2 Samuel · chapter 15 · verse 20
2 Samuel 15:20 in Hindi
तू तो कल ही आया है, क्या मैं आज तुझे अपने साथ मारा मारा फिराऊं? मैं तो जहां जा समूंगा वहां जाऊंगा। तू लौट जा, और अपने भाइयों को भी लौटा दे; ईश्चर की करूणा और यच्चाई तेरे संग रहे।
Too to kal hee aayaa hai, kyaa maim aaj tujhe apane saath maaraa maaraa phiraaoom? Maim to jahaam jaa samoongaa vahaam jaaoongaa. Too laut jaa, aur apane bhaaiyom ko bhee lautaa de; eeshchar kee karoonaa aur yachchaaee tere sang rahe.
2 Samuel 15:20 in English
- King James Version (KJV)
- Whereas thou camest [but] yesterday, should I this day make thee go up and down with us? seeing I go whither I may, return thou, and take back thy brethren: mercy and truth [be] with thee.
- World English Bible (WEB)
- Whereas you came but yesterday, should I today make you go up and down with us, since I go where I may? Return, and take back your brothers. Mercy and truth be with you.”
- American Standard Version (ASV)
- Whereas thou camest but yesterday, should I this day make thee go up and down with us, seeing I go whither I may? return thou, and take back thy brethren; mercy and truth be with thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- It was only yesterday you came to us; why then am I to make you go up and down with us? for I have to go where I may; go back then, and take your countrymen with you, and may the Lord's mercy and good faith be with you.
- Darby Translation (DBY)
- Thou didst come yesterday, and should I this day make thee go up and down with us, seeing I go whither I can? Return and take back thy brethren. Mercy and truth be with thee!
- Webster's Bible (WBS)
- Whereas thou camest [but] yesterday, should I this day make thee go up and down with us? seeing I go whither I may; return thou, and take back thy brethren: mercy and truth [be] with thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Yesterday [is] thy coming in, and to-day I move thee to go with us, and I am going on that which I am going! — turn back, and take back thy brethren with thee, — kindness and truth.'
Read in context
- 18और उसके सब कर्मचारी उसके पास से होकर आगे गए; और सब करेती, और सब पलेती, और सब गती, अर्थात् जो छे सौ पुरूष गत से उसके पीछे हो लिए थे वे सब राजा के साम्हने से होकर आगे चले।
- 19तब राजा ने गती इत्तै से पूछा, हमारे संग तू क्यों चलता है? लौटकर राजा के पास रह; क्योंकि तू परदेशी और अपने देश से दूर है, इसलिये अपने स्थान को लौट जा।
- 20तू तो कल ही आया है, क्या मैं आज तुझे अपने साथ मारा मारा फिराऊं? मैं तो जहां जा समूंगा वहां जाऊंगा। तू लौट जा, और अपने भाइयों को भी लौटा दे; ईश्चर की करूणा और यच्चाई तेरे संग रहे।
- 21इत्तै ने राजा को उत्तर देकर कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, और मेरे प्रभु राजा के जीवन की शपथ, जिस किसी स्थान में मेरा प्रभु राजा रहेगा, चाहे मरने के लिये हो चाहे जीवित रहने के लिये, उसी स्थान में तेरा दास भी रहेगा।
- 22तब दाऊद ने इत्तै से कहा, पार चल। सो गती इत्तै अपने समस्त जनों और अपने साथ के सब बाल- बच्चों समेत पार हो गया।
Cross references
- 1 Samuel 23:13 1 शमूएल 23:13तब दाऊद और उसके जन जो कोई छ: सौ थे कीला से निकल गए, और इधर उधर जहां कहीं जा सके वहां गए। और जब शाऊल को यह बताया गया कि दाऊद कीला से निकला भाग है, तब उस ने वहां जाने की मनसा छोड़ दी।।
- 2 Samuel 2:6 2 शमूएल 2:6इसलिये अब यहोवा तुम से कृपा और सच्चाई का बर्त्ताव करे; और मैं भी तुम्हारी इस भलाई का बदला तुम को दूंगा, क्योंकि तुम ने यह काम किया है।
- John 1:17 यूहन्ना 1:17इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।
- Hebrews 11:37–38 इब्रानियों 11:37–38पत्थरवाह किए गए; आरे से चीरे गए; उन की परीक्षा की गई; तलवार से मारे गए; वे कंगाली में और क्लेश में और दुख भोगते हुए भेड़ों और बकरियों की खालें ओढ़े हुए, इधर उधर मारे मारे फिरे। और जंगलों, और पहाड़ों, और गुफाओं में, और पृथ्वी की दरारों में भटकते फिरे।
- Psalm 89:14 भजन संहिता 89:14तेरे सिंहासन का मूल, धर्म और न्याय है; करूणा और सच्चाई तेरे आगे आगे चलती है।
- Psalm 57:3 भजन संहिता 57:3ईश्वर स्वर्ग से भेजकर मुझे बचा लेगा, जब मेरा निगलनेवाला निन्दा कर रहा हो। परमेश्वर अपनी करूणा और सच्चाई प्रगट करेगा।।
- Psalm 61:7 भजन संहिता 61:7वह परमेश्वर के सम्मुख सदा बना रहेगा; तू अपनी करूणा और सच्चाई को उसकी रक्षा के लिये ठहरा रख।
- Proverbs 14:22 नीतिवचन 14:22जो बुरी युक्ति निकालते हैं, क्या वे भ्रम में नहीं पड़ते? परन्तु भली युक्ति निकालनेवालों से करूणा और सच्चाई का व्यवहार किया जाता है।
- 2 Timothy 1:16–18 2 तीमुथियुस 1:16–18उनेसिफुरूस के घराने पर प्रभु दया करे, क्योंकि उस ने बहुत बार मेरे जी को ठंडा किया, और मेरी जंजीरों से लज्जित न हुआ। पर जब वह रोमा में आया, तो बड़े यत्न से ढूंढकर मुझ से भेंट की। (प्रभु करे, कि उस दिन उस पर प्रभु की दया हो)। और जो जो सेवा उस ने इफिसुस में की है उन्हें भी तू भली भांति जानता है।।
- Psalm 85:10 भजन संहिता 85:10करूणा और सच्चाई आपस में मिल गई हैं; धर्म और मेल ने आपस में चुम्बन किया हैं।
- Psalm 56:8 भजन संहिता 56:8तू मेरे मारे मारे फिरने का हिसाब रखता है; तू मेरे आंसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है?
- Psalm 25:10 भजन संहिता 25:10जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं।।