2 Chronicles · chapter 33 · verse 15
2 Chronicles 33:15 in Hindi
फिर उस ने पराये देवताओं को और यहोवा के भवन में की मूर्त्ति को, और जितनी वेदियां उस ने यहोवा के भवन के पर्वत पर, और यरूशलेम में बनवाई थीं, उन सब को दूर करके नगर से बाहर फेंकवा दिया।
Phir us ne paraaye devataaom ko aur yahovaa ke bhavan mem kee moortti ko, aur jitanee vediyaam us ne yahovaa ke bhavan ke parvat par, aur yarooshalem mem banavaaee theem, un sab ko door karake nagar se baahar phenkavaa diyaa.
2 Chronicles 33:15 in English
- King James Version (KJV)
- And he took away the strange gods, and the idol out of the house of the LORD, and all the altars that he had built in the mount of the house of the LORD, and in Jerusalem, and cast [them] out of the city.
- World English Bible (WEB)
- He took away the foreign gods and the idol out of the LORD’s house, and all the altars that he had built in the mountain of the LORD’s house and in Jerusalem, and cast them out of the city.
- American Standard Version (ASV)
- And he took away the foreign gods, and the idol out of the house of Jehovah, and all the altars that he had built in the mount of the house of Jehovah, and in Jerusalem, and cast them out of the city.
- Bible in Basic English (BBE)
- He took away the strange gods and the image out of the house of the Lord, and all the altars he had put up on the hill of the Lord's house and in Jerusalem, and put them out of the town.
- Darby Translation (DBY)
- And he removed the strange gods, and the idol out of the house of Jehovah, and all the altars that he had built on the mount of the house of Jehovah and in Jerusalem, and cast [them] out of the city.
- Webster's Bible (WBS)
- And he took away the strange gods, and the idol out of the house of the LORD, and all the altars that he had built in the mount of the house of the LORD, and in Jerusalem, and cast [them] out of the city.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he turneth aside the gods of the stranger, and the idol, out of the house of Jehovah, and all the altars that he had built in the mount of the house of Jehovah and in Jerusalem, and casteth [them] to the outside of the city.
Read in context
- 13तब उस ने प्रसन्न होकर उसकी बिनती सुनी, और उसको यरूशलेम में पहुंचाकर उसका राज्य लौटा दिया। तब मनश्शे को निश्चय हो गया कि यहोवा ही परमेश्वर है।
- 14इसके बाद उस ने दाऊदमुर से बाहर गीहोन के पश्चिम की ओर नाले में मच्छली फाटक तक एक शहरपनाह बनवाई, फिर ओपेल को घेरकर बहुत ऊंचा कर दिया; और यहूदा के सब गढ़वाले नगरों में सेनापति ठहरा दिए।
- 15फिर उस ने पराये देवताओं को और यहोवा के भवन में की मूर्त्ति को, और जितनी वेदियां उस ने यहोवा के भवन के पर्वत पर, और यरूशलेम में बनवाई थीं, उन सब को दूर करके नगर से बाहर फेंकवा दिया।
- 16तब उस ने यहोवा की वेदी की मरम्मत की, और उस पर मेलबलि और धन्यवादबलि चढ़ाने लगा, और यहूदियों को इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की उपासना करते की आज्ञा दी।
- 17तौभी प्रजा के लोग ऊंचे स्थानों पर बलिदान करते रहे, परन्तु केवल अपने परमेश्वर यहोवा के लिये।
Cross references
