2 Samuel · chapter 14 · verse 5
2 Samuel 14:5 in Hindi
राजा ने उस से पूछा, तुझे क्या चाहिये? उसने कहा, सचमुच मेरा पति मर गया, और मैं विधवा हो गई।
Raajaa ne us se poochhaa, tujhe kyaa chaahiye? Usane kahaa, sachamuch meraa pati mar gayaa, aur maim vidhavaa ho gaee.
2 Samuel 14:5 in English
- King James Version (KJV)
- And the king said unto her, What aileth thee? And she answered, I [am] indeed a widow woman, and mine husband is dead.
- World English Bible (WEB)
- The king said to her, “What ails you?” She answered, “Truly I am a widow, and my husband is dead.
- American Standard Version (ASV)
- And the king said unto her, What aileth thee? And she answered, Of a truth I am a widow, and my husband is dead.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the king said to her, What is your trouble? And her answer was, Truly I am a widow, and my husband is dead.
- Darby Translation (DBY)
- And the king said to her, What aileth thee? And she said, I am indeed a widow woman, and my husband is dead.
- Webster's Bible (WBS)
- And the king said to her, What aileth thee? And she answered, I [am] indeed a widow woman, and my husband is dead.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the king saith to her, 'What — to thee?' and she saith, 'Truly a widow woman [am] I, and my husband dieth,
Read in context
- 3तब राजा के पास जा कर ऐसी ऐसी बातें कहना। और योआब ने उसको जो कुछ कहना था वह सिखा दिया।
- 4जब वह तकोइन राजा से बातें करने लगी, तब मुंह के बल भूमि पर गिर दण्डवत् करके कहने लगी, राजा की दोहाई
- 5राजा ने उस से पूछा, तुझे क्या चाहिये? उसने कहा, सचमुच मेरा पति मर गया, और मैं विधवा हो गई।
- 6और तेरी दासी के दो बेटे थे, और उन दोनों ने मैदान में मार पीट की; और उन को छुड़ाने वाला कोई न था, इसलिए एक ने दूसरे को ऐसा मारा कि वह मर गया।
- 7और यह सुन सब कुल के लोग तेरी दासी के विरुद्ध उठ कर यह कहते हैं, कि जिसने अपने भाई को घात किया उसको हमें सौंप दे, कि उसके मारे हुए भाई के प्राण के पलटे में उसको प्राण दण्ड दें; और वारिस को भी नाश करें। इस तरह वे मेरे अंगारे को जो बच गया है बुझाएंगे, और मेरे पति का ताम और सन्तान धरती पर से मिटा डालेंगे।
Cross references
- 2 Samuel 12:1–3 2 शमूएल 12:1–3तब यहोवा ने दाऊद के पास नातान को भेजा, और वह उसके पास जाकर कहने लगा, एक नगर में दो मनुष्य रहते थे, जिन में से एक धनी और एक निर्धन था। धनी के पास तो बहुत सी भेड़- बकरियां और गाय बैल थे; परन्तु निर्धन के पास भेड़ की एक छोटी बच्ची को छोड़ और कुछ भी न था, और उसको उस ने मोल लेकर जिलाया था। और वह उसके यहां उसके बालबच्चों के साथ ही बढ़ी थी; वह उसके टुकड़े में से खाती, और उसके कटोरे में से पीती, और उसकी गोद मे सोती थी, और वह उसकी बेटी के समान थी।
- Judges 9:8–15 न्यायियों 9:8–15किसी युग में वृक्ष किसी का अभिषेक करके अपने ऊपर राजा ठहराने को चले; तब उन्हों ने जलपाई के वृक्ष से कहा, तू हम पर राज्य कर। तब जलपाई के वृक्ष ने कहा, क्या मैं अपनी उस चिकनाहट को छोड़कर, जिस से लोग परमेश्वर और मनुष्य दोनों का आदर मान करते हैं, वृक्षों का अधिकारी होकर इधर उधर डोलने को चलूं? तब वृक्षों ने अंजीर के वृक्ष से कहा, तू आकर हम पर राज्य कर। अंजीर के वृक्ष ने उन से कहा, क्या मैं अपने मीठेपन और अपने अच्छे अच्छे फलों को छोड़ वृक्षों का अधिकारी होकर इधर उधर डोलने को चलूं? फिर वृक्षों ने दाखलता से कहा, तू आकर हम पर राज्य कर। दाखलता ने उन से कहा, क्या मैं अपने नये मधु को छोड़, जिस से परमेश्वर और मनुष्य दोनों को आनन्द होता है, वृक्षों की अधिकारिणी होकर इधर उधर डोलने को चलूं? तब सब वृक्षों ने झड़बेरी से कहा, तू आकर हम पर राज्य कर। झड़बेरी ने उन वृक्षों से कहा, यदि तुम अपने ऊपर राजा होने को मेरा अभिषेक सच्चाई से करते हो, तो आकर मेरी छांह में शरण लो; और नहीं तो, झड़बेरी से आग निकलेगी जिस से लबानोन के देवदारू भी भस्म हो जाएंगे।