2 Samuel · chapter 12 · verse 22
2 Samuel 12:22 in Hindi
उस ने उत्तर दिया, कि जब तक बच्चा जीवित रहा तब तक तो मैं यह सोचकर उपवास करता और रोता रहा, कि क्या जाने यहोवा माुझ पर ऐसा अनुग्रह करे कि बच्चा जीवित रहे।
Us ne uttar diyaa, ki jab tak bachchaa jeevit rahaa tab tak to maim yah sochakar upavaas karataa aur rotaa rahaa, ki kyaa jaane yahovaa maaుjh par aisaa anugrah kare ki bachchaa jeevit rahe.
2 Samuel 12:22 in English
- King James Version (KJV)
- And he said, While the child was yet alive, I fasted and wept: for I said, Who can tell [whether] GOD will be gracious to me, that the child may live?
- World English Bible (WEB)
- He said, “While the child was yet alive, I fasted and wept; for I said, ‘Who knows whether the LORD will not be gracious to me, that the child may live?’
- American Standard Version (ASV)
- And he said, While the child was yet alive, I fasted and wept: for I said, Who knoweth whether Jehovah will not be gracious to me, that the child may live?
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, While the child was still living I went without food and gave myself up to weeping: for I said, Who is able to say that the Lord will not have mercy on me and give the child life?
- Darby Translation (DBY)
- And he said, While the child was yet alive, I fasted and wept; for I thought, Who knows? [perhaps] Jehovah will be gracious to me, that the child may live.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, While the child was yet alive, I fasted, and wept: for I said, Who can tell [whether] God will be gracious to me, that the child may live?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he saith, 'While the lad is alive I have fasted, and weep, for I said, Who knoweth? — Jehovah doth pity me, and the lad hath lived;
Read in context
- 20तब दाऊद भूमि पर से उठा, और नहाकर तेल लगाया, और वस्त्रा बदला; तब यहोवा के भवन में जाकर दणडवत् की; फिर अपने भवन में आया; और उसकी आज्ञा पर रोटी उसको परोसी गई, और उस ने भोजन किया।
- 21तब उसके कर्मचारियों ने उस से पूछा, तू ने यह क्या काम किया है? जब तक बच्चा जीवित रहा, तब तक तू उपवास करता हुआ रोता रहा; परन्तु ज्योंही बच्चा मर गया, त्योंही तू उठकर भोजन करने लगा।
- 22उस ने उत्तर दिया, कि जब तक बच्चा जीवित रहा तब तक तो मैं यह सोचकर उपवास करता और रोता रहा, कि क्या जाने यहोवा माुझ पर ऐसा अनुग्रह करे कि बच्चा जीवित रहे।
- 23परन्तु अब वह मर गया, फिर मैं उपवास क्यों करूं? क्या मैं उसे लौटा ला सकता हूं? मैं तो उसके पास जाऊंगा, परन्तु वह मेरे पास लौट न आएगा।
- 24तब दाऊद ने अपनी पत्नी बतशेबा को शान्ति दी, और वह उसके पास गया; और असके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ, और उस ने उसका नाम सुलैमान रखा। और वह सहोवा का प्रिय हुआ।
Cross references
- Isaiah 38:1–3 यशायाह 38:1–3उन दिनों में हिजकिरयाह ऐसा रोगी हुआ कि वह मरने पर था। और आमोस के पुत्रा यशायाह नबी ने उसके पास जाकर कहा, यहोवा यों कहता है, अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे, क्योंकि तू न बचेगा मर ही जाएगा। तब हिजकिरयाह ने भी की ओर मुंह फेरकर यहोवा से प्रार्थना करके कहा; हे यहोवा, मैं बिनती करता हूं, स्मरण कर कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूं और जो तेरी दृष्टि में उचित था वही करता आया हूं। और हिजकिरयाह बिलक बिलककर रोने लगा।
- Isaiah 38:5 यशायाह 38:5जाकर हिजकिरयाह से कह कि तेरे मूलपुरूष दाऊद का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं ने तेरी प्रार्थना सुनी और तेरे आंसू देखे हैं; सुन, मैं तेरी आयु पन्द्रह वर्ष और बढ़ा दूंगा।
- Jonah 3:9–10 योना 3:9–10सम्भव है, परमेश्वर दया करे और अपनी इच्छा बदल दे, और उसका भड़का हुआ कोप शान्त हो जाए और हम नाश होने से बच जाएं।। जब परमेश्वर ने उनके कामों को देखा, कि वे कुमार्ग से फिर रहे हैं, तब परमेश्वर ने अपनी इच्छा बदल दी, और उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया।।
- Joel 1:14 योएल 1:14उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो। पुरनियों को, वरन देश के सब रहनेवालों को भी अपने परमेश्वर यहोवा के भवन में इकट्ठे करके उसकी दोहाई दो।।
- Jonah 1:6 योना 1:6तब मांझी उसके निकट आकर कहने लगा, तू भारी नींद में पड़ा हुआ क्या करता है? उठ, अपने देवता की दोहाई दे! सम्भव है कि परमेश्वर हमारी चिन्ता करे, और हमारा नाश न हो।।
- Joel 2:14 योएल 2:14क्या जाने वह फिरकर पछताए और ऐसी आशीष दे जिस से तुम्हारे परमेश्वर यहोवा का अन्नबलि और अर्ध दिया जाए।।
- Amos 5:15 आमोस 5:15बुराई से बैर और भलाई से प्रीति रखो, और फाटक में न्याय को स्थिर करो; क्या जाने सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यूसुफ से बचे हुओं पर अनुग्रह करे।।
- James 4:9–10 याकूब 4:9–10दुखी होओ, और शोक करा, और रोओ: तुम्हारी हंसी शोक से और तुम्हारा आनन्द उदासी से बदल जाए। प्रभु के साम्हने दीन बनो, तो वह तुम्हें शिरोमणि बनाएगा।