2 Chronicles · chapter 5 · verse 13
2 Chronicles 5:13 in Hindi
तो जब तुरहियां बजानेवाले और गानेवाले एक स्वर से यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, और तुरहियां, झांझ आदि बाजे बजाते हुए यहोवा की यह स्तुति ऊंचे शब्द से करने लगे, कि वह भला है और उसकी करूणा सदा की है, तब यहोवा के भवन मे बादल छा गया,
To jab turahiyaam bajaanevaale aur gaanevaale ek svar se yahovaa kee stuti aur dhanyavaad karane lage, aur turahiyaam, jhaanjh aadi baaje bajaate hue yahovaa kee yah stuti oonche shabd se karane lage, ki vah bhalaa hai aur usakee karoonaa sadaa kee hai, tab yahovaa ke bhavan me baadal chhaa gayaa,
2 Chronicles 5:13 in English
- King James Version (KJV)
- It came even to pass, as the trumpeters and singers [were] as one, to make one sound to be heard in praising and thanking the LORD; and when they lifted up [their] voice with the trumpets and cymbals and instruments of musick, and praised the LORD, [saying], For [he is] good; for his mercy [endureth] for ever: that [then] the house was filled with a cloud, [even] the house of the LORD;
- World English Bible (WEB)
- when the trumpeters and singers were as one, to make one sound to be heard in praising and thanking the LORD; and when they lifted up their voice with the trumpets and cymbals and instruments of music, and praised the LORD, saying, “For he is good, for his loving kindness endures forever!” then the house was filled with a cloud, even the LORD’s house,
- American Standard Version (ASV)
- it came to pass, when the trumpeters and singers were as one, to make one sound to be heard in praising and thanking Jehovah; and when they lifted up their voice with the trumpets and cymbals and instruments of music, and praised Jehovah, [saying], For he is good; for his lovingkindness [endureth] for ever; that then the house was filled with a cloud, even the house of Jehovah,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when the players on horns, and those who made melody in song, with one voice were sounding the praise and glory of the Lord; with loud voices and with wind instruments, and brass and corded instruments of music, praising the Lord and saying, He is good; his mercy is unchanging for ever: then the house was full of the cloud of the glory of the Lord,
- Darby Translation (DBY)
- — it came to pass when the trumpeters and singers were as one, to make one voice to be heard in praising and thanking Jehovah; and when they lifted up their voice with trumpets, and cymbals, and instruments of music, and praised Jehovah: For he is good, for his loving-kindness [endureth] for ever; that then the house, the house of Jehovah, was filled with a cloud,
- Webster's Bible (WBS)
- It came even to pass, as the trumpeters and singers [were] as one, to make one sound to be heard in praising and thanking the LORD; and when they lifted up [their] voice with the trumpets and cymbals and instruments of music, and praised the LORD, [saying] , For [he is] good; for his mercy [endureth] for ever: that [then] the house was filled with a cloud, [even] the house of the LORD;
- Young's Literal Translation (YLT)
- yea, it cometh to pass, as one [are] trumpeters and singers, to sound — one voice — to praise and to give thanks to Jehovah, and at the lifting up of the sound with trumpets, and with cymbals, and with instruments of song, and at giving praise to Jehovah, for good, for to the age [is] His kindness, that the house is filled with a cloud — the house of Jehovah,
Read in context
- 11जब याजक पवित्रास्थान से निकले ( जितने याजक उपस्थित थे, उन सभों ने तो अपने अपने को पवित्रा किया था, और अलग अलग दलों में होकर सेवा न करते थे;
- 12और जितने लेवीय गवैये थे, वे सब के सब अर्थात् मुत्रों और भइयों समेत आसाप, हेमान और यदूतून सन के वस्त्रा पहिने झांझ, सारंगियां और वीणाएं लिये हुए, वेदी के पूर्व अलंग में खड़े थे, और उनके साथ एक सौ बीस याजक तुरहियां बजा रहे थे।)
- 13तो जब तुरहियां बजानेवाले और गानेवाले एक स्वर से यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, और तुरहियां, झांझ आदि बाजे बजाते हुए यहोवा की यह स्तुति ऊंचे शब्द से करने लगे, कि वह भला है और उसकी करूणा सदा की है, तब यहोवा के भवन मे बादल छा गया,
