2 Chronicles · chapter 35 · verse 3
2 Chronicles 35:3 in Hindi
फिर लेवीय जो सब इस्राएल लियों को सिखाते और यहोवा के लिये पवित्रा ठहरे थे, उन से उस ने कहा, तुम पवित्रा सन्दूक को उस भवन में रखो जो दाऊद के पुत्रा इस्राएल के राजा सुलैमान ने बनवाया था; अब तुम को कन्धों पर बोझ उठाना न होगा। अब अपने परमेश्वर यहोवा की और उसकी प्रजा इस्राएल की सेवा करो।
Phir leveey jo sab israael liyom ko sikhaate aur yahovaa ke liye pavitraa thahare the, un se us ne kahaa, tum pavitraa sandook ko us bhavan mem rakho jo daaood ke putraa israael ke raajaa sulaimaan ne banavaayaa thaa; ab tum ko kandhom par bojh uthaanaa na hogaa. Ab apane parameshvar yahovaa kee aur usakee prajaa israael kee sevaa karo.
2 Chronicles 35:3 in English
- King James Version (KJV)
- And said unto the Levites that taught all Israel, which were holy unto the LORD, Put the holy ark in the house which Solomon the son of David king of Israel did build; [it shall] not [be] a burden upon [your] shoulders: serve now the LORD your God, and his people Israel,
- World English Bible (WEB)
- He said to the Levites who taught all Israel, who were holy to the LORD, “Put the holy ark in the house which Solomon the son of David king of Israel built. It will no longer be a burden on your shoulders. Now serve the LORD your God and his people Israel.
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto the Levites that taught all Israel, that were holy unto Jehovah, Put the holy ark in the house which Solomon the son of David king of Israel did build; there shall no more be a burden upon your shoulders. Now serve Jehovah your God, and his people Israel;
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to the Levites, the teachers of all Israel, who were holy to the Lord, See, the holy ark is in the house which Solomon, the son of David, king of Israel, made; it will no longer have to be transported on your backs: now be the servants of the Lord your God and his people Israel,
- Darby Translation (DBY)
- And he said to the Levites, that taught all Israel, [and] who were holy to Jehovah, Put the holy ark in the house that Solomon the son of David, king of Israel, built; ye have not to carry it upon your shoulders. Serve now Jehovah your God, and his people Israel;
- Webster's Bible (WBS)
- And said to the Levites that taught all Israel, who were holy to the LORD, Put the holy ark in the house which Solomon the son of David king of Israel built; [it shall] not [be] a burden upon [your] shoulders: serve now the LORD your God, and his people Israel,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and saith to the Levites — who are teaching all Israel — who are sanctified to Jehovah, 'Put the holy ark in the house that Solomon son of David king of Israel built; it is not to you a burden on the shoulder. 'Now, serve Jehovah your God, and His people Israel,
Read in context
- 1और योशिरयाह ने यरूशलेम में यहोवा के लिये फसह पर्व माना और पहिले महीने के चौदहवें दिन को फसह का पशु बलि किया गया।
- 2और उस ने याजकों को अपने अपने काम में ठहराया, और यहोवा के भवन में की सेवा करने को उनका हियाब बन्धाया।
- 3फिर लेवीय जो सब इस्राएल लियों को सिखाते और यहोवा के लिये पवित्रा ठहरे थे, उन से उस ने कहा, तुम पवित्रा सन्दूक को उस भवन में रखो जो दाऊद के पुत्रा इस्राएल के राजा सुलैमान ने बनवाया था; अब तुम को कन्धों पर बोझ उठाना न होगा। अब अपने परमेश्वर यहोवा की और उसकी प्रजा इस्राएल की सेवा करो।
- 4और इस्राएल के राजा दाऊद और उसके पुत्रा सुलैमान दोनों की लिखी हुई विधियों के अनुसार, अपने अपने पितरों के अनुसार, अपने अपने दल में तैयार रहो।
- 5और तुम्हारे भाई लोगों के पितरों के घरानों के भागों के अनुसार पवित्रास्थान में खड़े रहो, अर्थात् उनके एक भाग के लिये लेवियों के एक एक पितर के घराने का एक भाग हो।
Cross references
