2 Kings · chapter 6 · verse 11
2 Kings 6:11 in Hindi
इस कारण अराम के राजा का मन बहुत घबरा गया; सो उस ने अपने कर्मचारियों को बुलाकर उन से पूछा, क्या तुम मुझे न बताओगे कि हम लोगों में से कौन इस्राएल के राजा की ओर का है? उसके एक कर्मचारी ने कहा, हे मेरे प्रभु! हे राजा! ऐसा नहीं,
Is kaaran araam ke raajaa kaa man bahut ghabaraa gayaa; so us ne apane karmachaariyom ko bulaakar un se poochhaa, kyaa tum mujhe na bataaoge ki ham logom mem se kaun israael ke raajaa kee or kaa hai? Usake ek karmachaaree ne kahaa, he mere prabhu! He raajaa! Aisaa naheem,
2 Kings 6:11 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore the heart of the king of Syria was sore troubled for this thing; and he called his servants, and said unto them, Will ye not shew me which of us [is] for the king of Israel?
- World English Bible (WEB)
- The king of Syria’s heart was very troubled about this. He called his servants, and said to them, “Won’t you show me which of us is for the king of Israel?”
- American Standard Version (ASV)
- And the heart of the king of Syria was sore troubled for this thing; and he called his servants, and said unto them, Will ye not show me which of us is for the king of Israel?
- Bible in Basic English (BBE)
- And at this, the mind of the king of Aram was greatly troubled, and he sent for his servants and said to them, Will you not make clear to me which of us is helping the king of Israel?
- Darby Translation (DBY)
- And the heart of the king of Syria was troubled because of this thing; and he called his servants, and said to them, Will ye not shew me which of us is for the king of Israel?
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore the heart of the king of Syria was greatly troubled for this thing; and he called his servants, and said to them, Will ye not show me which of us [is] for the king of Israel?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the heart of the king of Aram is tossed about concerning this thing, and he calleth unto his servants, and saith unto them, 'Do ye not declare to me who of us [is] for the king of Israel?'
Read in context
- 9तब परमेश्वर के भक्त ने इस्राएल के राजा के पास कहला भेजा, कि चौकसी कर और अमुक स्थान से होकर न जाना क्योंकि वहां अरामी चढ़ाई करनेवाले हैं।
- 10तब इस्राएल के राजा ने उस स्थान को, जिसकी चर्चा करके परमेश्वर के भक्त ने उसे चिताया था, भेजकर, अपनी रक्षा की; और उस प्रकार एक दो बार नहीं वरन बहुत बार हुआ।
- 11इस कारण अराम के राजा का मन बहुत घबरा गया; सो उस ने अपने कर्मचारियों को बुलाकर उन से पूछा, क्या तुम मुझे न बताओगे कि हम लोगों में से कौन इस्राएल के राजा की ओर का है? उसके एक कर्मचारी ने कहा, हे मेरे प्रभु! हे राजा! ऐसा नहीं,
- 12एलीशा जो इस्राएल में भविष्यद्वक्ता है, वह इस्राएल के राजा को वे बातें भी बताया करता है, जो तू शयन की कोठरी में बोलता है।
- 13राजा ने कहा, जाकर देखो कि वह कहां है, तब मैं भेजकर उसे पहड़वा मंगाऊंगा। और उसको यह समाचार मिला कि वह दोतान में है।
Cross references
- Isaiah 57:20–21 यशायाह 57:20–21परन्तु दुष्ट तो लहराते समुुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है। दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है।।
- 1 Samuel 28:21 1 शमूएल 28:21तब वह स्त्री शाऊल के पास गई, और उसको अति व्याकुल देखकर उस से कहा, सुन, तेरी दासी ने तो तेरी बात मानी; और मैं ने अपने प्राण पर खेलकर तेरे वचनों को सुन लिया जो तू ने मुझ से कहा।
- Job 18:7–11 अय्यूब 18:7–11उसके बड़े बड़े फाल छोटे हो जाएंगे और वह अपनी ही युक्ति के द्वारा गिरेगा। वह अपना ही पांव जाल में फंसाएगा, वह फन्दों पर चलता है। उसकी एड़ी फन्दे में फंस जाएगी, और वह जाल में पकड़ा जाएगा। फन्दे की रस्सियां उसके लिये भूमि में, और जाल रास्ते में छिपा दिया गया है। चारों ओर से डरावनी वस्तुएं उसे डराएंगी और उसके पीछे पड़कर उसको भगाएंगी।
- Psalm 48:4–5 भजन संहिता 48:4–5क्योंकि देखो, राजा लोग इकट्ठे हुए, वे एक संग आगे बढ़ गए। उन्हों ने आप ही देखा और देखते ही विस्मित हुए, वे घबराकर भाग गए।
- 1 Samuel 22:8 1 शमूएल 22:8तुम सभों ने मेरे विरूद्ध क्यों राजद्रोह की गोष्ठी की है? और जब मेरे पुत्रा ने यिशै के पुत्रा से वाचा बान्धी, तब किसी ने मुझ पर प्रगट नहीं किया; और तुम में से किसी ने मेरे लिये शोकित होकर मुझ पर प्रगट नहीं किया, कि मेरे पुत्रा ने मेरे कर्मचारी को मेरे विरूद्ध ऐसा घात लगाने को उभारा है, जैसा आज के दिन है।
- Matthew 2:3–12 मत्ती 2:3–12यह सुनकर हेरोदेस राजा और उसके साथ सारा यरूशलेम घबरा गया। और उस ने लोगों के सब महायाजकों और शास्त्रियों को इकट्ठे करके उन से पूछा, कि मसीह का जन्म कहाँ होना चाहिए? उन्हों ने उस से कहा, यहूदिया के बैतलहम में; क्योंकि भविष्यद्वक्ता के द्वारा यों लिखा है। कि हे बैतलहम, जो यहूदा के देश में है, तू किसी रीति से यहूदा के अधिकारियों में सब से छोटा नहीं; क्योंकि तुझ में से एक अधिपति निकलेगा, जो मेरी प्रजा इस्राएल की रखवाली करेगा। तब हेरोदेस ने ज्योतिषियों को चुपके से बुलाकर उन से पूछा, कि तारा ठीक किस समय दिखाई दिया था। और उस ने यह कहकर उन्हें बैतलहम भेजा, कि जाकर उस बालक के विषय में ठीक ठीक मालूम करो और जब वह मिल जाए तो मुझे समाचार दो ताकि मैं भी आकर उस को प्रणाम करूं। वे राजा की बात सुनकर चले गए, और देखो, जो तारा उन्हों ने पूर्व में देखा था, वह उन के आगे आगे चला, और जंहा बालक था। उस जगह के ऊपर पंहुचकर ठहर गया।। उस तारे को देखकर वे अति आनन्दित हुए। और उस घर में पहुंचकर उस बालक को उस की माता मरियम के साथ देखा, और मुंह के बल गिरकर उसे प्रणाम किया; और अपना अपना थैला खोलकर उसे सोना, और लोहबान, और गन्धरस की भेंट चढ़ाई। और स्वप्न में यह चितौनी पाकर कि हेरोदेस के पास फिर न जाना, वे दूसरे मार्ग से होकर अपने देश को चले गए।।