2 Corinthians · chapter 4 · verse 16
2 Corinthians 4:16 in Hindi
इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
Isaliye ham hiyaav naheem chhodate; yadyapi hamaaraa baaharee manushyatv naash bhee hotaa jaataa hai, taubhee hamaaraa bheetaree manushyatv din pratidin nayaa hotaa jaataa hai.
2 Corinthians 4:16 in English
- King James Version (KJV)
- For which cause we faint not; but though our outward man perish, yet the inward [man] is renewed day by day.
- World English Bible (WEB)
- Therefore we don’t faint, but though our outward person is decaying, yet our inward person is renewed day by day.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore we faint not; but though our outward man is decaying, yet our inward man is renewed day by day.
- Bible in Basic English (BBE)
- For which cause we do not give way to weariness; but though our outer man is getting feebler, our inner man is made new day by day.
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore we faint not; but if indeed our outward man is consumed, yet the inward is renewed day by day.
- Webster's Bible (WBS)
- For which cause we faint not; but though our outward man is wasted, yet the inward [man] is renewed day by day.
- Young's Literal Translation (YLT)
- wherefore, we faint not, but if also our outward man doth decay, yet the inward is renewed day by day;
Read in context
- 14क्योंकि हम जातने हैं, जिस ने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
- 15क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक होकर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।।
- 16इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
- 17क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त जीवन महिमा उत्पन्न करता जाता है।
- 18और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।
Cross references
- Isaiah 40:31 यशायाह 40:31परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाई उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।।
- Colossians 3:10 कुलुस्सियों 3:10और नए मनुष्यत्व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
- Isaiah 40:29 यशायाह 40:29वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है।
- Romans 12:2 रोमियों 12:2और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- Psalm 73:26 भजन संहिता 73:26मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है।।
- 2 Corinthians 4:1 2 कुरिन्थियों 4:1इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।
- Ephesians 3:16 इफिसियों 3:16कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ।
- Romans 7:22 रोमियों 7:22क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
- Titus 3:5 तीतुस 3:5तो उस ने हमारा उद्धार किया: और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, पर अपनी दया के अनुसार, नए जन्म के स्नान, और पवित्रा आत्मा के हमें नया बनाने के द्वारा हुआ।
- Psalm 27:13 भजन संहिता 27:13यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूच्छित हो जाता।
- 1 Corinthians 15:58 1 कुरिन्थियों 15:58सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।।
- Psalm 51:10 भजन संहिता 51:10हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
Original words (Greek)
- cause · G1352διό dió
- faint · G1573ἐκκακέω ekkakéō
- not · G3756οὐ ou
- but · G235ἀλλά allá
- though · G1487εἰ ei
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- outward · G1854ἔξω éxō
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- perish · G1311διαφθείρω diaphtheírō
- yet · G235ἀλλά allá
- inward · G2081ἔσωθεν ésōthen
- renewed · G341ἀνακαινόω anakainóō
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- by · G2532καί kaí
- day · G2250ἡμέρα hēméra