2 Chronicles · chapter 8 · verse 6
2 Chronicles 8:6 in Hindi
और उस ने बालात को और सुलैमान के जितने भणडार नगर थे और उसके रथों और सवारों के जितने नगर थे उनको, और जो कुछ सुलैमान ने यरूशलेम, लबानोन और अपने राज्य के सब देश में बनाना चाहा, उन सब को बनाया।
Aur us ne baalaat ko aur sulaimaan ke jitane bhanadaar nagar the aur usake rathom aur savaarom ke jitane nagar the unako, aur jo kuchh sulaimaan ne yarooshalem, labaanon aur apane raajy ke sab desh mem banaanaa chaahaa, un sab ko banaayaa.
2 Chronicles 8:6 in English
- King James Version (KJV)
- And Baalath, and all the store cities that Solomon had, and all the chariot cities, and the cities of the horsemen, and all that Solomon desired to build in Jerusalem, and in Lebanon, and throughout all the land of his dominion.
- World English Bible (WEB)
- and Baalath, and all the storage cities that Solomon had, and all the cities for his chariots, the cities for his horsemen, and all that Solomon desired to build for his pleasure in Jerusalem, in Lebanon, and in all the land of his dominion.
- American Standard Version (ASV)
- and Baalath, and all the store-cities that Solomon had, and all the cities for his chariots, and the cities for his horsemen, and all that Solomon desired to build for his pleasure in Jerusalem, and in Lebanon, and in all the land of his dominion.
- Bible in Basic English (BBE)
- And of Baalath, and all the store-towns which Solomon had, and the towns where he kept his war-carriages and his horse men, and everything which it was his pleasure to put up in Jerusalem and in Lebanon and in all the land under his rule.
- Darby Translation (DBY)
- and Baalath, and all the store-cities that Solomon had, and all the cities for chariots, and the cities for the horsemen, and all that Solomon desired to build in Jerusalem, and on Lebanon, and in all the land of his dominion.
- Webster's Bible (WBS)
- And Baalath, and all the store cities that Solomon had, and all the chariot cities, and the cities of the horsemen, and all that Solomon desired to build in Jerusalem, and in Lebanon, and throughout all the land of his dominion.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Baalath, and all the cities of store that Solomon had, and all the cities of the chariot, and the cities of the horsemen, and all the desire of Solomon that he desired to build in Jerusalem, and in Lebanon, and in all the land of his dominion.
Read in context
- 4और उस ने तदमोर को जो जंगल में है, और हमात के सब भणडार नगरों को दृढ़ किया।
- 5फिर उस ने ऊपरवाले और नीचेवाले दोनों बेथोरोन को शहरपनाह और फाटकों और बेड़ों से दृढ़ किया।
- 6और उस ने बालात को और सुलैमान के जितने भणडार नगर थे और उसके रथों और सवारों के जितने नगर थे उनको, और जो कुछ सुलैमान ने यरूशलेम, लबानोन और अपने राज्य के सब देश में बनाना चाहा, उन सब को बनाया।
- 7हित्तियों, एमोरियों, परिज्जियों, हिरिवयों और यबूसियों के बचे हुए लोग जो इस्राएल के न थे,
- 8उनके वंश जो उनके बाद देश में रह गए, और जिनका इस्राएलियों ने अन्त न किया था, उन में से तो कितनों को सुलैमान ने बेगार में रखा और आज तक उनकी वही दशा है।
Cross references
- Joshua 19:44 यहोशू 19:44एलतके, गिब्बतोन, बालात,
- 2 Chronicles 8:4 2 इतिहास 8:4और उस ने तदमोर को जो जंगल में है, और हमात के सब भणडार नगरों को दृढ़ किया।
- Song of Solomon 4:8 श्रेष्ठगीत 4:8हे मेरी दुल्हिन, तू मेरे संग लबानोन से, मेरे संग लबानोन से चली आ। तू आमाना की चोटी पर से, शनीर और हेर्मोन की चोटी पर से, सिहों की गुफाओं से, चितों के पहाड़ों पर से दृष्टि कर।
- 2 Chronicles 17:12 2 इतिहास 17:12और यहोशापात बहुत ही बढ़ता गया और उस ने यहूदा में किले और भण्डार के नगर तैयार किए।
- 1 Kings 7:2 1 राजा 7:2और उस ने लबानोनी वन नाम महल बनाया जिसकी लम्बाई सौ हाथ, चौड़ाई पचास हाथ और ऊंचाई तीस हाथ की थी; वह तो देवदारू के खम्भों की चार पांति पर बना और खम्भों पर देवदारू की कड़ियां धरी गई।