- 14और बादल के कारण याजक लोग सेवा- टहल करने को खड़े न रह सके, क्योंकि यहोवा का तेज परमेश्वर के भवन में भर गया था।
Cross references
- Ezra 3:11 एज्रा 3:11सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, कि वह भला है, और उसकी करूणा इस्राएल पर सदैव बनी है। और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जानकर कि यहोवा के भवन की नेब अब पड़ रही है, ऊंचे शब्द से जय जयकार किया।
- Jeremiah 33:11 यिर्मयाह 33:11इन्हीं में हर्ष और आनन्द का शब्द, दुल्हे-दुल्हिन का शब्द, और इस बात के कहने वालों का शब्द फिर सुनाईं पड़ेगा कि सेनाओं के यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि यहोवा भला है, और उसकी करुणा सदा की है। और यहोवा के भवन में धन्यवादबलि लाने वालों का भी शब्द सुनाईं देगा; क्योंकि मैं इस देश की दशा पहिले की नाईं ज्यों की त्यों कर दूंगा, यहोवा का यही वचन है।
- 2 Chronicles 7:3 2 इतिहास 7:3और जब आग गिरी और यहोवा का तेज भवन पर छा गया, तब सब इस्राएली देखते रहे, और फर्श पर झुककर अपना अपना मुंह भूमि की ओर किए हुए दणडवत किया, और यों कहकर यहोवा का धन्यवाद किया कि, वह भला है, उसकी करूणा सदा की है।
- Isaiah 52:8 यशायाह 52:8सुन, तेरे पहरूए पुकार रहे हैं, वे एक साथ जयजयकार कर रहें हैं; क्योंकि वे साक्षात् देख रहे हैं कि यहोवा सिरयोन को लौट रहा है।
- Revelation 5:8–14 प्रकाशितवाक्य 5:8–14और जब उस ने पुस्तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के साम्हने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्रा लोगों की प्रार्थनाएं हैं। और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध होकर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं। और जब मै ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों की चारों ओर बहुत से स्वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी। और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है। फिर मैं ने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे। और चारों प्राणियों ने आमीन कहा, और प्राचीनों ने गिरकर दण्डवत् किया।।
- Psalm 136:1–26 भजन संहिता 136:1–26यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करूणा सदा की है। जो ईश्वरों का परमेश्वर है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है। जो प्रभुओं का प्रभु है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।। उसको छोड़कर कोई बड़े बड़े अशचर्यकर्म नहीं करता, उसकी करूणा सदा की है। उस ने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है। उस ने पृथ्वी को जल के ऊपर फैलाया है, उसकी करूणा सदा की है। उस ने बड़ी बड़ी ज्योतियों बनाईं, उसकी करूणा सदा की है। दिन पर प्रभुता करने के लिये सूर्य को बनाया, उसकी करूणा सदा की है। और रात पर प्रभुता करने के लिये चन्द्रमा और तारागण को बनाया, उसकी करूणा सदा की है। उस ने मिस्त्रियों के पहिलौठों को मारा, उसकी करूणा सदा की है।। और उनके बीच से इस्राएलियों को निकाला, उसकी करूणा सदा की है। बलवन्त हाथ और बढ़ाई हुई भुजा से निकाल लाया, उसकी करूणा सदा की है। उस ने लाल समुद्र को खण्ड खण्ड कर दिया, उसकी करूणा सदा की है। और इस्राएल को उसके बीच से पार कर दिया, उसकी करूणा सदा की है। और फिरौन को सेना समेत लाल समुद्र में डाल दिया, उसकी करूणा सदा की है। वह अपनी प्रजा को जंगल में ले चला, उसकी करूणा सदा की है। उस ने बड़े बड़े राजा मारे, उसकी करूणा सदा की है। उस ने प्रतापी राजाओं को भी मारा, उसकी करूणा सदा की है। एमोरियों के राजा सीहोन को, उसकी करूणा सदा की है। और बाशान के राजा ओग को घात किया, उसकी करूणा सदा की है। और उनके देश को भाग होने के लिये, उसकी करूणा सदा की है। अपने दास इस्राएलियों के भाग होने के लिये दे दिया, उसकी करूणा सदा की है। उस ने हमारी दुर्दशा में हमारी सुधि ली, उसकी करूणा सदा की है। और हम को द्रोहियों से छुड़ाया है, उसकी करूणा सदा की है। वह सब प्राणियों को आहार देता है, उसकी करूणा सदा की है। स्वर्ग के परमेश्वर का धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
- Psalm 100:5 भजन संहिता 100:5क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।।
- 2 Chronicles 20:21 2 इतिहास 20:21तब उस ने प्रजा के साथ सम्मति करके कितनों को ठहराया, जो कि पवित्राता से शोभायमान होकर हथियारबन्दों के आगे आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएं, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, कि यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करूणा सदा की है।
- Psalm 95:1–2 भजन संहिता 95:1–2आओ हम यहोवा के लिये ऊंचे स्वर से गाएं, अपने उद्धार की चट्टान का जयजयकार करें! हम धन्यवाद करते हुए उसके सम्मुख आएं, और भजन गाते हुए उसका जयजयकार करें!