- 1 Chronicles 23:26 1 इतिहास 23:26और लेवियों को निवास और उस की उपासना का सामान फिर उठाना न पड़ेगा।
- 2 Chronicles 17:8–9 2 इतिहास 17:8–9और उनके साथ शमायाह, नतन्याह, जबद्याह, असाहेल, शमीरामोत, यहोनातान, अदोनिरयाह, तोबिरयाह और तोबदोनिरयाह, नाम लेवीय और उनके संग एलीशामा और यहोराम नामक याजक थे। सो उन्हों ने यहोवा की रयवस्था की पुस्तक अपने साथ लिये हुए यहूदा में शिक्षा दी, वरन वे यहूदा के सब नगरों में प्रजा को सिखाते हुए घूमे।
- 2 Chronicles 30:22 2 इतिहास 30:22और जितने लेवीय यहोवा का भजन बुध्दिमानी के साथ करते थे, उनको हिजकिरयाह ने शान्ति के वचन कहे। इस प्रकार वे मेलबलि चढ़ाकर और अपने पुर्वजों के परमेश्वर यहोवा के सम्मुख पापांगीकार करते रहे और उस नियत पर्व्व के सातों दिन तक खाते रहे।
- Deuteronomy 33:10 व्यवस्थाविवरण 33:10वे याकूब को तेरे नियम, और इस्राएल को तेरी व्यवस्था सिखाएंगे; और तेरे आगे धूप और तेरी वेदी पर सर्वांग पशु को होमबलि करेंगे।।
- Malachi 2:7 मलाकी 2:7क्योंकि याजक को चाहिये कि वह अपने आंठों से ज्ञान की रक्षा करे, और लोग उसके मुंह से व्यवस्था पूछें, क्योंकि वह सेनाओं के यहोवा का दूत है।
- 2 Chronicles 5:7 2 इतिहास 5:7तब याजकों ने यहोवा की वाचा का सनदूक उसके स्थान में, अर्थात् भवन की भीतरी कोठरी में जो परमपवित्रा स्थान है, पहंचाकर, करूबों के पंखों के तले रख दिया।
- Numbers 16:9–10 गिनती 16:9–10क्या यह तुम्हें छोटी बात जान पड़ती है, कि इस्त्राएल के परमेश्वर ने तुम को इस्त्राएल की मण्डली से अलग करके अपने निवास की सेवकाई करने, और मण्डली के साम्हने खड़े होकर उसकी भी सेवा टहल करने के लिये अपने समीप बुला लिया है; और तुझे और तेरे सब लेवी भाइयों को भी अपने समीप बुला लिया है? फिर भी तुम याजक पद के भी खोजी हो?
- 2 Corinthians 4:5 2 कुरिन्थियों 4:5क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
- 2 Chronicles 8:11 2 इतिहास 8:11फिर सुलैमान फ़िरौन की बेटी को दाऊदपुर में से उस भवन में ले आया जो उस ने उसके लिये बनाया था, क्योंकि उस ने कहा, कि जिस जिस स्थान में यहोवा का सन्दूक आया है, वह पवित्रा है, इसलिये मेरी रानी इस्राएल के राजा दाऊद के भवन में न रहने पाएगी।
- Numbers 8:19 गिनती 8:19उन्हे लेकर मै ने हारून और उसके पुत्रों को इस्त्राएलियों में से दान करके दे दिया है, कि वे मिलापवाले तम्बू में इस्त्राएलियों के निमित्त सेवकाई और प्रायश्चित्त किया करें, कहीं ऐसा न हो कि जब इस्त्राएली पवित्रास्थान के समीप आएं तब उन पर कोई महाविपत्ति आ पड़े।
- 2 Chronicles 34:14 2 इतिहास 34:14जब वे उस रूपये को जो यहोवा के भवन में पहुंचाया गया था, निकाल रहे थे, तब हिल्किरयाह याजक को मूसा के द्वारा दी हुई यहोवा की व्यवस्था की पुस्तक मिली।
- Numbers 4:15–49 गिनती 4:15–49और जब हारून और उसके पुत्रा छावनी के कूच के समय पवित्रास्थान और उसके सारे सामान को ढंाप चुकें, तब उसके बाद कहाती उसके उठाने के लिये आएं, पर किसी पवित्रा वस्तु को न छुएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं। कहातियों के उठाने के लिये मिलापवाले तम्बू की ये ही वस्तुएं हैं। और जो वस्तुएं हारून याजक के पुत्रा एलीजार को रक्षा के लिये सौंपी जाएं वे ये हैं, अर्थात् उजियाला देने के लिये तेल, और सुगन्धित धूप, और नित्य अन्नबलि, और अभिषेक का तेल, और सारे निवास, और उस में की सब वस्तुएं, और पवित्रास्थान और उसके कुल समान।। फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, कहातियों के कुलों के गोत्रियों को लेवियों में से नाश न होने देना; उसके साथ ऐसा करो, कि जब वे परमपवित्रा वस्तुओं के समीप आएं तब न मरें परन्तु जीवित रहें; अर्थात् हारून और उसके पुत्रा भीतर आकर एक एक के लिये उसकी सेवकाई और उसका भार ठहरा दें, और वे पवित्रा वस्तुओं के देखने को क्षण भर के लिये भी भीतर आने न पाएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं।। फिर यहोवा ने मूसा से कहा, गेर्शोनियों की भी गिनती उनके पितरों के घरानों और कुलों के अनुसार कर; तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावाले, जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने को सेना में भरती हों उन सभों को गिन ले। सेवा करने और भार उठाने में गेर्शोनियों के कुलवालों की यह सेवकाई हो; अर्थात् वे निवास के पटों, और मिलापवाले तम्बू और उसके ओहार, और इसके ऊपरवाले सूइसों की खालों के ओहार, और