2 Kings · chapter 4 · verse 38
2 Kings 4:38 in Hindi
तब एलीशा गिलगाल को लौट गया। उस समय देश में अकाल था, और भविष्यद्वक्ताओं के चेले उसके साम्हने बैटे हुए थे, और उस ने अपने सेवक से कहा, हण्डा चढ़ाकर भविष्यद्वक्ताओं के चेलों के लिये कुछ पका।
Tab eleeshaa gilagaal ko laut gayaa. Us samay desh mem akaal thaa, aur bhavishyadvaktaaom ke chele usake saamhane baite hue the, aur us ne apane sevak se kahaa, handaa chadhaakar bhavishyadvaktaaom ke chelom ke liye kuchh pakaa.
2 Kings 4:38 in English
- King James Version (KJV)
- And Elisha came again to Gilgal: and [there was] a dearth in the land; and the sons of the prophets [were] sitting before him: and he said unto his servant, Set on the great pot, and seethe pottage for the sons of the prophets.
- World English Bible (WEB)
- Elisha came again to Gilgal. There was a famine in the land; and the sons of the prophets were sitting before him; and he said to his servant, “Get the large pot, and boil stew for the sons of the prophets.”
- American Standard Version (ASV)
- And Elisha came again to Gilgal. And there was a dearth in the land; and the sons of the prophets were sitting before him; and he said unto his servant, Set on the great pot, and boil pottage for the sons of the prophets.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Elisha went back to Gilgal, now there was very little food in the land; and the sons of the prophets were seated before him. And he said to his servant, Put the great pot on the fire, and make soup for the sons of the prophets.
- Darby Translation (DBY)
- And Elisha came again to Gilgal. And there was a famine in the land; and the sons of the prophets were sitting before him. And he said to his servant, Set on the great pot, and boil pottage for the sons of the prophets.
- Webster's Bible (WBS)
- And Elisha came again to Gilgal. And [there was] a dearth in the land; and the sons of the prophets [were] sitting before him: and he said to his servant, Set on the great pot, and boil pottage for the sons of the prophets.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Elisha hath turned back to Gilgal, and the famine [is] in the land, and the sons of the prophets are sitting before him, and he saith to his young man, 'Set on the great pot, and boil pottage for the sons of the prophets.'
Read in context
- 36तब एलीशा ने गेहजी को बुलाकर कहा, शूनेमिन को बुला ले। जब उसके बुलाने से वह उसके पास आई, तब उस ने कहा, अपने बेटे को उठा ले।
- 37वह भीतर बई, और उसके पावों पर गिर भूमि तक झुककर दणडवत किया; फिर अपने बेटे को उठाकर निकल गई।
- 38तब एलीशा गिलगाल को लौट गया। उस समय देश में अकाल था, और भविष्यद्वक्ताओं के चेले उसके साम्हने बैटे हुए थे, और उस ने अपने सेवक से कहा, हण्डा चढ़ाकर भविष्यद्वक्ताओं के चेलों के लिये कुछ पका।
- 39तब कोई मैदान में साग तोड़ने गया, और कोई जंगली लता पाकर अपनी अंकवार भर इन्द्रायण तोड़ ले आया, और फांक फांक करके पकने के लिये हण्डे में डाल दिया, और वे उसको न पहिचानते थे।
- 40तब उन्हों ने उन मनुष्यों के खाने के लिये हण्डे में से परोसा। खाते समय वे चिल्लाकर बोल उठे, हे परमेश्वर के भक्त हण्डे में माहुर है, और वे उस में से खा न सके।
Cross references
