2 Kings · chapter 1 · verse 14
2 Kings 1:14 in Hindi
पचास पचास सिपाहियों के जो दो प्रधान अपने अपने पचासों समेत पहिले आए थे, उनको तो आग ने आकाश से गिरकर भस्म कर डाला, परन्तु अब मेरा प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरे।
Pachaas pachaas sipaahiyom ke jo do pradhaan apane apane pachaasom samet pahile aae the, unako to aag ne aakaash se girakar bhasm kar daalaa, parantu ab meraa praan teree drushti mem anamol thahare.
2 Kings 1:14 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, there came fire down from heaven, and burnt up the two captains of the former fifties with their fifties: therefore let my life now be precious in thy sight.
- World English Bible (WEB)
- Behold, fire came down from the sky and consumed the last two captains of fifty with their fifties. But now let my life be precious in your sight.”
- American Standard Version (ASV)
- Behold, there came fire down from heaven, and consumed the two former captains of fifty with their fifties; but now let my life be precious in thy sight.
- Bible in Basic English (BBE)
- For fire came down from heaven and put an end to the first two captains of fifty and their fifties; but now let my life be of value in your eyes.
- Darby Translation (DBY)
- Behold, there came down fire from the heavens, and consumed the two captains of the former fifties with their fifties; but now, let my life be precious in thy sight.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, there came fire down from heaven, and burnt up the two captains of the former fifties with their fifties: therefore let my life now be precious in thy sight.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, come down hath fire from the heavens, and consumeth the two heads of the former fifties and their fifties; and, now, let my soul be precious in thine eyes.'
Read in context
- 12एलिरयाह ने उत्तर देकर उन से कहा, यदि मैं परमेश्वर का भक्त हूँ तो आकाश से आग गिरकर तुझे, तेरे पचासों समेत भस्म कर डाले; तब आकाश से परमेश्वर की आग उतरी और उसे उसके पचासों समेत भस्म कर दिया।
- 13फिर राजा ने तीसरी बार पचास सिपाहियों के एक और प्रधान को, पचासों सिपाहियों समेत भेज दिया, और पचास का वह तीसरा प्रधान चढ़कर, एलिरयाह के साम्हने घुटनों के बल गिरा, और गिड़गिड़ा कर उस से कहने लगा, हे परमेश्वर के भक्त मेरा प्राण और तेरे इन पचास दासों के प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरें।
- 14पचास पचास सिपाहियों के जो दो प्रधान अपने अपने पचासों समेत पहिले आए थे, उनको तो आग ने आकाश से गिरकर भस्म कर डाला, परन्तु अब मेरा प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरे।
- 15तब यहोवा के दूत ने उलिरयाह से कहा, उसके संग नीचे जा, उस से पत डर। तब एलिरयाह उठकर उसके संग राजा के पास नीचे गया।
- 16और उस से कहा, यहोवा यों कहता है, कि तू ने तो एक्रोन के बालजबूब देवता से पूछने को दूत भेजे थे तो क्या इस्राएल में कोई परमेश्वर नहीं कि जिस से तू पूछ सके? इस कारण तू जिस पलंग पर पड़ा है, उस पर से कभी न उठेगा, परन्तु मर ही जाएगा।
Cross references
- Acts 20:24 प्रेरितों के काम 20:24परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, बरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है।
- 1 Samuel 26:21 1 शमूएल 26:21शाऊल ने कहा, मैं ने पाप किया है, हे मेरे बेटे दाऊद लौट आ; मेरा प्राण आज के दिन तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरा, इस कारण मैं फिर तेरी कुछ हानि न करूंगा; सुन, मैं ने मूर्खता की, और मुझ से बड़ी भूल हुई है।
- 2 Kings 1:10–11 2 राजा 1:10–11एलिरयाह ने उस पचास सिपाहियों के प्रधान से कहा, यदि मैं परमेश्वर का भक्त हूँ तो आकाश से आग गिरकर तुझे तेरे पचासों समेत भस्म कर डाले। तब आकाश से आग उतरी और उसे उसके पचासों समेत भस्म कर दिया। फिर राजा ने उसके पास पचास सिपाहियों के एक और प्रधान को, पचासों सिपाहियों समेत भेज दिया। प्रधान ने उस से कहा हे परमेश्वर के भक्त राजा ने कहा है, कि फुत से तू उतर आ।
- Proverbs 6:26 नीतिवचन 6:26क्योंकि वेश्यागमन के कारण मनुष्य टुकड़ों का भिखारी हो जाता है, परन्तु व्यभिचारिणी अनमोल जीवन का अहेर कर लेती है।
- Matthew 16:25–26 मत्ती 16:25–26क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा। यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हाति उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?
- Psalm 49:8 भजन संहिता 49:8(क्योंकि उनके प्राण की छुड़ौती भारी है वह अन्त तक कभी न चुका सकेंगे)।
- Psalm 72:14 भजन संहिता 72:14वह उनके प्राणों को अन्धेर और उपद्रव से छुड़ा लेगा; और उनका लोहू उसकी दृष्टि में अनमोल ठहरेगा।।
- Psalm 116:15 भजन संहिता 116:15यहोवा के भक्तों की मृत्यु, उसकी दृष्टि में अनमोल है।
- 1 Samuel 26:24 1 शमूएल 26:24इसलिये जैसे तेरे प्राण आज मेरी दृष्टि में प्रिय ठहरे, वैसे ही मेरे प्राण भी यहोवा की दृष्टि में प्रिय ठहरे, और वह मुझे समस्त विपत्तियों से छुड़ाए।
Original words (Hebrew)
- came · H3381יָרַד yârad
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- down · H3381יָרַד yârad
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- up · H398אָכַל ʼâkal
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- captains · H8269שַׂר sar
- former · H7223רִאשׁוֹן riʼshôwn
- fifties · H2572חֲמִשִּׁים chămishshîym
- fifties · H2572חֲמִשִּׁים chămishshîym
- life · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- precious · H3365יָקַר yâqar
- sight · H5869עַיִן ʻayin