Isaiah · chapter 38 · verse 1
Isaiah 38:1 in Hindi
उन दिनों में हिजकिरयाह ऐसा रोगी हुआ कि वह मरने पर था। और आमोस के पुत्रा यशायाह नबी ने उसके पास जाकर कहा, यहोवा यों कहता है, अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे, क्योंकि तू न बचेगा मर ही जाएगा।
Un dinom mem hijakirayaah aisaa rogee huaa ki vah marane par thaa. Aur aamos ke putraa yashaayaah nabee ne usake paas jaakar kahaa, yahovaa yom kahataa hai, apane gharaane ke vishay jo aajnyaa denee ho vah de, kyonki too na bachegaa mar hee jaaegaa.
Isaiah 38:1 in English
- King James Version (KJV)
- In those days was Hezekiah sick unto death. And Isaiah the prophet the son of Amoz came unto him, and said unto him, Thus saith the LORD, Set thine house in order: for thou shalt die, and not live.
- World English Bible (WEB)
- In those days Hezekiah was sick and near death. Isaiah the prophet, the son of Amoz, came to him, and said to him, “The LORD says, ‘Set your house in order, for you will die, and not live.’”
- American Standard Version (ASV)
- In those days was Hezekiah sick unto death. And Isaiah the prophet the son of Amoz came to him, and said unto him, Thus saith Jehovah, Set thy house in order; for thou shalt die, and not live.
- Bible in Basic English (BBE)
- In those days Hezekiah was ill and near death. And Isaiah the prophet, the son of Amoz, came to him, and said to him, The Lord says, Put your house in order; for your death is near.
- Darby Translation (DBY)
- In those days Hezekiah was sick unto death. And the prophet Isaiah the son of Amoz came to him, and said to him, Thus saith Jehovah: Set thy house in order; for thou shalt die, and not live.
- Webster's Bible (WBS)
- In those days was Hezekiah sick with a mortal disease. And Isaiah the prophet the son of Amoz came to him, and said to him, Thus saith the LORD, Set thy house in order: for thou shalt die, and not live.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In those days hath Hezekiah been sick unto death, and come in unto him doth Isaiah son of Amoz, the prophet, and saith unto him, 'Thus said Jehovah: Give a charge to thy house, for thou [art] dying, and dost not live.'
Read in context
- 1उन दिनों में हिजकिरयाह ऐसा रोगी हुआ कि वह मरने पर था। और आमोस के पुत्रा यशायाह नबी ने उसके पास जाकर कहा, यहोवा यों कहता है, अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे, क्योंकि तू न बचेगा मर ही जाएगा।
- 2तब हिजकिरयाह ने भी की ओर मुंह फेरकर यहोवा से प्रार्थना करके कहा;
- 3हे यहोवा, मैं बिनती करता हूं, स्मरण कर कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूं और जो तेरी दृष्टि में उचित था वही करता आया हूं। और हिजकिरयाह बिलक बिलककर रोने लगा।
Cross references
- Isaiah 38:1–8 यशायाह 38:1–8उन दिनों में हिजकिरयाह ऐसा रोगी हुआ कि वह मरने पर था। और आमोस के पुत्रा यशायाह नबी ने उसके पास जाकर कहा, यहोवा यों कहता है, अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे, क्योंकि तू न बचेगा मर ही जाएगा। तब हिजकिरयाह ने भी की ओर मुंह फेरकर यहोवा से प्रार्थना करके कहा; हे यहोवा, मैं बिनती करता हूं, स्मरण कर कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूं और जो तेरी दृष्टि में उचित था वही करता आया हूं। और हिजकिरयाह बिलक बिलककर रोने लगा। तब यहोवा का यह वचन यशायाह के पास पहुंचा, जाकर हिजकिरयाह से कह कि तेरे मूलपुरूष दाऊद का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं ने तेरी प्रार्थना सुनी और तेरे आंसू देखे हैं; सुन, मैं तेरी आयु पन्द्रह वर्ष और बढ़ा दूंगा। अश्शूर के राजा के हाथ से मैं तेरी और इस नगर की रक्षा करके बचाऊंगा।। यहोवा अपने इस कहे हुए वचन को पूरा करेगा, और यहोवा की ओर से इस बात का तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि धूप की छाया जो आहाज की धूपघड़ी में ढल गई है, मैं दस अंश पीछे की ओर लौटा दूंगा। सो वह छाया जो दस अंश ढल चुकी थी लौट गई।।
- 2 Chronicles 32:24 2 इतिहास 32:24उन दिनों हिजकिरयाह ऐसा रोगी हुआ, कि वह मरा चाहता था, तब उस ने यहोवा से प्रार्थना की; और उस ने उस से बातें करके उसके लिये एक चमत्कार दिखाया।
