2 Kings · chapter 19 · verse 25
2 Kings 19:25 in Hindi
क्या तू ने नहीं सुना, कि प्राचीनकाल से मैं ने यही ठहराया? और अगले दिनों से इसकी तैयारी की थी, उन्हें अब मैं ने पूरा भी किया है, कि तू गढ़वाले नगरों को खणडहर ही खणडहर कर दे,
Kyaa too ne naheem sunaa, ki praacheenakaal se maim ne yahee thaharaayaa? Aur agale dinom se isakee taiyaaree kee thee, unhem ab maim ne pooraa bhee kiyaa hai, ki too gadhavaale nagarom ko khanadahar hee khanadahar kar de,
2 Kings 19:25 in English
- King James Version (KJV)
- Hast thou not heard long ago [how] I have done it, [and] of ancient times that I have formed it? now have I brought it to pass, that thou shouldest be to lay waste fenced cities [into] ruinous heaps.
- World English Bible (WEB)
- Haven’t you heard how I have done it long ago, and formed it of ancient times? Now I have brought it to pass, that it should be yours to lay waste fortified cities into ruinous heaps.
- American Standard Version (ASV)
- Hast thou not heard how I have done it long ago, and formed it of ancient times? now have I brought it to pass, that it should be thine to lay waste fortified cities into ruinous heaps.
- Bible in Basic English (BBE)
- Has it not come to your ears how I did it long before, purposing it in times long past? Now I have given effect to my design, so that by you strong towns might be turned into masses of broken walls.
- Darby Translation (DBY)
- Hast thou not heard long ago that I have done it? And that from ancient days I formed it? Now have I brought it to pass, that thou shouldest lay waste fortified cities [into] ruinous heaps.
- Webster's Bible (WBS)
- Hast thou not heard long ago [how] I have done it, [and] of ancient times that I have formed it? now have I brought it to pass, that thou shouldst be to lay waste fortified cities [in] ruinous heaps.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hast thou not heard from afar, it I made, From days of old that I formed it? Now I have brought it in, And it becometh a desolation, Ruinous heaps [are] fenced cities,
Read in context
- 23अपने दूतों के द्वारा तू ने प्रभु की निन्दा करके कहा है, कि वहुत से रथ लेकर मैं पर्वतों की चोटियों पर, वरन लबानोन के बीच तक चढ़ आया हूँ, और मैं उसके ऊंचे ऊंचे देवदारूओं और अच्छे अच्छे सनोवरों को काट डालूंगा; और उस में जो सब से ऊंचा टिकने का स्थान होगा उस में और उसके वन की फलदाई बारियों में प्रवेश करूंगा।
- 24मैं ने तो खुदवाकर परदेश का पानी पिया; और मिस्र की नहरों में पांव धरते ही उन्हें सुखा डालूंगा।
- 25क्या तू ने नहीं सुना, कि प्राचीनकाल से मैं ने यही ठहराया? और अगले दिनों से इसकी तैयारी की थी, उन्हें अब मैं ने पूरा भी किया है, कि तू गढ़वाले नगरों को खणडहर ही खणडहर कर दे,
- 26इसी कारण उनके रहनेवालों का बल घट गया; वे विस्मित और लज्जित हुए; वे मैदान के छोटे छोटे पेड़ों और हरी घास और छत पर की घास, और ऐसे अनाज के समान हो गए, जो बढ़ने से पहिले सूख जाता है।
- 27मैं तो तेरा बैठा रहना, और कूच करना, और लौट आना जानता हूँ, और यह भी कि तू मुझ पर अपना क्रोध भड़काता है।
Cross references
- Isaiah 45:7 यशायाह 45:7मैं उजियाले का बनानेवाला और अन्धियारे का सृजनहार हूं, मैं शान्ति का दाता और विपत्ति को रचता हूं, मैं यहोवा ही इन सभों का कर्त्ता हूं।
- Isaiah 37:26–27 यशायाह 37:26–27क्या तू ने नहीं सुना कि प्राचीनकाल से मैं ने यही ठाना और पूर्वकाल से इसकी तैयारी की थी? इसलिये अब मैं ने यह पूरा भी किया है कि तू गढ़वाले नगरों को खण्डहर की खण्डहर कर दे। इसी कारण उनके रहनेवालों का बल घट गया और वे विस्मित और लज्जित हुए: वे मैदान के छोटे छोटे पेड़ों और हरी घास और छत पर की घास और ऐसे अनाज के समान हो गए जो बढ़ने से पहिले ही सूख जाता है।।
- Isaiah 46:10–11 यशायाह 46:10–11मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- Isaiah 10:5–6 यशायाह 10:5–6अश्शूर पर हाय, जो मेरे क्रोध का लठ और मेरे हाथ में का सोंटा है! वह मेरा क्रोध है। मैं उसको एक भक्तिहीन जाति के विरूद्ध भेजूंगा, और जिन लोगों पर मेरा रोष भड़का है उनके विरूद्ध उसको आज्ञा दूंगा कि छीन छान करे और लूट ले, और उनको सड़कों की कीच के समान लताड़े।
- Isaiah 10:15 यशायाह 10:15क्या कुल्हाड़ा उसक विरूद्ध जो उस से काटता हो डींग मारे, वा आरी उसके विरूद्ध जो उसे खींचता हो बड़ाई करे? क्या सोंटा अपने चलानेवाले को चलाए वा छड़ी उसे उठाए जो काठ नहीं है!
- Psalm 33:11 भजन संहिता 33:11यहोवा की युक्ति सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएं पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।
- Acts 4:27–28 प्रेरितों के काम 4:27–28क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए। कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- Isaiah 54:16 यशायाह 54:16सुन, एक लोहार कोएले की आग धोंककर इसके लिये हथियार बनाता है, वह मेरा ही सृजा हुआ है। उजाड़ने के लिये भी मेरी ओर से एक नाश करने वाला सृजा गया है।
- Psalm 76:10 भजन संहिता 76:10निश्चय मनुष्य की जलजलाहट तेरी स्तुति का कारण हो जाएगी, और जो जलजलाहट रह जाए, उसको तू रोकेगा।