- 2 Kings 2:1 2 राजा 2:1जब यहोवा एलिरयाह को बवंडर के द्वारा स्वर्ग में उठा लेने को था, तब एलिरयाह और एलीशा दोनों संग संग गिलगाल से चले।
- 2 Kings 8:1 2 राजा 8:1जिस स्त्री के बेटे को एलीशा ने जिलाया था, उस से उस ने कहा था कि अपने घराने समेत यहां से जाकर जहां कहीं तू रह सके वहां रह; क्योंकि यहोवा की इच्छा है कि अकाल पड़े, और वह इस देश में सात वर्ष तक बना रहेगा।
- 2 Kings 2:3 2 राजा 2:3और बेतेलवासी भविष्यद्वक्ताओं के चेले एलीशा के पास आकर कहने लगे, क्या तुझे मालूम है कि आज यहोवा तेरे स्वामी को तेरे ऊपर से उठा लेने पर है? उस ने कहा, हां, मुझे भी यह मालूम है, तुम चुप रहो।
- Acts 22:3 प्रेरितों के काम 22:3मैं तो यहूदी मनुष्य हूं, जो किलिकिया के तरसुस में जन्मा; परन्तु इस नगर में गमलीएल के पांवों के पास बैठकर पढ़ाया गया, और बापदादों की व्यवस्था की ठीक रीति पर सिखाया गया; और परमेश्वर के लिये ऐसी धुन लगाए था, जैसे तुम सब आज लगाए हो।
- Luke 10:39 लूका 10:39और मरियम नाम उस की एक बहिन थी; वह प्रभु के पांवों के पास बैठकर उसका वचन सुनती थी।
- Leviticus 26:26 लैव्यव्यवस्था 26:26और जब मैं तुम्हारे लिये अन्न के आधार को दूर कर डालूंगा, तब दस स्त्रियां तुम्हारी रोटी एक ही तंदूर में पकाकर तौल तौलकर बांट देंगी; और तुम खाकर भी तृप्त न होगे।।
- 1 Samuel 7:16–17 1 शमूएल 7:16–17वह प्रति वर्ष बेतेल और गिलगाल और मिस्पा में घूम- घूमकर उन सब स्थानों में इस्राएलियों का न्याय करता था। तब वह रामा में जहां उसका घर था लौट आया, और वहां भी इस्राएलियों का न्याय करता था, और वहां उस ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई।।
- Luke 8:35 लूका 8:35और लोग यह जो हुआ था उसके देखने को निकले, और यीशु के पास आकर जिस मनुष्य से दुष्टात्माएं निकली थीं, उसे यीशु के पांवों के पास कपड़े पहिने और सचेत बैठे हुए पाकर डर गए।
- 2 Samuel 21:1 2 शमूएल 21:1दाऊद के दिनों में लगातार तीन बरस तक अकाल पड़ा; तो दाऊद ने यहोवा से प्रार्थना की। यहोवा ने कहा, यह शाऊल और उसके खूनी घराने के कारण हुआ, क्योंकि उस ने गिबोनियों को मरवा डाला था।
- Acts 10:38 प्रेरितों के काम 10:38कि परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था।
- Deuteronomy 28:38–40 व्यवस्थाविवरण 28:38–40तू खेत में बीज तो बहुत सा ले जाएगा, परन्तु उपज थोड़ी ही बटोरेगा; क्योंकि टिडि्डयां उसे खा जाएंगी। तू दाख की बारियां लगाकर उन मे काम तो करेगा, परन्तु उनकी दाख का मधु पीने न पाएगा, वरन फल भी तोड़ने न पाएगा; क्योंकि कीड़े उनको खा जाएंगे। तेरे सारे देश में जलपाई के वृक्ष तो होंगे, परन्तु उनका तेल तू अपने शरीर में लगाने न पाएगा; क्योंकि वे झड़ जाएंगे।
- Luke 9:13 लूका 9:13उस ने उन से कहा, तुम ही उन्हें खाने को दो: उन्हों ने कहा, हमारे पास पांच रोटियां और दो मछली को छोड़ और कुछ नहीं: परन्तु हां, यदि हम जाकर इन सब लोगों के लिये भोजन मोल लें, तो हो सकता है: वे लोग तो पांच हजार पुरूषों के लगभग थे।
Original words (Hebrew)
- Elisha · H477אֱלִישָׁע ʼĔlîyshâʻ
- again · H7725שׁוּב shûwb
- Gilgal · H1537גִּלְגָּל Gilgâl
- dearth · H7458רָעָב râʻâb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- sons · H1121בֵּן bên
- prophets · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- sitting · H3427יָשַׁב yâshab
- before · H6440פָּנִים pânîym
- said · H559אָמַר ʼâmar
- servant · H5288נַעַר naʻar
- Set · H8239שָׁפַת shâphath
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- pot · H5518סִיר çîyr
- seethe · H1310בָּשַׁל bâshal
- pottage · H5138נָזִיד nâzîyd
- sons · H1121בֵּן bên
- prophets · H5030נָבִיא nâbîyʼ