2 Kings · chapter 15 · verse 35
2 Kings 15:35 in Hindi
तौभी ऊंचे स्थान गिराए न गए, प्रजा के लोग उन पर उस समय भी बलि चढाते और धूम जलाते रहे। यहोवा के भवन के ऊंचे फाटक को इसी ने बनाया था।
Taubhee oonche sthaan giraae na gae, prajaa ke log un par us samay bhee bali chadhaate aur dhoom jalaate rahe. Yahovaa ke bhavan ke oonche phaatak ko isee ne banaayaa thaa.
2 Kings 15:35 in English
- King James Version (KJV)
- Howbeit the high places were not removed: the people sacrificed and burned incense still in the high places. He built the higher gate of the house of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- However the high places were not taken away. The people still sacrificed and burned incense in the high places. He built the upper gate of the LORD’s house.
- American Standard Version (ASV)
- Howbeit the high places were not taken away: the people still sacrificed and burned incense in the high places. He built the upper gate of the house of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- But he did not take away the high places, and the people still went on making offerings and burning them in the high places. He was the builder of the higher doorway of the house of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Only, the high places were not removed: the people still sacrificed and burned incense on the high places. It was he who built the upper gate of the house of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Yet, the high places were not removed: the people sacrificed and burned incense still in the high places. He built the higher gate of the house of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Only, the high places have not turned aside — yet are the people sacrificing and making perfume in high places; he hath built the high gate of the house of Jehovah.
Read in context
- 33जब वह राज्य करने लगा, तब पचीस वर्ष का था, और यरूशलेम में सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी पाता का नाम यरूशा था जो सादोक की बेटी थी।
- 34उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था, अर्थात् जैसा उसके पिता उजिरयाह ने किया था, ठीक वैसा ही उस ने भी किया।
- 35तौभी ऊंचे स्थान गिराए न गए, प्रजा के लोग उन पर उस समय भी बलि चढाते और धूम जलाते रहे। यहोवा के भवन के ऊंचे फाटक को इसी ने बनाया था।
- 36योताम के और सब काम जो उस ने किए, वे क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?
- 37उन दिनों में यहोवा अराम के राजा रसीन को, और रमल्याह के पुत्रा पेकह को, यहूदा के विरूद्ध भेजने लगा।
Cross references
- 2 Chronicles 23:20 2 इतिहास 23:20और वह शतपतियों और रईसों और प्रजा पर प्रभुता करनेवालों और देश के सब लोगों को साथ करके राजा को यहोवा के भवन से नीचे ले गया और ऊंचे फाटक से होकर राजभवन में आया, और राजा को राजगद्दी पर बैठाया।
- 2 Kings 12:3 2 राजा 12:3तौभी ऊंचे स्थान गिराए न गए; प्रजा के लोग तब भी ऊंचे स्थान पर बलि चढ़ाते और धूप जलाते रहे।
- 2 Kings 15:4 2 राजा 15:4तौभी ऊंचे स्थान गिराए न गए; प्रजा के लोग उस समय भी उन पर बलि चढ़ाते, और धूप जलाते रहे।
- 2 Chronicles 27:3–9 2 इतिहास 27:3–9उसी ने यहोवा के भवन के ऊपरवाले फाटक को बनाया, और ओपेल की शहरपनाह पर बहुत कुछ बनवाया। फिर उस ने यहूदा के पहाड़ी देश में कई नगर दृढ़ किए, और जंगलों में गढ़ और गुम्मट बनाए। और वह अम्मोनियों के राजा से युठ्ठ करके उन पर प्रबल हो गया। उसी वर्ष अम्मोनियों ने उसको सौ किक्कार चांदी, और दस दस हजार कोर गेहूं और जव दिया। और फिर दूसरे और तीसरे वर्ष में भी उन्हों ने उसे उतना ही दिया। यों योताम सामथ हो गया, क्योंकि वह अपने आप को अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख जानकर सीधी चाल चलता था। योताम के और काम और उसके सब युठ्ठ और उसकी चाल चलन, इन सब बातों का वर्णन इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास में लिखा है। जब वह राजा हुआ, तब पचीस वर्ष का था; और वह यरूशलेम में सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। निदान योताम अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे दाऊदपुर में मिट्टी दी गई। और उसका पुत्रा आहाज उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
- 2 Kings 18:4 2 राजा 18:4उस ने ऊंचे स्थान गिरा दिए, लाठों को तोड़ दिया, अशेरा को काट डाला। और पीतल का जो सांप मूसा ने बनाया था, उसको उस ने इस कारण चूर चूर कर दिया, कि उन दिनों तक इस्राएली उसके लिये धूप जलाते थे; और उस ने उसका नाम नहुशतान रखा।
- 2 Chronicles 32:12 2 इतिहास 32:12क्या उसी हिजकिरयाह ने उसके ऊंचे स्थान और वेदियो दूर करके यहूदा और यरूशलेम को आज्ञा नहीं दी, कि तुम एक ही वेदी के साम्हने दणडवत करना और उसी पर धूप जलाना?