Isaiah · chapter 46 · verse 10
Isaiah 46:10 in Hindi
मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।
Mai to ant kee baat aadi se aur praacheenakaal se us baat ko bataataa aayaa hoom jo ab tak naheem huee. Maim kahataa hoom, meree yukti sthir rahegee aur maim apanee ichchhaa ko pooree karoongaa.
Isaiah 46:10 in English
- King James Version (KJV)
- Declaring the end from the beginning, and from ancient times [the things] that are not [yet] done, saying, My counsel shall stand, and I will do all my pleasure:
- World English Bible (WEB)
- I declare the end from the beginning, and from ancient times things that are not yet done. I say: My counsel will stand, and I will do all that I please.
- American Standard Version (ASV)
- declaring the end from the beginning, and from ancient times things that are not [yet] done; saying, My counsel shall stand, and I will do all my pleasure;
- Bible in Basic English (BBE)
- Making clear from the first what is to come, and from past times the things which have not so far come about; saying, My purpose is fixed, and I will do all my pleasure;
- Darby Translation (DBY)
- declaring the end from the beginning, and from ancient times the things that are not yet done, saying, My counsel shall stand, and I will do all my pleasure;
- Webster's Bible (WBS)
- Declaring the end from the beginning, and from ancient times [the things] that are not [yet] done, saying, My counsel shall stand, and I will do all my pleasure:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Declaring from the beginning the latter end, And from of old that which hath not been done, Saying, 'My counsel doth stand, And all My delight I do.'
Read in context
- 8हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ।
- 9प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।
- 10मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।
- 11मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- 12हे कठोर मनवालो तुम जो धर्म से दूर हो, कान लगाकर मेरी सुनो।
Cross references
- Proverbs 19:21 नीतिवचन 19:21मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
- Psalm 33:11 भजन संहिता 33:11यहोवा की युक्ति सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएं पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।
- Ephesians 1:9–11 इफिसियों 1:9–11कि उस ने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था। कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्रा करे। उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- Isaiah 43:13 यशायाह 43:13मैं ही ईश्वर हूं और भविष्य में भी मैं ही हूं; मेरे हाथ से कोई छुड़ा न सकेगा; जब मैं काम करना चाहूं तब कौन मुझे रोक सकेगा।।
- Isaiah 45:21 यशायाह 45:21तुम प्रचार करो और उनको लाओ; हां, वे आपस में सम्मति करें किस ने प्राचीनकाल से यह प्रगट किया? किस ने प्राचीनकाल में इसकी सूचना पहिले ही से दी? क्या मैं यहोवा ही ने यह नहीं किया? इसलिये मुझे छोड़ कोई और दूसरा परमेश्वर नहीं है, धर्मी और उद्धारकर्ता ईश्वर मुझे छोड़ और कोई नहीं है।।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Psalm 135:6 भजन संहिता 135:6जो कुछ यहोवा ने चाहा उसे उस ने आकाश और पृथ्वी और समुद्र और सब गहिरे स्थानों में किया है।
- Isaiah 44:7 यशायाह 44:7और जब से मैं ने प्राचीनकाल में मनुष्यों को ठहराया, तब से कौन हुआ जो मेरी नाईं उसको प्रचार करे, वा बताए वा मेरे लिये रचे अथवा होनहार बातें पहिले ही से प्रगट करे?
- Acts 5:39 प्रेरितों के काम 5:39परन्तु यदि परमेश्वर की ओर से है, तो तुम उन्हें कदापि मिटा न सकोगे; कहीं ऐसा न हो, कि तुम परमेश्वर से भी लड़नेवाले ठहरो।
- Isaiah 46:11 यशायाह 46:11मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- Hebrews 6:17 इब्रानियों 6:17इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया।
- Acts 4:27–28 प्रेरितों के काम 4:27–28क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए। कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।