2 Kings · chapter 18 · verse 21
2 Kings 18:21 in Hindi
सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मिस्र पर भरोसा रखता है, उस पर यदि कोई टेक लगाए, तो वह उसके हाथ में चुभकर छेदेगा। मिस्र का राजा फ़िरौन अपने सब भरोसा रखनेवालों के लिये ऐसा ही है।
Sun, too to us kuchale hue narakat arthaat misr par bharosaa rakhataa hai, us par yadi koee tek lagaae, to vah usake haath mem chubhakar chhedegaa. Misr kaa raajaa phiraun apane sab bharosaa rakhanevaalom ke liye aisaa hee hai.
2 Kings 18:21 in English
- King James Version (KJV)
- Now, behold, thou trustest upon the staff of this bruised reed, [even] upon Egypt, on which if a man lean, it will go into his hand, and pierce it: so [is] Pharaoh king of Egypt unto all that trust on him.
- World English Bible (WEB)
- Now, behold, you trust in the staff of this bruised reed, even in Egypt. If a man leans on it, it will go into his hand and pierce it. So is Pharaoh king of Egypt to all who trust on him.
- American Standard Version (ASV)
- Now, behold, thou trustest upon the staff of this bruised reed, even upon Egypt; whereon if a man lean, it will go into his hand, and pierce it: so is Pharaoh king of Egypt unto all that trust on him.
- Bible in Basic English (BBE)
- See, now, you are basing your hope on that broken rod of Egypt, which will go through a man's hand if he makes use of it for a support; for so is Pharaoh, king of Egypt, to all who put their faith in him.
- Darby Translation (DBY)
- Now behold, thou reliest upon the staff of that broken reed, upon Egypt, on which if a man lean, it goes into his hand and pierces it: so is Pharaoh king of Egypt to all that rely upon him.
- Webster's Bible (WBS)
- Now behold, thou trustest upon the staff of this bruised reed, [even] upon Egypt, on which if a man leaneth, it will go into his hand, and pierce it: so [is] Pharaoh king of Egypt to all that trust on him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Now, lo, thou hast trusted for thee on the staff of this broken reed, on Egypt; which a man leaneth on, and it hath gone into his hand, and pierced it! — so [is] Pharaoh king of Egypt to all those trusting on him.
Read in context
- 19रबशाके ने उन से कहा, हिजकिरयाह से कहो, कि महाराजाधिराज अर्थात् अश्शूर का राजा यों कहता है, कि तू किस पर भरोसा करता है?
- 20तू जो कहता है, कि मेरे यहां युठ्ठ के लिये युक्ति और पराक्रम है, सो तो केवल बात ही बात है। तू किस पर भरोसा रखता है कि तू ने मुझ से बलवा किया है?
- 21सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मिस्र पर भरोसा रखता है, उस पर यदि कोई टेक लगाए, तो वह उसके हाथ में चुभकर छेदेगा। मिस्र का राजा फ़िरौन अपने सब भरोसा रखनेवालों के लिये ऐसा ही है।
- 22फिर यदि तुम मुझ से कहो, कि हमारा भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है, तो क्या यह वही नहीं है जिसके ऊंचे स्थानों और वेदियों को हिजकिरयाह ने दूर करके यहूदा और यरूशलेम से कहा, कि तुम इसी वेदी के साम्हने जो यरूशलेम में है दणडवत करना?
- 23तो अब मेरे स्वामी अश्शूर के राजा के पास मुछ बन्धक रख, तब मैं तुझे दो हाजार घोड़े दूंगा, क्या तू उन पर सवार चढ़ा सकेगा कि नहीं?
Cross references
- Isaiah 30:7 यशायाह 30:7क्योंकि मि की सहायता व्यर्थ और निकम्मी है, इस कारण मैं ने उसको बैठी रहनेवाली रहब कहा है।।
- Ezekiel 29:6–7 यहेजकेल 29:6–7तब मिस्र के सारे निवासी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे तो इस्राएल के घराने के लिये नरकट की टेक ठहरे थे। जब उन्होंने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्होंने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई।
- Isaiah 30:2–3 यशायाह 30:2–3वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें। इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा।
- Isaiah 36:6 यशायाह 36:6सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मि पर भरोसा रखता है; उस पर यदि कोई टेक लगाए तो वह उसके हाथ में चुभकर छेद कर देगा। मि का राजा फिरौन उन सब के साथ ऐसा ही करता है जो उस पर भरोसा रखते हैं।
- Isaiah 31:1–3 यशायाह 31:1–3हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मि को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्रा की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं! परन्तु वह भी बुद्धिमान है और दु:ख देगा, वह अपने वचन न टालेगा, परन्तु उठकर कुकर्मियों के घराने पर और अनर्थकारियों के सहायकों पर भी चढ़ाई करेगा। मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे।
- 2 Kings 17:4 2 राजा 17:4परन्तु अश्शूर के राजा ने होशे को राजद्रोह की गोष्ठी करनेवाला जान लिया, क्योंकि उस ने "सो" नाम मिस्र के राजा के पास दूत भेजे, और अश्शूर के राजा के पास सालियाना भेंट भेजनी छोड़ दी; इस कारण अश्शूर के राजा ने उसको बन्द किया, और बेड़ी डालकर बन्दीगृह में डाल दिया।
- Jeremiah 46:17 यिर्मयाह 46:17वहां वे पुकार के कहते हैं, मिस्र का राजा फिरौन सत्यानाश हुआ; क्योंकि उस ने अपना बहुमूल्य अवसर खे दिया।
Original words (Hebrew)
- trustest · H982בָּטַח bâṭach
- staff · H4938מִשְׁעֵנָה mishʻênâh
- bruised · H7533רָצַץ râtsats
- reed · H7070קָנֶה qâneh
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- lean · H5564סָמַךְ çâmak
- go · H935בּוֹא bôwʼ
- hand · H3709כַּף kaph
- pierce · H5344נָקַב nâqab
- Pharaoh · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- trust · H982בָּטַח bâṭach