Isaiah · chapter 30 · verse 7
Isaiah 30:7 in Hindi
क्योंकि मि की सहायता व्यर्थ और निकम्मी है, इस कारण मैं ने उसको बैठी रहनेवाली रहब कहा है।।
Kyonki mi kee sahaayataa vyarth aur nikammee hai, is kaaran maim ne usako baithee rahanevaalee rahab kahaa hai..
Isaiah 30:7 in English
- King James Version (KJV)
- For the Egyptians shall help in vain, and to no purpose: therefore have I cried concerning this, Their strength [is] to sit still.
- World English Bible (WEB)
- For Egypt helps in vain, and to no purpose; therefore I have called her Rahab who sits still.
- American Standard Version (ASV)
- For Egypt helpeth in vain, and to no purpose: therefore have I called her Rahab that sitteth still.
- Bible in Basic English (BBE)
- For there is no use or purpose in the help of Egypt: so I have said about her, She is Rahab, who has come to an end.
- Darby Translation (DBY)
- For Egypt shall help in vain, and to no purpose; therefore have I named her, Arrogance, that doeth nothing.
- Webster's Bible (WBS)
- For the Egyptian shall help in vain, and to no purpose: therefore have I cried concerning this, Their strength [is] to sit still.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Yea, Egyptians [are] vanity, and in vain do help, Therefore I have cried concerning this: 'Their strength [is] to sit still.'
Read in context
- 5वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।।
- 6दक्खिन देश के पशुओं के विषय भारी वचन। वे अपनी धन सम्पति को जवान गदहों की पीठ पर, और अपने खजानों को ऊंटों के कूबड़ों पर लादे हुए, संकट और सकेती के देश में होकर, जहां सिंह और सिंहनी, नाग और उड़नेवाले तेज विषधर सर्प रहते हैं, उन लोगों के पास जा रहे हैं जिन से उनको लाभ न होगा।
- 7क्योंकि मि की सहायता व्यर्थ और निकम्मी है, इस कारण मैं ने उसको बैठी रहनेवाली रहब कहा है।।
- 8अब आकर इसको उनके साम्हने पत्थर पर खोद, और पुस्तक में लिख, कि वह भविष्य के लिये वरन सदा के लिये साक्षी बनी रहे।
- 9क्योंकि वे बलवा करनेवाले लोग और झूठ बोलनेवाले लड़के हैं जो यहोवा की शिक्षा को सुनना नहीं चाहते।
Cross references
- Isaiah 2:22 यशायाह 2:22सो तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
- Isaiah 7:4 यशायाह 7:4और उस से कह, सावधान और शान्त हो; और उन दोनों धूंआं निकलती लुकटियों से अर्थात् रसीन और अरामियों के भड़के हुए कोप से, और रमल्याह के पुत्रा से मत डर, और न तेरा मन कच्चा हो।
- Hosea 5:13 होशे 5:13जब एप्रैम ने अपना रोग, और यहूदा ने अपना घाव देखा, तब एप्रैम अश्शूर के पास गया, और यारेब राजा को कहला भेजा। परन्तु न वह तुम्हें चंगा कर सकता और न तुम्हार घाव अच्छा कर सकता है।
- Isaiah 31:1–5 यशायाह 31:1–5हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मि को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्रा की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं! परन्तु वह भी बुद्धिमान है और दु:ख देगा, वह अपने वचन न टालेगा, परन्तु उठकर कुकर्मियों के घराने पर और अनर्थकारियों के सहायकों पर भी चढ़ाई करेगा। मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे। फिर यहोवा ने मुझ से यों कहा, जिस प्रकार सिंह वा जवान सिंह जब अपने अहेर पर गुर्राता हो, और चरवाहे इकट्ठे होकर उसके विरूद्ध बड़ी भीड़ लगाएं, तौभी वह उनके बोल से न घबराएगा और न उनके कोलाहल के कारण दबेगा, उसी प्रकार सेनाओं का यहोवा, सिरयोन पर्वत और यरूशलेम की पहाड़ी पर, युद्ध करने को उतरेगा। पंख फैलाई हुई चिड़ियों की नाईं सेनाओं का यहोवा यरूशलेम की रक्षा करेगा; वह उसकी रक्षा करके बचाएगा, और उसको बिन छूए ही उद्धार करेगा।।
- Psalm 118:8–9 भजन संहिता 118:8–9यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है। यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।।
- Lamentations 3:26 विलापगीत 3:26यहोवा से उठ्ठार पाने की आशा रखकर चुपचाप रहना भला है।
- Exodus 14:13 निर्गमन 14:13मूसा ने लोगों से कहा, डरो मत, खड़े खड़े वह उद्धार का काम देखो, जो यहोवा आज तुम्हारे लिये करेगा; क्योंकि जिन मिस्त्रियों को तुम आज देखते हो, उनको फिर कभी न देखोगे।
- Isaiah 28:12 यशायाह 28:12जिन से उस ने कहा, विश्राम इसी से मिलेगा; इसी के द्वारा थके हुए को विश्राम दो; परन्तु उन्हों ने सुनना न चाहा।
- Isaiah 51:9 यशायाह 51:9हे यहोवा की भुजा, जाग! जाग और बल धारण कर; जैसे प्राचीनकाल में और बीते हुए पीढ़ियों में, वैसे ही अब भी जाग। क्या तू वही नहीं है जिस ने रहब को टुकड़े टुकड़े किया और मगरमच्छ को छेदा?
- Jeremiah 37:7 यिर्मयाह 37:7इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, यहुदा के जिस राजा ने तुम को प्रार्थना करने के लिये मेरे पास भेजा है, उस से यों कहो, कि देख, फिरौन की जो सेना तुम्हारी सहायता के लिये निकली है वह अपने देश मिस्र में लौट जाएगी।
- Isaiah 30:15 यशायाह 30:15प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्रा यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया,
- Psalm 76:8–9 भजन संहिता 76:8–9तू ने स्वर्ग से निर्णय सुनाया है; पृथ्वी उस समय सुनकर डर गई, और चुप रही, जब परमेश्वर न्याय करने को, और पृथ्वी के सब नम्र लोगों का उद्धार करने को उठा।।