2 Samuel · chapter 14 · verse 13
2 Samuel 14:13 in Hindi
उसने कहा, कहे जा। स्त्री कहने लगी, फिर तू ने परमेश्वर की प्रजा की हानि के लिये ऐसी ही युक्ति क्यों की है? राजा ने जो यह वचन कहा है, इस से वह दोषी सा ठहरता है, क्योंकि राजा अपने निकाले हुए को लौटा नहीं लाता।
Usane kahaa, kahe jaa. Stree kahane lagee, phir too ne parameshvar kee prajaa kee haani ke liye aisee hee yukti kyom kee hai? Raajaa ne jo yah vachan kahaa hai, is se vah doshee saa thaharataa hai, kyonki raajaa apane nikaale hue ko lautaa naheem laataa.
2 Samuel 14:13 in English
- King James Version (KJV)
- And the woman said, Wherefore then hast thou thought such a thing against the people of God? for the king doth speak this thing as one which is faulty, in that the king doth not fetch home again his banished.
- World English Bible (WEB)
- The woman said, “Why then have you devised such a thing against the people of God? For in speaking this word the king is as one who is guilty, in that the king does not bring home again his banished one.
- American Standard Version (ASV)
- And the woman said, Wherefore then hast thou devised such a thing against the people of God? for in speaking this word the king is as one that is guilty, in that the king doth not fetch home again his banished one.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the woman said, Why have you had such a thought about the people of God? (for in saying these very words the king has put himself in the wrong because he has not taken back the one whom he sent far away.)
- Darby Translation (DBY)
- And the woman said, Why then hast thou thought such a thing against God's people? and the king in saying this thing, is as one guilty, in that the king does not bring back his banished one.
- Webster's Bible (WBS)
- And the woman said, Why then hast thou thought such a thing against the people of God? for the king doth speak this thing as one who is faulty, in that the king doth not bring home again his banished.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the woman saith, 'And why hast thou thought thus concerning the people of God? yea, the king is speaking this thing as a guilty one, in that the king hath not brought back his outcast;
Read in context
- 11उसने कहा, राजा अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण करे, कि खून का पलटा लेने वाला और नाश करने न पाए, और मेरे बेटे का नाश न होने पाए। उसने कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, तेरे बेटे का एक बाल भी भूमि पर गिरने न पाएगा।
- 12स्त्री बोली, तेरी दासी अपने प्रभु राजा से एक बात कहने पाए।
- 13उसने कहा, कहे जा। स्त्री कहने लगी, फिर तू ने परमेश्वर की प्रजा की हानि के लिये ऐसी ही युक्ति क्यों की है? राजा ने जो यह वचन कहा है, इस से वह दोषी सा ठहरता है, क्योंकि राजा अपने निकाले हुए को लौटा नहीं लाता।
- 14हम को तो मरना ही है, और भूमि पर गिरे हुए जल के समान ठहरेंगे, जो फिर उठाया नहीं जाता; तौभी परमेश्वर प्राण नहीं लेता, वरन ऐसी युक्ति करता है कि निकाला हुआ उसके पास से निकाला हुआ न रहे।
- 15और अब मैं जो अपने प्रभु राजा से यह बात कहने को आई हूं, इसका कारण यह है, कि लोगों ने मुझे डरा दिया था; इसलिये तेरी दासी ने सोचा, कि मैं राजा से बोलूंगी, कदाचित राजा अपनी दासी की बिनती को पूरी करे।
Cross references
- 2 Samuel 13:37–38 2 शमूएल 13:37–38अबशालोम तो भागकर गशूर के राजा अम्मीहूर के पुत्रा तल्मै के पास गया। और दाऊद अपने पुत्रा के लिये दिन दिन विलाप करता रहा। जब अबशालोम भागकर गशूर को गया, तब पहां तीन पर्ष तक रहा।
- 2 Samuel 12:7 2 शमूएल 12:7तब नातान ने दाऊद से कहा, तू ही वह मनुष्य है। इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तेरा अभिशेक कराके तुझे इस्राएल का राजा ठहराया, और मैं ते तुझे शाऊल के हाथ से बचाया;
- Judges 20:2 न्यायियों 20:2और सारी प्रजा के प्रधान लोग, वरन सब इस्राएली गोत्रों के लोग जो चार लाख तलवार चलाने वाले प्यादे थे, परमेश्वर की प्रजा की सभा में उपस्थित हुए।
- 1 Kings 20:40–42 1 राजा 20:40–42उसके बाद तेरा दास इधर उधर काम में फंस गया, फिर वह न मिला। इस्राएल के राजा ने उस से कहा, तेरा ऐसा ही न्याय होगा; तू ने आप अपना न्याय किया है। नबी ने झट अपनी आंखों से पगड़ी उठाई, तब इस्राएल के राजा ने उसे पहिचान लिया, कि वह कोई नबी है। तब उसने राजा से कहा, यहोवा तुझ से यों कहता है, इसलिये कि तू ने अपने हाथ से ऐसे एक मनुष्य को जाने दिया, जिसे मैं ने सत्यानाश हो जाने को ठहराया था, तुझे उसके प्राण की सन्ती अपना प्राण और उसकी प्रजा की सन्ती, अपनी प्रजा देनी पकेगी।
- Luke 7:42–44 लूका 7:42–44जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उस ने दोनो को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा। शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उस ने अधिक छोड़ दिया: उस ने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है। और उस स्त्री की ओर फिरकर उस ने शमौन से कहा; क्या तू इस स्त्री को देखता है? मैं तेरे घर में आया परन्तु तू ने मेरे पांव धाने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
- 2 Samuel 7:8 2 शमूएल 7:8इसलिये अब तू मेरे दास दाऊद से ऐसा कह, कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तो तुझे भेड़शाला से, और भ्ेाड़- बकरिसों के पीछे पीछे फिरने से, इस मनसा से बुला लिया कि तू मेरी प्रजा इस्राएल का प्रधान हो जाए।
Original words (Hebrew)
- woman · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- thought · H2803חָשַׁב châshab
- people · H5971עַם ʻam
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- speak · H1696דָבַר dâbar
- thing · H1697דָּבָר dâbâr
- faulty · H818אָשֵׁם ʼâshêm
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- again · H7725שׁוּב shûwb
- banished · H5080נָדַח nâdach