2 Chronicles · chapter 5 · verse 11
2 Chronicles 5:11 in Hindi
जब याजक पवित्रास्थान से निकले ( जितने याजक उपस्थित थे, उन सभों ने तो अपने अपने को पवित्रा किया था, और अलग अलग दलों में होकर सेवा न करते थे;
Jab yaajak pavitraasthaan se nikale ( jitane yaajak upasthit the, un sabhom ne to apane apane ko pavitraa kiyaa thaa, aur alag alag dalom mem hokar sevaa na karate the;
2 Chronicles 5:11 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, when the priests were come out of the holy [place:] (for all the priests [that were] present were sanctified, [and] did not [then] wait by course:
- World English Bible (WEB)
- When the priests had come out of the holy place (for all the priests who were present had sanctified themselves, and didn’t keep their divisions;
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass, when the priests were come out of the holy place (for all the priests that were present had sanctified themselves, and did not keep their courses;
- Bible in Basic English (BBE)
- Now when the priests had come out of the holy place, (for all the priests who were present had made themselves holy, not keeping to their divisions;
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass when the priests were come out of the holy place (for all the priests that were present were hallowed without observing the courses;
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, when the priests had come out of the holy [place] : (for all the priests [that were] present were sanctified, [and] did not [then] wait by course:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it cometh to pass, in the going out of the priests from the sanctuary — for all the priests who are present have sanctified themselves, there is none to watch by courses,
Read in context
- 9डणडे तो इतने लम्बे थे, कि उनके सिरे सन्दूक से निकले हुए भीतरी कोठरी के साम्हने देख पड़ते थे, परन्तु बाहर से वे दिखई न पड़ते थे। वे आज के दिन तक वहीं हैं।
- 10सन्दूक में पत्थ्र की उन दो पटियाओं को छोड़ कुछ न था, जिन्हें मूसा ने होरेब में उसके भीतर उस समय रखा, जब यहोवा ने इस्राएलियों के मिस्र से निकलने के बाद उनके साथ वाचा बान्धी थी।
- 11जब याजक पवित्रास्थान से निकले ( जितने याजक उपस्थित थे, उन सभों ने तो अपने अपने को पवित्रा किया था, और अलग अलग दलों में होकर सेवा न करते थे;
- 12और जितने लेवीय गवैये थे, वे सब के सब अर्थात् मुत्रों और भइयों समेत आसाप, हेमान और यदूतून सन के वस्त्रा पहिने झांझ, सारंगियां और वीणाएं लिये हुए, वेदी के पूर्व अलंग में खड़े थे, और उनके साथ एक सौ बीस याजक तुरहियां बजा रहे थे।)
- 13तो जब तुरहियां बजानेवाले और गानेवाले एक स्वर से यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, और तुरहियां, झांझ आदि बाजे बजाते हुए यहोवा की यह स्तुति ऊंचे शब्द से करने लगे, कि वह भला है और उसकी करूणा सदा की है, तब यहोवा के भवन मे बादल छा गया,
Cross references
- 2 Chronicles 35:4 2 इतिहास 35:4और इस्राएल के राजा दाऊद और उसके पुत्रा सुलैमान दोनों की लिखी हुई विधियों के अनुसार, अपने अपने पितरों के अनुसार, अपने अपने दल में तैयार रहो।
- 2 Chronicles 29:5 2 इतिहास 29:5और उन से कहने लगा, हे लेवियो मेरी सुनो! अब अपने अपने को पवित्रा करो, और अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा के भवन को पवित्रा करो, और पवित्रास्थान में से मैल निकालो।
- 2 Chronicles 30:17–20 2 इतिहास 30:17–20क्योंकि सभा में बहुते ऐसे थे जिन्हों ने अपने को पवित्रा न किया था; इसलिये सब अशुठ्ठ लोगों के फसह के पशुओं को बलि करने का अधिकार लेवियों को दिया गया, कि उनको यहोवा के लिये पवित्रा करें। बहुत से लोगों ने अर्थात् एप्रैम, मनश्शे, इस्साकार और जबूलून में से बहुतों ने अपने को शुठ्ठ नहीं किया था, तौभी वे फसह के पशु का मांस लिखी हुई विधि के विरूद्ध खाते थे। क्योंकी हिजकिरयाह ने उनके लिये यह प्रार्थना की थी, कि यहोवा जो भला है, वह उन सभों के पाप ढांप दे; जो परमेश्वर की अर्थात् अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज में मन लगाए हुए हैं, चाहे वे पवित्रास्थान की विधि के अनुसार शुठ्ठ न भी हों। और यहोवा ने हिजकिरयाह की यह प्रार्थन सुनकर लोगों को चंगा किया।