- 1 Chronicles 16:34–42 1 इतिहास 16:34–42यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; उसकी करूणा सदा की है। और यह कहो, कि हे हमारे उठ्ठार करनेवाले परमेश्वर हमारा उठ्ठार कर, और हम को इकट्ठा करके अन्यजातियों से छुड़ा, कि हम तेरे पवित्रा नाम का धन्यवाद करें, और तेरी स्तुति करते हुए तेरे विषय बड़ाई करें। अनादिकाल से अनन्तकाल तक इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है। तब सब प्रजा ने आमीन कहा: और यहोवा की स्तुति की। तब उस ने वहां अर्थात् यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने आसाप और उसके भाइयों को छोड़ दिया, कि प्रतिदिन के प्रयोजन के अनुसार वे सन्दूक के साम्हने नित्य सेवा टहल किया करें! और अड़सठ भाइयों समेत ओबेदेदोम को, और द्वारपालों के लिये यदूतून के पुत्रा ओबेदेदोम और होसा को छोड़ दिया। फिर उस ने सादोक याजक और उसके भाई याजकों को यहोवा के निवास के साम्हने, जो गिबोन के ऊंचे स्थान में था, ठहरा दिया, कि वे नित्य सवेरे और सांझ को होमबलि की वेदी पर यहोवा को होमबलि चढ़ाया करें, और उन सब के अनुसार किया करें, जो यहोवा की रयवस्था में लिखा है, जिसे उस ने इस्राएल को दिया था। और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून और दूसरों को भी जो नाम लेकर चुने गए थे ठहरा दिया, कि यहोवा की सदा की करूणा के कारण उसका धन्यवाद करें। और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून को बजानेवालों के लिये तुरहियां और झांझें और परमेश्वर के गीत गाने के लिये बाजे दिए, और यदूतून के बेटों को फाटक की रखवाली करने को ठहरा दिया।
- Romans 15:6 रोमियों 15:6ताकि तुम एक मन औश्र एक मुंह होकर हमारे प्रभु यीशु मसीह कि पिता परमेश्वर की बड़ाई करो।
- Jeremiah 32:39 यिर्मयाह 32:39मैं उन को एक ही मन और एक ही चाल कर दूंगा कि वे सदा मेरा भय मानते रहें, जिस से उनका और उनके बाद उनके वंश का भी भला हो।
Original words (Hebrew)
- trumpeters · H2690חָצַר châtsar
- singers · H7891שִׁיר shîyr
- one · H259אֶחָד ʼechâd
- one · H259אֶחָד ʼechâd
- sound · H6963קוֹל qôwl
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- praising · H1984הָלַל hâlal
- thanking · H3034יָדָה yâdâh
- up · H7311רוּם rûwm
- voice · H6963קוֹל qôwl
- trumpets · H2689חֲצֹצְרָה chătsôtsᵉrâh
- cymbals · H4700מְצֵלֶת mᵉtsêleth
- instruments · H3627כְּלִי kᵉlîy
- musick · H7892שִׁיר shîyr
- praised · H1984הָלַל hâlal
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- mercy · H2617חֵסֵד chêçêd
- ever · H5769עוֹלָם ʻôwlâm
- house · H1004בַּיִת bayith
- filled · H4390מָלֵא mâlêʼ
- cloud · H6051עָנָן ʻânân
- house · H1004בַּיִת bayith