2 Kings · chapter 10 · verse 1
2 Kings 10:1 in Hindi
अहाब के तो सत्तर बेटे, पोते, शोमरोन में रहते थे। सो येहू ने शोमरोन में उन पुरनियों के पास, और जो यिज्रैल के हाकिम थे, और जो अहाब के लड़के-बालों के पालने वाले थे, उनके पास पत्र लिख कर भेजे,
Ahaab ke to sattar bete, pote, shomaron mem rahate the. So yehoo ne shomaron mem un puraniyom ke paas, aur jo yijrail ke haakim the, aur jo ahaab ke ladake-baalom ke paalane vaale the, unake paas patr likh kar bheje,
2 Kings 10:1 in English
- King James Version (KJV)
- And Ahab had seventy sons in Samaria. And Jehu wrote letters, and sent to Samaria, unto the rulers of Jezreel, to the elders, and to them that brought up Ahab’s [children], saying,
- World English Bible (WEB)
- Now Ahab had seventy sons in Samaria. Jehu wrote letters and sent them to Samaria, to the rulers of Jezreel, even the elders, and to those who brought up Ahab’s sons, saying,
- American Standard Version (ASV)
- Now Ahab had seventy sons in Samaria. And Jehu wrote letters, and sent to Samaria, unto the rulers of Jezreel, even the elders, and unto them that brought up [the sons of] Ahab, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- Now there were in Samaria seventy of Ahab's sons. And Jehu sent letters to Samaria, to the rulers of the town, and to the responsible men, and to those who had the care of the sons of Ahab, saying,
- Darby Translation (DBY)
- Now Ahab had seventy sons in Samaria. And Jehu wrote letters, and sent to Samaria, to the princes of Jizreel, to the elders, and to Ahab's guardians, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- And Ahab had seventy sons in Samaria. And Jehu wrote letters, and sent to Samaria, to the rulers of Jezreel, to the elders, and to them that brought up Ahab's [children] , saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Ahab hath seventy sons in Samaria, and Jehu writeth letters, and sendeth to Samaria, unto the heads of Jezreel, the elders, and unto the supporters of Ahab, saying,
Read in context
- 1अहाब के तो सत्तर बेटे, पोते, शोमरोन में रहते थे। सो येहू ने शोमरोन में उन पुरनियों के पास, और जो यिज्रैल के हाकिम थे, और जो अहाब के लड़के-बालों के पालने वाले थे, उनके पास पत्र लिख कर भेजे,
- 2कि तुम्हारे स्वामी के बेटे, पोते तो तुम्हारे पास रहते हैं, और तुम्हारे रथ, और घोड़े भी हैं, और तुम्हारे एक गढ़वाला नगर, और हथियार भी हैं; तो इस पत्र के हाथ लगते ही,
- 3अपने स्वामी के बेटों में से जो सब से अच्छा और योग्य हो, उसको छांट कर, उसके पिता की गद्दी पर बैठाओ, और अपने स्वामी के घराने के लिये लड़ो।
Cross references
- 1 Kings 13:32 1 राजा 13:32क्योंकि जो वचन उस ने यहोवा से पाकर बेतेल की वेदी और शोंमरोन के नगरों के सब ऊंचे स्थानों के भवनों के विरूद्ध पुकार के कहा है, वह निश्चय पूरा हो जाएगा।
- Judges 8:30 न्यायियों 8:30और गिदोन के सत्तर बेटे उत्पन्न हुए, क्योंकि उसके बहुत स्त्रियां थीं।
- 1 Kings 16:24 1 राजा 16:24अन्यजातियों में उसकी महिमा का, और देश देश के लोगों में उसके आश्चर्य- कम का वर्णन करो।
- 2 Kings 5:3 2 राजा 5:3उस ने अपनी स्वामिन से कहा, जो मेरा स्वामी शोमरोन के भविष्यद्वक्ता के पास होता, तो क्या ही अच्छा होता! क्योंकि वह उसको कोढ़ से चंगा कर देता।
- 1 Kings 16:28 1 राजा 16:28हे देश देश के कुलो, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ को मानो।
- Judges 12:14 न्यायियों 12:14और उसके चालीस बेटे और तीस पोते हुए, जो गदहियों के सत्तर बच्चों पर सवार हुआ करते थे। वह आठ वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा।
- 2 Chronicles 22:9 2 इतिहास 22:9तब उस ने अहज्याह को ढूंढ़ा। वह शोमरोन में छिपा था, सो लोगों ने उसको पकड़ लिया और येहू के पास पहुंचाकर उसको मार डाला। तब यह कहकर उसको मिट्टी दी, कि यह यहोशपात का पोता है, जो अपने पूरे मन से यहोवा की खोज करता था। और अहज्याह के घराने में राज्य करने के योग्य कोई न रहा।
- 1 Kings 21:8–14 1 राजा 21:8–14तब उस ने अहाब के नाम से चिट्ठी लिखकर उसकी अंगूठी की छाप लगाकर, उन पुरनियों और रईसों के पास भेज दी जो उसी नगर में नाबोत के पड़ोस में रहते थे। उस चिट्ठी में उस ने यों लिखा, कि उपवास का प्रचार करो, और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाना। तब दो नीच जनों को उसके साम्हने बैठाना जो साक्षी देकर उस से कहें, तू ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। नब नुम लोग उसे बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह करना, कि वह मर जाए। ईज़ेबेल की चिट्ठी में की आज्ञा के अनुसार नगर में रहनेवाले पुरनियों और रईसों ने उपवास का प्रचार किया, और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाया। तब दो नीच जन आकर उसके सम्मुख बैठ गए; और उन नीच जनों ने लोगों लोगों के साम्हने नाबोत के विम्ठ्ठ यह साक्षी दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। इस पर उन्हों ने उसे नगर से बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह किया, और वह मर गया। तब उन्हों ने ईज़ेबेल के पास यह कहला भेजा कि नाबोत पत्थरवाह करके मार डाला गया है।
- Judges 10:4 न्यायियों 10:4और उसके तीस पुत्रा थे जो गदहियों के तीस बच्चों पर सवार हुआ करते थे; और उनके तीस नगर भी थे जो गिलाद देश में हैं, और आज तक हब्बोत्याईर कहलाते हैं।
- Deuteronomy 16:18 व्यवस्थाविवरण 16:18तू अपने एक एक गोत्रा में से, अपने सब फाटकों के भीतर जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को देता है न्यायी और सरदार नियुक्त कर लेना, जो लोगों का न्याय धर्म से किया करें।
Original words (Hebrew)
- Ahab · H256אַחְאָב ʼAchʼâb
- seventy · H7657שִׁבְעִים shibʻîym
- sons · H1121בֵּן bên
- Samaria · H8111שֹׁמְרוֹן Shômᵉrôwn
- Jehu · H3058יֵהוּא Yêhûwʼ
- wrote · H3789כָּתַב kâthab
- letters · H5612סֵפֶר çêpher
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- Samaria · H8111שֹׁמְרוֹן Shômᵉrôwn
- rulers · H8269שַׂר sar
- Jezreel · H3157יִזְרְעֵאל Yizrᵉʻêʼl
- elders · H2205זָקֵן zâqên
- up · H539אָמַן ʼâman
- Ahab’s · H256אַחְאָב ʼAchʼâb
- saying · H559אָמַר ʼâmar