- Job 1:5 अय्यूब 1:5और जब जब जेवनार के दिन पूरे हो जाते, तब तब अरयूब उन्हें बुलवाकर पवित्रा करता, और बड़ी भोर उठकर उनकी गिनती के अनुसार होमबलि चढ़ाता था; क्योंकि अरयूब सोचता था, कि कदाचित् मेरे लड़कों ने पाप करके परमेश्वर को छोड़ दिया हो। इसी रीति अरयूब सदैव किया करता था।
- 1 Chronicles 24:1–31 1 इतिहास 24:1–31फिर हारून की सन्तान के दल ये थे। हारून के पुत्र तो नादाब, अबीहू, एलीआजर और ईतामार थे। परन्तु नादाब और अबीहू अपने पिता के साम्हने पुत्रहीन मर गए, इस लिये याजक का काम एलीआजर और ईतामार करते थे। और दाऊद ने एलीआजर के वंश के सादोक और ईतामार के वंश के अहांमेलेक की सहायता से उन को अपनी अपनी सेवा के अनुसार दल दल कर के बांट दिया। और एलीआजर के वंश के मुख्य पुरुष, ईतामार के वंश के मुख्य पुरुषों से अधिक थे, और वे यों बांटे गए अर्थात एलीआजर के वंश के पितरों के घरानों के सोलह, और ईतामार के वंश के पितरों के घरानों के आठ मुख्य पुरुष थे। तब वे चिट्ठी डाल कर बराबर बराबर बांटे गए, क्योंकि एलीआजर और ईतामार दोनों के वंशों में पवित्रस्थान के हाकिम और परमेश्वर के हाकिम नियुक्त हुए थे। और नतनेल के पुत्र शमायाह ने जो लेवीय था, उनके नाम राजा और हाकिमों और सादोक याजक, और एब्यातार के पुत्र अहीमेलेक और याजकों और लेवियों के पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों के साम्हने लिखे; अर्थात पितरों का एक घराना तो एलीआजर के वंश में से और एक ईतामार के वंश में से लिया गया। पहिली चिट्ठी तो यहोयारीब के, और दूसरी यदायाह, तीसरी हारीम के, चौथी सोरीम के, पांचवीं मल्किय्याह के, छठवीं मिय्यामीन के, सातवीं हक्कोस के, आठवीं अबिय्याह के, नौवीं येशू के, दसवीं शकन्याह के, ग्यारहवीं एल्याशीब के, बारहवीं याकीम के, तेरहवीं हुप्पा के, चौदहवीं येसेबाब के, पन्द्रहवीं बिल्गा के, सोलहवीं इम्मेर के, सतरहवीं हेजीर के, अठारहवीं हप्पित्सेस के, उन्नीसवीं पतह्याह के, बीसवीं यहेजकेल के, इक्कीसवीं याकीन के, बाईसवीं गामूल के, तेईसवीं दलायाह के, और चौबीसवीं साज्याह के नाम पर निकलीं। उनकी सेवकाई के लिये उनका यही नियम ठहराया गया कि वे अपने उस नियम के अनुसार जो इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार उनके मूलपुरुष हारून ने चलाया था, यहोवा के भवन में जाया करें। बचे हुए लेवियों में से अम्राम के वंश में से शूबाएल, शूबाएल के वंश में से येहदयाह। बचा रहब्याह, सोरहब्याह, के वंश में से यिश्शिय्याह मुख्य था। इसहारियों में से शलोमोत और हालोमोत के वंश में से यहत। और हेब्रोन के वंश में से मुख्य तो यरिय्याह, दूसरा अमर्याह, तीसरा यहजीएल, और चौथा यकमाम। उज्जीएल के वंश में से मीका और मीका के वंश में से शामीर। मीका का भाई यिश्शिय्याह, यिश्शिय्याह के वंश में से जकर्याह। मरारी के पुत्र महली और मूशी और याजिय्याह का पुत्र बिनो था। मरारी के पुत्र: याजिय्याह से बिनो और शोहम, जक्कू और इब्री थे। महली से, एलीआजर जिसके कोई पुत्र न था। कीश से कीश के वंश में यरह्योल। और मूशी के पुत्र, महली, एदेर और यरीमोत। अपने अपने पितरो के घरानों के अनुसार ये ही लेवीय सन्तान के थे। इन्होंने भी अपने भाई हारून की सन्तानों की नाईं दाऊद राजा और सादोक और अहीमेलेक और याजकों और लेवियों के पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों के साम्हने चिट्ठियां डालीं, अर्थात मुख्य पुरुष के पितरों का घराना उसके छोटे भाई के पितरों के घराने के बराबर ठहरा।
- Exodus 19:10 निर्गमन 19:10तब यहोवा ने मूसा से कहा, लोगों के पास जा और उन्हें आज और कल पवित्रा करना, और वे अपने वस्त्रा धो लें,
- Exodus 19:14–15 निर्गमन 19:14–15तब मूसा ने पर्वत पर से उतरकर लोगों के पास आकर उनको पवित्रा कराया; और उन्हों ने अपने वस्त्रा धो लिए। और उस ने लोगों से कहा, तीसरे दिन तक तैयार हो रहो; स्त्री के पास न जाना।
- 2 Chronicles 30:15 2 इतिहास 30:15तब दूसरे महीने के चौदहवें दिन को उन्हों ने फसह के पशु बलि किए तब याजक और लेवीय लज्जित हुए और अपने को पवित्रा करके होमबलियों को यहोवा के भवन में ले आए।
- 2 Chronicles 29:15 2 इतिहास 29:15इन्हों ने अपने भाइयों को इकट्ठा किया और अपने अपने को पवित्रा करके राजा की उस आज्ञा के अनुसार जो उस ने यहोवा से वचन पाकर दी थी, यहोवा के भवन के शुठ्ठ करने के लिये भीतर गए।
- 2 Chronicles 29:34 2 इतिहास 29:34परन्तु याजक ऐसे थेड़े थे, कि वे सब होमबलि पशुओं की खालें न उतार सके, तब उनके भाई लेवीय उस समय तक उनकी सहायता करते रहे जब तक वह काम निपट न गया, और याजकों ने अपने को पवित्रा न किया; क्योंकि लेवीय अपने को पवित्रा करने के लिये पवित्रा याजकों से अधिक सीधे मन के थे।