- 2 Chronicles 33:3–7 2 इतिहास 33:3–7उस ने उन ऊंचे स्थानों को जिन्हें उसके पिता हिजकिरयाह ने तोड़ दिया था, फिर बनाया, और बाल नाम देवताओं के लिये वेदियां ओर अशेरा नाम मूरतें बनाई, और आकाश के सारे गण को दणडवत करता, और उनकी उपासना करता रहा। और उस ने यहोवा के उस भवन मे वेदियां बनाई जिसके विषय यहोवा ने कहा था कि यरूशलेम में मेरा नाम सदा बना रहेगा। वरन यहोवा के भवन के दोनों आंगनों में भी उस ने आकाश के सारे गण के लिये वेदियां बनाई। फिर उस ने हिन्नोम के बेटे की तराई में अपने लड़केबालों को होम करके चढ़ाया, और शुभ- अशुभ मुहूत को मानता, और टोना और तंत्रा- मंत्रा करता, और ओझों और भूतसिध्दिवालों से व्यवहार करता था। वरन उस ने ऐसे बहुत से काम किए, जो यहोवा की दृष्टि में बुरे हैं और जिन से वह अप्रसन्न होता है। और उस ने अपनी खुदवाई हुई मूर्त्ति परमेश्वर के उस भवन में स्थापन की जिसके विषय परमेश्वर ने दाऊद और उसके पुत्रा सुलैमान से कहा था, कि इस भवन में, और यरूशलेम में, जिसको मैं ने इस्राएल के सब गोत्रों में से चुन लिया है मैं आना नाम सर्वदा रखूंगा,
- Matthew 3:8 मत्ती 3:8सो मन फिराव के योग्य फल लाओ।
- 2 Kings 21:7 2 राजा 21:7और अशेरा की जो मूरत उस ने खुदवाई, उसको उस ने उस भवन में स्थापित किया, जिसके विषय यहोवा ने दाऊद और उसके पुत्रा सुलैमान से कहा था, कि इस भवन में और यरूशलेम में, जिसको मैं ने इस्राएल के सब गोत्रों में से चुन लिया है, मैं सदैव अपना नाम रखूंगा।
- Isaiah 2:17–21 यशायाह 2:17–21और मनुष्य का गर्व मिटाया जाएगा, और मनुष्यों का घमण्ड नीचा किया जाएगा; और उस दिन केवल यहोवा ही ऊंचे पर विराजमान रहेगा। और मूरतें सब की सब नष्ट हो जाएंगी। और जब यहोवा पृथ्वी के कम्पित करने के लिये उठेगा, तब उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे लोग चट्टानों की गुुफाओं और भूमि के बिलों में जा घुसेंगे।। उस दिन लोग अपनी चान्दी- सोने की मूरतों को जिन्हें उन्हों ने दण्डवत् करने के लिये बनाया था, छछून्दरों और चमगीदड़ों के आगे फेंकेंगे, और जब यहोवा पृथ्वी को कम्पित करने के लिये उठेगा तब वे उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टानों की दरारों ओर पहाड़ियों के छेदों में घुसेंगे।
- Ezekiel 18:20–22 यहेजकेल 18:20–22जो प्राणी पाप करे वही मरेगा, न तो पुत्रा पिता के अधर्म का भार उठाएगा और न पिता पुत्रा का; धम को अपने ही धर्म का फल, और दुष्ट को अपनी ही दुष्टता का फल मिलेगा। परन्तु यदि दुष्ट जन अपने सब पापों से फिरकर, मेरी सब विधियों का पालन करे और न्याय और धर्म के काम करे, तो वह न मरेगा; वरन जीवित ही रहेगा। उस ने जितने अपराध किए हों, उन में से किसी का स्मरण उसके विरूद्ध न किया जाएगा; जो धर्म का काम उस ने किया हो, उसके कारण वह जीवित रहेगा।
- Hosea 14:1–3 होशे 14:1–3हे इस्राएल, अपने परमेश्वर यहोवा के पास लौट आ, क्योंकि तू ने अपने अधर्म के कारण ठोकर खाई है। बातें सीखकर और यहोवा की ओर फिरकर, उस से कह, सब अधर्म दूर कर; अनुग्रह से हम को ग्रहण कर; तब हम धन्यवाद रूपी बलि चढ़ाएंगे। अश्शूर हमारा उद्धार न करेगा, हम घोड़ों पर सवार न होंगे; और न हम फिर अपनी बनाई हुई वस्तुओं से कहेंगे, तुम हमारे ईश्वर हो; क्योंकि अनाथ पर तू ही दया करता है।।
Original words (Hebrew)
- away · H5493סוּר çûwr
- strange · H5236נֵכָר nêkâr
- gods · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- idol · H5566סֶמֶל çemel
- house · H1004בַּיִת bayith
- altars · H4196מִזְבֵּחַ mizbêach
- built · H1129בָּנָה bânâh
- mount · H2022הַר har
- house · H1004בַּיִת bayith
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- cast · H7993שָׁלַךְ shâlak
- out · H2351חוּץ chûwts
- city · H5892עִיר ʻîyr