- 2 Kings 20:1–11 2 राजा 20:1–11उन दिनों में हिजकिरयाह ऐसा रोगी हुआ कि मरते पर था, और आमोस के पुत्रा यशायाह भविष्यद्वक्ता ने उसके पास जाकर कहा, यहोवा यों कहता है, कि अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे; क्योंकि तू नहीं बचेगा, मर जाएगा। तब उस ने भीत की ओर मुंह फेर, यहोवा से प्रार्थना करके कहा, हे यहोवा! मैं बिन्ती करता हूँ, स्मरण कर, कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूँ; और जो तुझे अच्छा तगता है वही मैं करता आया हूँ। तब हिजकिरयाह बिलक बिलक कर रोया। और ऐसा हुआ कि यशायाह नगर के बीच तक जाने भी न पाया था कि यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा, कि लौटकर मेरी प्रजा के प्रधान हिजकिरयाह से कह, कि तेरे मूलपुरूष दाऊद का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तेरी प्रार्थना सुनी और तेरे आंसू देखे हैं; देख, मैं तुझे चंगा करता हूँ; परसों तू यहोवा के भवन में जा सकेगा। और मैं तेरी आयू पन्द्रह वर्ष और बढ़ा दूंगा। और अश्शूर के राजा के हाथ से तुझे और इस नगर को बचाऊंगा, और मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त इस नगर की रक्षा करूंगा। तब यशायाह ने कहा, अंजीरों की एक टिकिया लो। जब उन्हों ने उसे लेकर फोड़े पर बान्धा, तब वह चंगा हो गया। हिजकिरयाह ने यशायाह से पूछा, यहोवा जो मुझे चंगा करेगा और मैं परसों यहोवा के भवन को जा सकूंगा, इसका क्या चिन्ह होगा? यशायाह ने कहा, यहोवा जो अपने कहे हुए वचन को पूरा करेगा, इस बात का यहोवा की ओर से तेरे लिये यह चिन्ह होगा, कि धूपघड़ी की छाया दस अंश आगे बढ़ जाएगी, व दस अंश घट जाएगी। हिजकिरयाह ने कहा, छाया का दस अंश आगे ण्ढ़ना तो हलकी बात है, इसलिए ऐसा हो कि छाया दस अंश पीछे लौट जाए। तब यशायाह भविष्यद्वक्ता ने यहोवा को पुकारा, और आहाज की घूपघड़ी की छाया, जो दस अंश ढल चुकी थी, यहोवा ने उसको पीछे की ओर लौटा दिया।
- 2 Samuel 17:23 2 शमूएल 17:23जब अहीतोपेल ने देखा कि मेरी सम्मति के अनुसार काम नहीं हुआ, तब उस ने अपने गदहे पर काठी कसी, और अपने नगर में जाकर अपने घर में गया। और अपने घराने के विषय जो जो आज्ञा देनी थी वह देकर अपने को फांसी लगा ली; और वह मर गया, और उसके पिता के कब्रिस्तान में उसे मिट्टी दे दी गई।
- Jonah 3:10 योना 3:10जब परमेश्वर ने उनके कामों को देखा, कि वे कुमार्ग से फिर रहे हैं, तब परमेश्वर ने अपनी इच्छा बदल दी, और उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया।।
- Acts 9:37 प्रेरितों के काम 9:37उन्हीं दिनों में वह बीमार होकर मर गई; और उन्हों ने उसे नहलाकर अटारी पर रख दिया।
- Philippians 2:27–30 फिलिप्पियों 2:27–30और निश्चय वह बीमार तो हो गया था, यहां तक कि मरने पर था, परन्तु परमेश्वर ने उस पर दया की; और केवल उस ही पर नहीं, पर मुझ पर भी, कि मुझे शोक पर शोक न हो। इसलिये मैं ने उसे भेजने का और भी यत्न किया कि तुम उस से फिर भेंट करके आनन्दित हो जाओ और मेरा भी शोक घट जाए। इसलिये तुम प्रभु में उस से बहुत आनन्द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करना। क्योंकि वही मसीह के काम के लिये अपने प्राणों पर जोखिम उठाकर मरने के निकट हो गया था, ताकि जो घटी तुम्हारी ओर से मेरी सेवा में हुई, उसे पूरा करे॥
- Isaiah 37:21 यशायाह 37:21तब आमोस के पुत्रा यशायाह ने हिजकिरयाह के पास यह कहला भेजा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू ने जो अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय में मुझ से प्रार्थना की है,
- Isaiah 37:2 यशायाह 37:2और उस ने एल्याकीम को जो राजघराने के काम पर नियुक्त था और शेब्ना मन्त्री को और याजकों के पुरनियों को जो सब टाट ओढ़े हुए थे, आमोस के पुत्रा यशायाह नबी के पास भेज दिया।
- Ecclesiastes 9:10 सभोपदेशक 9:10जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।।
- Jeremiah 18:7–10 यिर्मयाह 18:7–10जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि उसे उखाड़ूंगा वा ढा दूंगा अथवा नाश करूंगा, तब यदि उस जाति के लोग जिसके विषय मैं ने कह बात कही हो अपनी बुराई से फिरें, तो मैं उस विपत्ति के विषय जो मैं ने उन पर डालने को ठाना हो पछताऊंगा। और जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि मैं उसे बनाऊंगा और रोपूंगा; तब यदि वे उस काम को करें जो मेरी दृष्टि में बुरा है और मेरी बात न मानें, तो मैं उस भलाई के विष्य जिसे मैं ने उनके लिये करने को कहा हो, पछताऊंगा।
- Isaiah 1:1 यशायाह 1:1आमोस के पुत्रा यशायाह का दर्शन, जिसको उस ने यहूदा और यरूशलेम के विषय में उज्जियाह, योताम, आहाज, और हिजकिरयाह नाम यहूदा के राजाओं के दिनों में पाया।
Original words (Hebrew)
- days · H3117יוֹם yôwm
- Hezekiah · H2396חִזְקִיָּה Chizqîyâh
- sick · H2470חָלָה châlâh
- death · H4191מוּת mûwth
- Isaiah · H3470יְשַׁעְיָה Yᵉshaʻyâh
- prophet · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- son · H1121בֵּן bên
- Amoz · H531אָמוֹץ ʼÂmôwts
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- said · H559אָמַר ʼâmar
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- house · H1004בַּיִת bayith
- order · H6680צָוָה tsâvâh
- die · H4191מוּת mûwth
- live · H2421חָיָה châyâh