मिलापवाले तम्बू के द्वार के पर्दे, और निवास, और वेदी की चारों ओर के आंगन के पर्दों, और आंगन के द्वार के पर्दे, और उनकी डोरियों, और उन में बरतने के सारे सामान, इन सभों को वे उठाया करें; और इन वस्तुओं से जितना काम होता है वह सब भी उनकी सेवकाई में आए। और गेर्शोनियों के वंश की सारी सेवकाई हारून और उसके पुत्रों के कहने से हुआ करे, अर्थात् जो कुछ उनको उठाना, और जो जो सेवकाई उनको करनी हो, उनका सारा भार तुम ही उन्हें सौपा करो। मिलापवाले तम्बू में गेर्शोनियों के कुलों की यही सेवकाई ठहरे; और उन पर हारून याजक का पुत्रा ईतामार अधिकार रखे।। फिर मरारियों को भी तू उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लें; तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवा करने को सेना में भरती हों, उन सभों को गिन ले। और मिलापवाले तम्बू में की जिन वस्तुओं के उठाने की सेवकाई उनको मिले वे ये हों, अर्थात् निवास के तख्ते, बेड़े, खम्भे, और कुर्सियां, और चारों ओर आंगन के खम्भे, और इनकी कुर्सियां, खूंटे, डोरियां, और भांति भांति के बरतने का सारा सामान; और जो जो सामान ढ़ोने के लिये उनको सौपा जाए उस में से एक एक वस्तु का नाम लेकर तुम गिन दो। मरारियों के कुलों की सारी सेवकाई जो उन्हें मिलापवाले तम्बू के विषय करनी होगी वह यही है; वह हारून याजक के पुत्रा ईतामार के अधिकार में रहे।। तब मूसा और हारून और मण्डली के प्रधानों ने कहातियों के वंश को, उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार, तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष की अवस्था के, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने को सेना में भरती हुए थे, उन सभों को गिन लिया; और जो अपने अपने कुल के अनुसार गिने गए वे दो हजार साढ़े सात सौ थे। कहातियों के कुलों में से जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने वाले गिने गए वे इतने ही थे; जो आज्ञा यहोवा ने मूसा के द्वारा दी थी उसी के अनुसार मूसा और हारून ने इनको गिन लिया।। और गेर्शोनियों में से जो अपने कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिने गए, अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्था के, जो मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने को सेना में भरती हुए थे, उनकी गिनती उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार दो हजार छ: सौ तीस थी। गेर्शोनियों के कुलों में से जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करनेवाले गिने गए वे इतने ही थे; यहोवा की आज्ञा के अनुसार मूसा और हारून ने इनको गिन लिया।। फिर मरारियों के कुलों में से जो अपने कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिने गए, अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्था के, जो मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने को सेना में भरती हुए थे, उनकी गिनती उनके कुलों के अनुसार तीन हजार दो सौ थी। मरारियों के कुलों में से जिनको मूसा और हारून ने, यहोवा की उस आज्ञा के अनुसार जो मूसा के द्वारा मिली थी, गिन लिया वे इतने ही थे।। लेवियों में से जिनको मूसा और हारून और इस्त्राएली प्रधानों ने उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लिया, अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने का बोझ उठाने का काम करने को हाजिर होने वाले थे, उन सभों की गिनती आठ हजार पांच सौ अस्सी थी। ये अपनी अपनी सेवा और बोझ ढ़ोने के अनुसार यहोवा के कहने पर गए। जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी उसी के अनुसार वे गिने गए।।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- taught · H995בִּין bîyn
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- holy · H6918קָדוֹשׁ qâdôwsh
- Put · H5414נָתַן nâthan
- holy · H6944קֹדֶשׁ qôdesh
- ark · H727אָרוֹן ʼârôwn
- house · H1004בַּיִת bayith
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- son · H1121בֵּן bên
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- build · H1129בָּנָה bânâh
- burden · H4853מַשָּׂא massâʼ
- shoulders · H3802כָּתֵף kâthêph
- serve · H5647עָבַד ʻâbad
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- people · H5971עַם ʻam
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl