Isaiah · chapter 40 · verse 2
Isaiah 40:2 in Hindi
यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।।
Yarooshalem se shaanti kee baatem kaho; aur us se pukaarakar kaho ki teree kathin sevaa pooree huee hai, tere adharm kaa dand angeekaar kiyaa gayaa hai: yahovaa ke haath se too apane sab paapom kaa doonaa dand paa chukaa hai..
Isaiah 40:2 in English
- King James Version (KJV)
- Speak ye comfortably to Jerusalem, and cry unto her, that her warfare is accomplished, that her iniquity is pardoned: for she hath received of the LORD’s hand double for all her sins.
- World English Bible (WEB)
- “Speak comfortably to Jerusalem, and call out to her that her warfare is accomplished, that her iniquity is pardoned, that she has received of the LORD’s hand double for all her sins.”
- American Standard Version (ASV)
- Speak ye comfortably to Jerusalem; and cry unto her, that her warfare is accomplished, that her iniquity is pardoned, that she hath received of Jehovah’s hand double for all her sins.
- Bible in Basic English (BBE)
- Say kind words to the heart of Jerusalem, crying out to her that her time of trouble is ended, that her punishment is complete; that she has been rewarded by the Lord's hand twice over for all her sins.
- Darby Translation (DBY)
- Speak to the heart of Jerusalem, and cry unto her, that her time of suffering is accomplished, that her iniquity is pardoned; for she hath received of Jehovah's hand double for all her sins.
- Webster's Bible (WBS)
- Speak ye comfortably to Jerusalem, and cry to her, that her warfare is accomplished, that her iniquity is pardoned: for she hath received from the LORD'S hand double for all her sins.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Speak to the heart of Jerusalem, and call to her, That her warfare hath been completed, That accepted hath been her punishment, That she hath received from the hand of Jehovah Double for all her sins.
Read in context
- 1तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति!
- 2यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।।
- 3किसी की पुकार सुनाई देती है, जंगल में यहोवा का मार्ग सुधारो, हमारे परमेश्वर के लिये अराबा में एक राजमार्ग चौरस करो।
- 4हर एक तराई भर दी जाए और हर एक पहाड़ और पहाड़ी गिरा दी जाए; जो टेढ़ा है वह सीधा और जो ऊंचा नीचा है वह चौरस किया जाए।
Cross references
- Zechariah 9:12 जकर्याह 9:12हे आशा धरे हुए बन्दियों! गढ़ की ओर फिरो; मैं आज ही बताता हूं कि मैं तुम को बदले में दूना सुख दूंगा।
- Isaiah 61:7 यशायाह 61:7तुम्हारी नामधराई की सन्ती दूना भाग मिलेगा, अनादर की सन्ती तुम अपने भाग के कारण जयजयकार करोगे; तुम अपने देश में दूने भाग के अधिकारी होगे; और सदा आनन्दित बने रहोगे।।
- Hosea 2:14 होशे 2:14इसलिये देखो, मैं उसे मोहित करके जंगल में ले जाऊंगा, और वहंा उस से शान्ति की बातें कहूंगा।
- Revelation 18:6 प्रकाशितवाक्य 18:6जैसा उस ने तुम्हें दिया है, वैसा ही उस को भर दो, और उसके कामों के अनुसार उसे दो गुणा बदला दो, जिस कटोरे में उस ने भर दिया था उसी में उसके लिये दो गुणा भर दो।
- Jeremiah 33:8–9 यिर्मयाह 33:8–9मैं उन को उनके सारे अधर्म और पाप के काम से शुद्ध करूंगा जो उन्होंने मेरे विरुद्ध किए हैं; और उन्होंने जितने अधर्म और अपराध के काम मेरे विरुद्ध किए हैं, उन सब को मैं क्षमा करूंगा। क्योंकि वे वह सब भलाई के काम सुनेंगे जो मैं उनके लिये करूंगा और वे सब कल्याण और शान्ति की चर्चा सुनकर जो मैं उन से करूंगा, डरेंगे और थरथराएंगे; वे पृथ्वी की उन जातियों की दृष्टि में मेरे लिये हर्षाने वाले और स्तुति और शोभा का कारण हो जाएंगे।
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Jeremiah 16:18 यिर्मयाह 16:18क्योंकि उन्हों ने मेरे देश को अपनी घृणित वस्तुओं की लोथों से अशुठ्ठ किया, और मेरे निज भाग को अपनी अशुठ्ठता से भर दिया है।
- Isaiah 44:22 यशायाह 44:22मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है।।
- Song of Solomon 2:11–13 श्रेष्ठगीत 2:11–13क्योंकि देख, जाड़ा जाता रहा; वर्षा भी हो चुकी और जाती रही है। पृथ्वी पर फूल दिखाई देते हैं, चिड़ियों के गाने का समय आ पहुंचा है, और हमारे देश में पिन्डुक का शब्द सुनाई देता है। अंजीर पकने लगे हैं, और दाखलताएं फूल रही हैं; वे सुगन्ध दे रही हैं। हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुन्दरी, उठकर चली आ।
- Jeremiah 29:11 यिर्मयाह 29:11क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।
- Isaiah 35:4 यशायाह 35:4घबरानेवालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।।
- Habakkuk 2:3 हबक्कूक 2:3क्योंकि इस दर्शन की बात नियत समय में पूरी होनेवाली है, वरन इसके पूरे होने के समय वेग से आता है; इस में धोखा न होगा। चाहे इस में विलम्ब भी हो, तौीाी उसकी बाट जाहते रहना; क्योंकि वह निश्चय पूरी होगी और उस में देन न होगी।
Original words (Hebrew)
- Speak · H1696דָבַר dâbar
- comfortably · H3820לֵב lêb
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- cry · H7121קָרָא qârâʼ
- warfare · H6635צָבָא tsâbâʼ
- accomplished · H4390מָלֵא mâlêʼ
- iniquity · H5771עָוֺן ʻâvôn
- pardoned · H7521רָצָה râtsâh
- received · H3947לָקַח lâqach
- hand · H3027יָד yâd
- double · H3718כֶּפֶל kephel
- sins · H2403חַטָּאָה chaṭṭâʼâh