Isaiah · chapter 36 · verse 6
Isaiah 36:6 in Hindi
सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मि पर भरोसा रखता है; उस पर यदि कोई टेक लगाए तो वह उसके हाथ में चुभकर छेद कर देगा। मि का राजा फिरौन उन सब के साथ ऐसा ही करता है जो उस पर भरोसा रखते हैं।
Sun, too to us kuchale hue narakat arthaat mi par bharosaa rakhataa hai; us par yadi koee tek lagaae to vah usake haath mem chubhakar chhed kar degaa. Mi kaa raajaa phiraun un sab ke saath aisaa hee karataa hai jo us par bharosaa rakhate hain.
Isaiah 36:6 in English
- King James Version (KJV)
- Lo, thou trustest in the staff of this broken reed, on Egypt; whereon if a man lean, it will go into his hand, and pierce it: so [is] Pharaoh king of Egypt to all that trust in him.
- World English Bible (WEB)
- Behold, you trust in the staff of this bruised reed, even in Egypt, which if a man leans on it, it will go into his hand and pierce it. So is Pharaoh king of Egypt to all who trust in him.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, thou trustest upon the staff of this bruised reed, even upon Egypt, whereon if a man lean, it will go into his hand, and pierce it: so is Pharaoh king of Egypt to all that trust on him.
- Bible in Basic English (BBE)
- See, you are basing your hope on that broken rod of Egypt, which will go into a man's hand if he makes use of it for a support; for so is Pharaoh, king of Egypt, to all who put their faith in him.
- Darby Translation (DBY)
- Behold, thou reliest upon the staff of that broken reed, upon Egypt, on which if a man lean, it goes into his hand, and pierces it: so is Pharaoh king of Egypt to all that rely upon him.
- Webster's Bible (WBS)
- Lo, thou trustest in the staff of this broken reed, on Egypt; on which if a man lean, it will enter his hand, and pierce it: so [is] Pharaoh king of Egypt to all that trust in him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Lo, thou hast trusted on the staff of this broken reed — on Egypt — which a man leaneth on, and it hath gone into his hand, and pierced it — so [is] Pharaoh king of Egypt to all those trusting on him.
Read in context
- 4रबशाके ने उन से कहा, हिजकिरयाह से कहा, महाराजाधिराज अश्शूर का राजा यों कहता है कि तू किसका भरोसा किए बैठा है?
- 5मेरा कहना है कि क्या मुंह से बातें बनाना ही युद्ध के लिये पराक्रम और युक्ति है? तू किस पर भरोसा रखता है कि तू ने मुझ से बलवा किया है?
- 6सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मि पर भरोसा रखता है; उस पर यदि कोई टेक लगाए तो वह उसके हाथ में चुभकर छेद कर देगा। मि का राजा फिरौन उन सब के साथ ऐसा ही करता है जो उस पर भरोसा रखते हैं।
- 7फिर यदि तू मुझ से कहे, हमारा भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है, तो क्या वह वही नहीं है जिसके ऊंचे स्थानों और वेदियों को ढा कर हिजकिरयाह ने यहूदा और यरूशलेम के लोगों से कहा कि तुम इस वेदी के साम्हने दण्डवत् किया करो?
- 8इसलिये अब मेरे स्वामी अश्शूर के राजा के साथ वाचा बान्ध तब मैं तुझे दो हजार घोड़े दूंगा यदि तू उन पर सवार चढ़ा सके।
Cross references
- Ezekiel 29:6–7 यहेजकेल 29:6–7तब मिस्र के सारे निवासी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे तो इस्राएल के घराने के लिये नरकट की टेक ठहरे थे। जब उन्होंने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्होंने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई।
- 2 Kings 18:21 2 राजा 18:21सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मिस्र पर भरोसा रखता है, उस पर यदि कोई टेक लगाए, तो वह उसके हाथ में चुभकर छेदेगा। मिस्र का राजा फ़िरौन अपने सब भरोसा रखनेवालों के लिये ऐसा ही है।
- 2 Kings 17:4 2 राजा 17:4परन्तु अश्शूर के राजा ने होशे को राजद्रोह की गोष्ठी करनेवाला जान लिया, क्योंकि उस ने "सो" नाम मिस्र के राजा के पास दूत भेजे, और अश्शूर के राजा के पास सालियाना भेंट भेजनी छोड़ दी; इस कारण अश्शूर के राजा ने उसको बन्द किया, और बेड़ी डालकर बन्दीगृह में डाल दिया।
- Isaiah 31:3 यशायाह 31:3मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे।
- Jeremiah 37:5–8 यिर्मयाह 37:5–8उस समय फिरौन की सेना चढ़ाई के लिये मिस्र से निकली; तब कसदी जो यरूशलेम को घेरे हुए थे, उसका समाचार सुनकर यरूश्लेम के पास से चले गए। तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास पहुंचा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, यहुदा के जिस राजा ने तुम को प्रार्थना करने के लिये मेरे पास भेजा है, उस से यों कहो, कि देख, फिरौन की जो सेना तुम्हारी सहायता के लिये निकली है वह अपने देश मिस्र में लौट जाएगी। और कसदी फिर वापिस आकर इस नगर से लड़ेंगे; वे इसको ले लेंगे और फूंक देंगे।
- Isaiah 20:5–6 यशायाह 20:5–6तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मि के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएंगे। और समुद्र के इस पार के बसनेवाले उस समय यह कहेंगे, देखो, जिन पर हम आशा रखते थे ओर जिनके पास हम अश्शूर के राजा से बचने के लिये भागने को थे उनकी ऐसी दशा हो गई है। तो फिर हम लोग कैसे बचेंगे?
- Isaiah 30:1–7 यशायाह 30:1–7यहोवा की यह वाणी है, हाय उन बलवा करनेवाले लड़कों पर जो युक्ति तो करते परन्तु मेरी ओर से नहीं; वाचा तो बान्धते परन्तु मेरे आत्मा के सिखाये नहीं; और इस प्रकार पाप पर पाप बढ़ाते हैं। वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें। इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा। उसके हाकिम सोअन में आए तो हैं और उसके दूत अब हानेस में पहुंचे हैं। वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।। दक्खिन देश के पशुओं के विषय भारी वचन। वे अपनी धन सम्पति को जवान गदहों की पीठ पर, और अपने खजानों को ऊंटों के कूबड़ों पर लादे हुए, संकट और सकेती के देश में होकर, जहां सिंह और सिंहनी, नाग और उड़नेवाले तेज विषधर सर्प रहते हैं, उन लोगों के पास जा रहे हैं जिन से उनको लाभ न होगा। क्योंकि मि की सहायता व्यर्थ और निकम्मी है, इस कारण मैं ने उसको बैठी रहनेवाली रहब कहा है।।
Original words (Hebrew)
- trustest · H982בָּטַח bâṭach
- staff · H4938מִשְׁעֵנָה mishʻênâh
- broken · H7533רָצַץ râtsats
- reed · H7070קָנֶה qâneh
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- lean · H5564סָמַךְ çâmak
- go · H935בּוֹא bôwʼ
- hand · H3709כַּף kaph
- pierce · H5344נָקַב nâqab
- Pharaoh · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- trust · H982בָּטַח bâṭach