण किया था, उसके साथ दो लाख शूरवीर थे। फिर बिन्यामीन में से एल्यादा नामक एक शूरवीर जिसके साथ ढाल रखनेवाले दो लाख धनुर्धारी थे। और उसके नीचे यहोजाबाद जिसके साथ युठ्ठ के हथियार बान्धे हुए एक लाख अस्सी हजार पुरूष थे। वे ये हैं, जो राजा की सेवा में लवलीन थे। और ये उन से अलग थे जिन्हें राजा ने सारे यहूदा के गढ़वाले नगरों में ठहरा दिया।
- 1 Chronicles 27:3–34 1 इतिहास 27:3–34वह पेरेस के वंश का था और पहिले महीने में सब सेनापतियों का अधिकारी था। और दूसरे महीने के दल का अधिकारी दोदै नाम एक अहोही था, और उसके दल का प्रधान मिक्लोत था, और उसके दल में चौबीस हजार थे। तीसरे महीने के लिये तीसरा सेनापति यहोयादा याजक का पुत्रा बनायाह था और उसके दल में चौबीस हजार थे। यह वही बनायाह है, जो तीसों शूरों में वीर, और तीसों में श्रेष्ठ भी था; और उसके दल में उसका पुत्रा अम्मीजाबाद था। चौथे महीने के लिये चौथा सेनापति योआब का भाई असाहेल था, और उसके बाद उसका पुत्रा जबद्याह था और उसके दल में चौबीस हजार थे। पांचवें महीने के लिये पांचवां सेनापति यिज्राही शम्हूत था और उसके दल में चौबीस हजार थे। छठवें महीने के लिये छठवां सेनापति तकोई इक्केश का पुत्रा ईरा था और उसके दल में चौबीस हजार थे। सातवें महीने के लिये सातवां सेनापति एप्रैम के वंश का हेलेस पलोनी था और उसके दल में चौबीस हजार थे। आठवें महीने के लिये आठवां सेनापति जेरह के वंश में से हूशाई सिब्बकै था और उसके दल में चौबीस हजार थे। नौवें महीने के लिये नौवां सेनापति बिन्यामीनी अबीएजेर अनातोतवासी था और उसके दल में चौबीस हजार थे। दसवें महीने के लिये दसवां सेनापति जेरही महरै नतोपावासी था और उसके दल में चौबीस हजार थे। ग्यारहवें महीने के लिये ग्यारहवां सेनापति एप्रैम के वंश का बनायाह पिरातोनवासी था और उसके दल में चौबीस हजार थे। बारहवें महीने के लिये बारहवां सेनापति ओत्नीएल के वंश का हेल्दै नतोपावासी था और उसके दल में चौबीस हजार थे। फिर इस्राएली गोत्रों के ये अधिकारी थे: अर्थात् रूबेनियों का प्रधान जिक्री का पुत्रा एलीआज़र; शिमोनियों से माका का पुत्रा शपत्याह। लेवी से कमूएल का पुत्रा हशब्याह; हारून की सन्तान का सादोक। यहूदा का एलीहू नाम दाऊद का एक भाई, इस्साकार से मीकाएल का पुत्रा ओम्नी। जबूलून से ओबद्याह का पुत्रा यिशमायाह, नप्ताली से अज्रीएल का पुत्रा यरीमोत। एप्रैम से अजज्याह का पुत्रा होशे, मनश्शे से आधे गोत्रा का, फ़दायाह का पुत्रा योएल। गिलाद में आधे गोत्रा मनश्शे से जकर्याह का पुत्रा इद्दॊ़, बिन्यामीन से अब्नेर का पुत्रा यासीएल, और दान से यारोहाम का पुत्रा अजरेल, ठहरा। ये ही इस्राएल के गोत्रों के हाकिम थे। परन्तु दाऊद ने उनकी गिनती बीस वर्ष की अवस्था के तीचे न की, क्योंकि यहोवा ने इस्राएल की गिनती आकाश के तारों के बराबर बढ़ाने के लिये कहा था। सरूयाह का पुत्रा योआब गिनती लेने लगा, पर निपटा न सका क्योंकि ईश्वर का क्रोध इस्राएल पर भड़का, और यह गिनती राजा दाऊद के इतिहास में नहीं लिखी गई। फिर अदीएल का पुत्रा अजमावेत राज भण्डारों का अधिकारी था, और देहात और नगरों और गांवों और गढ़ों के भण्डारों का अणिकारी उज्जिरयाह का पुत्रा यहोनातान था। और जो भूमि को जोतकर बोकर खेती करते थे, उनका अधिकारी कलूब का पुत्रा एज्री था। और दाख की बारियों का अधिकारी रामाई शिमी और दाख की बारियों की उपज जो दाखमधु के भण्डारों में रखने के लिये थी, उसका अधिकारी शापामी जब्दी था। ओर नीचे के देश के जलपाई और गूलर के वृक्षों का अधिकारी गदेरी बाल्हानान था और तेल के भण्डारों का अधिकारी योआश था। और शारोन में चरनेवाले गाय- बैलों का अधिकारी शारोनी शित्रौ था और तराइयों के गाय- बैलों का अधिकारी अदलै का पुत्रा शापात था। और ऊंटों का अधिकारी इश्माएली ओबील और गदहियों का अधिकारी मेरोनोतवासी येहदयाह। और भैड़- बकरियों का अधिकारी हग्री याजीज था। ये ही सब राजा दाऊद के धन सम्मत्ति के अधिकारी थे। और दाऊद का भतीजा योनातान एक समझदार मंत्री और शास्त्री था, और किसी हक्मोनी का पुत्रा एहीएल राजपुत्रों के संग रहा करता था। और अहीतोपेल राजा का मंत्री था, और एरेकी हूशै राजा का मित्रा था। और यहीतोपेल के बाद बनायाह का पुत्रा यहोयादा और एरयातार मंत्री ठहराए गए। और राजा का प्रधान सेनापति योआब था।
- Nehemiah 8:1–3 नहेमायाह 8:1–3जब सातवां महीना निकट आया, उस समय सब इस्राएली अपने अपने नगर में थे। तब उन सब लोगों ने एक मन होकर, जलफाटक के साम्हने के चौक में इकट्ठे होकर, बज्रा शास्त्री से कहा, कि मूसा की जो व्यवस्था यहोवा ने इस्राएल को दी थी, उसकी पुस्तक ले आ। तब एज्रा याजक सातवें महीने के पहिले दिन को क्या स्त्री, क्या पुरूष, जितने सुनकर समझ सकते थे, उन सभों के साम्हने व्यवस्था को ले आया। और वह उसकी बातें भोर से दो पहर तक उस चौक के साम्हने जो जलफाटक के साम्हने था, क्या स्त्री, क्या पुरूष और सब समझने वालों को पढ़कर सुनाता रहा; और लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे।