Isaiah · chapter 45 · verse 7
Isaiah 45:7 in Hindi
मैं उजियाले का बनानेवाला और अन्धियारे का सृजनहार हूं, मैं शान्ति का दाता और विपत्ति को रचता हूं, मैं यहोवा ही इन सभों का कर्त्ता हूं।
Maim ujiyaale kaa banaanevaalaa aur andhiyaare kaa srujanahaar hoom, maim shaanti kaa daataa aur vipatti ko rachataa hoom, maim yahovaa hee in sabhom kaa karttaa hoon.
Isaiah 45:7 in English
- King James Version (KJV)
- I form the light, and create darkness: I make peace, and create evil: I the LORD do all these [things].
- World English Bible (WEB)
- I form the light and create darkness. I make peace and create calamity. I am the LORD, who does all these things.
- American Standard Version (ASV)
- I form the light, and create darkness; I make peace, and create evil; I am Jehovah, that doeth all these things.
- Bible in Basic English (BBE)
- I am the giver of light and the maker of the dark; causing blessing, and sending troubles; I am the Lord, who does all these things.
- Darby Translation (DBY)
- forming the light and creating darkness, making peace and creating evil: I, Jehovah, do all these things.
- Webster's Bible (WBS)
- I form the light, and create darkness: I make peace, and create evil: I the LORD do all these [things] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- Forming light, and preparing darkness, Making peace, and preparing evil, I [am] Jehovah, doing all these things.'
Read in context
- 5मैं यहोवा हूं और दूसरा कोई नहीं, मुझे छोड़ कोई परमेश्वर नहीं; यद्यपि तू मुझे नहीं जानता, तौभी मैं तेरी कमर कसूंगा,
- 6जिस से उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक लोग जान लें कि मुझ बिना कोई है ही नहीं है।
- 7मैं उजियाले का बनानेवाला और अन्धियारे का सृजनहार हूं, मैं शान्ति का दाता और विपत्ति को रचता हूं, मैं यहोवा ही इन सभों का कर्त्ता हूं।
- 8हे आकाश, ऊपर से धर्म बरसा, आकाशमण्डल से धर्म की वर्षा हो; पृथ्वी खुले कि उद्धार उत्पन्न हो; और धर्म भी उसके संग उगाए; मैं यहोवा ही ने उसे उत्पन्न किया है।।
- 9हाय उस पर जो अपने रचनेवाले से झगड़ता है! वह तो मिट्टी के ठीकरों में से एक ठीकरा ही है! क्या मिट्टी कुम्हार से कहेगी, तू यह क्या करता है? क्या कारीगर का बनाया हुआ कार्य उसके विषय कहेगा कि उसके हाथ नहीं है?
Cross references
- Ecclesiastes 7:13–14 सभोपदेशक 7:13–14परमेश्वर के काम पर दृष्टि कर; जिस वस्तु को उस ने टेढ़ा किया हो उसे कौन सीधा कर सकता है? सुख के दिन सुख मान, और दु:ख के दिन सोच; क्योंकि परमेश्वर ने दोनों को एक ही संग रखा है, जिस से मनुष्य अपने बाद होनेवाली किसी बात को न बूझ सके।
- Amos 3:6 आमोस 3:6क्या किसी नगर में नरसिंगा फूंकने पर लोग न थरथराएंगे? क्या यहोवा के बिना भेजे किसी नगर में कोई विपत्ति पड़ेगी?
- Psalm 75:7 भजन संहिता 75:7परन्तु परमेश्वर ही न्यायी है, वह एक को घटाता और दूसरे को बढ़ाता है।
- Job 2:10 अय्यूब 2:10उस ने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अरयूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया।
- Isaiah 31:2 यशायाह 31:2परन्तु वह भी बुद्धिमान है और दु:ख देगा, वह अपने वचन न टालेगा, परन्तु उठकर कुकर्मियों के घराने पर और अनर्थकारियों के सहायकों पर भी चढ़ाई करेगा।
- Amos 4:13 आमोस 4:13देख, पहाड़ों का बनानेवाला और पवन का सिरजनेवाला, और मनुष्य को उसके मन का विचार बतानेवाला और भोर को अन्धकार करनेवाला, और जो पृथ्वी के ऊंचे स्थानों पर चलनेवाला है, उसी का नाम सेनाओं का परमेश्वर यहोवा है।।
- Jeremiah 13:16 यिर्मयाह 13:16अपने परमेश्वर यहोवा की बड़ाई करो, इस से पहिले कि वह अन्धकार लाए और तुम्हारे पांव अन्धेरे पहाड़ों पर ठोकर खाएं, और जब तुम प्रकाश का आसरा देखो, तब वह उसको मृत्यु की छाया से बदल और उसे घोर अन्धकार बना दे।
- Jeremiah 31:35 यिर्मयाह 31:35जिसने दिन को प्रकाश देने के लिये सूर्य को और रात को प्रकाश देने के लिये चन्द्रमा और तारागण के नियम ठहराए हैं, जो समुद्र को उछालता और उसकी लहरों को गरजाता है, और जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, वही यहोवा यों कहता है:
- Jeremiah 51:20 यिर्मयाह 51:20तू मेरा फरसा और युद्व के लिये हथियार ठहराया गया है; तेरे द्वारा मैं जाति जाति को तितर- बितर करूंगा; और तेरे ही द्वारा राज्य राज्य को नाश करूंगा।
- Nahum 1:8 नहूम 1:8परन्तु वह उमड़ती हुई धारा से उसके स्थान का अन्त कर देगा, और अपने शत्रुओं को खदेड़कर अन्धकार में भगा देगा।
- Amos 5:6 आमोस 5:6यहोवा की खोज करो, तब जीवित रहोगे, नहीं तो वह यूसुफ के घराने पर आग की नाईं भड़केगा, और वह उसे भस्म करेगी, और बेतेल में कोई उसका बुझानेवाला न होगा।
- Psalm 104:20–23 भजन संहिता 104:20–23तू अन्धकार करता है, तब रात हो जाती है; जिस में वन के सब जीव जन्तु घूमते फिरते हैं। जवान सिंह अहेर के लिये गरजते हैं, और ईश्वर से अपना आहार मांगते हैं। सूर्य उदय होते ही वे चले जाते हैं और अपनी मांदों में जा बैठते हैं। तब मनुष्य अपने काम के लिये और सन्ध्या तक परिश्रम करने के लिये निकलता है।