- 1 Kings 9:18–19 1 राजा 9:18–19बालात और तामार को जो जंगल में हैं, दृढ़ किया, ये तो देश में हैं। फिर सुलैमान के जितने भणडार के नगर थे, और उसके रथों और सवारों के नगर, उनको वरन जो कुछ सुलैमान ने यरूशलेम, लबानोन और अपने राज्य के सब देशों में बनाना चाहा, उन सब को उस ने दृढ़ किया।
- Ecclesiastes 2:4 सभोपदेशक 2:4मैं ने बड़े बड़े काम किए; मैं ने अपने लिये घर बनवा लिए और अपने लिये दाख की बारियां लगवाई;
- 1 Kings 10:26 1 राजा 10:26और सुलैमान ने रथ और सवार इकट्ठे कर लिए, तो उसके चौदह सौ रथ, और बारह हजार सवार हुए, और उनको उस ने रथों के नगरों में, और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा।
- Ecclesiastes 2:10–26 सभोपदेशक 2:10–26और जितनी वस्तुओं के देखने की मैं ने लालसा की, उन सभों को देखने से मैं न रूका; मैं ने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ; और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला। तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।। फिर मैं ने अपने मन को फेरा कि बुद्धि और बावलेपन और मूर्खता के कार्यों को देखूं; क्योंकि जो मनुष्य राजा के पीछे आएगा, वह क्या करेगा? केवल वही जो होता चला आया है। तब मैं ने देखा कि उजियाला अंधियारे से जितना उत्तम है, उतना बुद्धि भी मूर्खता से उत्तम है। जो बुद्धिमान है, उसके सिर में आंखें रहती हैं, परन्तु मूर्ख अंधियारे में चलता है; तौभी मैं ने जान लिया कि दोनों की दशा एक सी होती है। तब मैं ने मन में कहा, जैसी मूर्ख की दशा होगी, वैसी ही मेरी भी होगी; फिर मैं क्यों अधिक बुद्धिमान हुआ? और मैं ने मन में कहा, यह भी व्यर्थ ही है। क्योंकि ने तो बुद्धिमान का और न मूर्ख का स्मरण सर्वदा बना रहेगा, परन्तु भविष्य में सब कुछ बिसर जाएगा। बुद्धिमान क्योंकर मूर्ख के समान मरता है! इसलिये मैं ने अपने जीवन से घृणा की, क्योंकि जो काम संसार में किया जाता है मुझे बुरा मालूम हुआ; क्योंकि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है। मैं ने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैं ने धरती पर किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊं जो मेरे बाद आएगा। यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है। तब मैं अपने मन में उस सारे परिश्रम के विषय जो मैं ने धरती पर किया था निराश हुआ, क्योंकि ऐसा मनुष्य भी है, जिसका कार्य परिश्रम और बुद्धि और ज्ञान से होता है और सफल भी होता है, तौभी उसको ऐसे मनुष्य के लिये छोड़ जाना पड़ता है, जिस ने उस में कुछ भी परिश्रम न किया हो। यह भी व्यर्थ और बहुत ही बुरा है। मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है? उसके सब दिन तो दु:खों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है। मनुष्य के लिये खाने- पीने और परिश्रम करते हुए अपने जीव को सुखी रखने के सिवाय और कुछ भी अच्छा नहीं। मैं ने देखा कि यह भी परमेश्वर की ओर से मिलता है। क्योंकि खाने- पीने और सुख भोगने में मुझ से अधिक समर्थ कौन है? जो मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वह बुद्धि और ज्ञान और आनन्द देता है; परन्तु पापी को वह दु:खभरा काम ही देता है कि वह उसका देने के लिये संचय करके ढेर लगाए जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा हो। यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।।
- 2 Chronicles 1:14 2 इतिहास 1:14फिर सुलैमान ने रथ और सवार इकट्ठे कर लिये; और उसके चौदह सौ रथ और बारह हजार सवार थे, और उनको उस ने रथों के नगरों में, और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा।
Original words (Hebrew)
- Baalath · H1191בַּעֲלָת Baʻălâth
- store · H4543מִסְכְּנָה miçkᵉnâh
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- chariot · H7393רֶכֶב rekeb
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- horsemen · H6571פָּרָשׁ pârâsh
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- desired · H2836חָשַׁק châshaq
- build · H1129בָּנָה bânâh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- Lebanon · H3844לְבָנוֹן Lᵉbânôwn
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- dominion · H4475מֶמְשָׁלָה memshâlâh