2 Samuel · chapter 15 · verse 21
2 Samuel 15:21 in Hindi
इत्तै ने राजा को उत्तर देकर कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, और मेरे प्रभु राजा के जीवन की शपथ, जिस किसी स्थान में मेरा प्रभु राजा रहेगा, चाहे मरने के लिये हो चाहे जीवित रहने के लिये, उसी स्थान में तेरा दास भी रहेगा।
Ittai ne raajaa ko uttar dekar kahaa, yahovaa ke jeevan kee shapath, aur mere prabhu raajaa ke jeevan kee shapath, jis kisee sthaan mem meraa prabhu raajaa rahegaa, chaahe marane ke liye ho chaahe jeevit rahane ke liye, usee sthaan mem teraa daas bhee rahegaa.
2 Samuel 15:21 in English
- King James Version (KJV)
- And Ittai answered the king, and said, [As] the LORD liveth, and [as] my lord the king liveth, surely in what place my lord the king shall be, whether in death or life, even there also will thy servant be.
- World English Bible (WEB)
- Ittai answered the king and said, “As the LORD lives, and as my lord the king lives, surely in what place my lord the king is, whether for death or for life, your servant will be there also.”
- American Standard Version (ASV)
- And Ittai answered the king, and said, As Jehovah liveth, and as my lord the king liveth, surely in what place my lord the king shall be, whether for death or for life, even there also will thy servant be.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Ittai the Gittite in answer said, By the living Lord, and by the life of my lord the king, in whatever place my lord the king may be, for life or death, there will your servant be.
- Darby Translation (DBY)
- And Ittai answered the king and said, [As] Jehovah liveth, and [as] my lord the king liveth, surely in what place my lord the king shall be, whether in death or life, even there also will thy servant be.
- Webster's Bible (WBS)
- And Ittai answered the king, and said, [As] the LORD liveth, and [as] my lord the king liveth, surely in what place my lord the king shall be, whether in death or life, even there also will thy servant be.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Ittai answereth the king and saith, 'Jehovah liveth, and my lord the king liveth, surely in the place where my lord the king is — if for death, if for life, surely there is thy servant.'
Read in context
- 19तब राजा ने गती इत्तै से पूछा, हमारे संग तू क्यों चलता है? लौटकर राजा के पास रह; क्योंकि तू परदेशी और अपने देश से दूर है, इसलिये अपने स्थान को लौट जा।
- 20तू तो कल ही आया है, क्या मैं आज तुझे अपने साथ मारा मारा फिराऊं? मैं तो जहां जा समूंगा वहां जाऊंगा। तू लौट जा, और अपने भाइयों को भी लौटा दे; ईश्चर की करूणा और यच्चाई तेरे संग रहे।
- 21इत्तै ने राजा को उत्तर देकर कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, और मेरे प्रभु राजा के जीवन की शपथ, जिस किसी स्थान में मेरा प्रभु राजा रहेगा, चाहे मरने के लिये हो चाहे जीवित रहने के लिये, उसी स्थान में तेरा दास भी रहेगा।
- 22तब दाऊद ने इत्तै से कहा, पार चल। सो गती इत्तै अपने समस्त जनों और अपने साथ के सब बाल- बच्चों समेत पार हो गया।
- 23सब रहनेवाले चिल्ला चिल्लाकर रोए; और सब लोग पार हुए, और राजा भी किद्रोन नाम नाले के पार हुआ, और सब लोग नाले के पार जंगल के मार्ग की ओर पार होकर चल पड़े।
Cross references
- Proverbs 17:17 नीतिवचन 17:17मित्रा सब समयों में प्रेम रखता है, और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है।
- Ruth 1:16–17 रूत 1:16–17रूत बोली, तू मुझ से यह बिनती न कर, कि मुझे त्याग वा छोड़कर लौट जा; क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा; जहां तू मरेगी वहां मैं भी मरूंगी, और वहीं मुझे मिट्टी दी जाएगी। यदि मृत्यु छोड़ और किसी कारण मैं तुझ से अलग होऊं, तो यहोवा मुझ से वैसा ही वरन उस से भी अधिक करे।
- 2 Kings 4:30 2 राजा 4:30तब लड़के की मां ने एलीशा से कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे न छोड़ूंगी। तो वह उठकर उसके पीछे पीछे चला।
- 2 Corinthians 7:3 2 कुरिन्थियों 7:3मैं तुम्हें दोषी ठहराने के लिये यह नहीं कहता: क्योंकि मैं पहिले ही कह चूका हूं, कि तुम हमारे हृदय में ऐसे बस गए हो कि हम तुम्हारे साथ मरने जीने के लिये तैयार हैं।
- Acts 11:23 प्रेरितों के काम 11:23वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो।
- Acts 21:13 प्रेरितों के काम 21:13परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, कि तुम क्या करते हो, कि रो रोकर मेरा मन तोड़ते हो, मैं तो प्रभु यीशु के नाम के लिये यरूशलेम में न केवल बान्धे जाने ही के लिये बरन मरने के लिये भी तैयार हूं।
- 2 Kings 2:6 2 राजा 2:6फिर एलिरयाह ने उस से कहा, यहोवा मुझे यरदन तक भेजता है, सो तू यहीं ठहरा रह; उस ने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़नेका; सो वे दोनों आगे चने।
- 2 Kings 2:4 2 राजा 2:4और एलिरयाह ने उस से कहा, हे एलीशा, यहोवा मुझे यरीहो को भेजता है; इसलिये तू यहीं ठहरा रह: उस ने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; सो वे यरीहो को आए।
- 2 Kings 2:2 2 राजा 2:2एलिरयाह ने एलीशा से कहा, यहोवा मुझे बेतेल तक भेजता है इसलिये तू यहीं ठहरा रह। एलीशा ने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; इसलिये वे बेतेल को चले गए।
- Proverbs 18:24 नीतिवचन 18:24मित्रों के बढ़ाने से तो नाश होता है, परन्तु ऐसा मित्रा होता है, जो भाई से भी अधिक मिला रहता है।
- 1 Samuel 25:26 1 शमूएल 25:26और अब, हे मेरे प्रभु, यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, कि यहोवा ने जो तुझे खून से और अपने हाथ के द्वारा अपना पलटा लेने से रोक रखा है, इसलिये अब तेरे शत्रु और मेरे प्रभु की हाति के चाहनेवाले नाबाल ही के समान ठहरें।
- 1 Samuel 20:3 1 शमूएल 20:3फिर दाऊद ने शपथ खाकर कहा, तेरा पिता निश्चय जानता है कि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर है; और वह सोचता होगा, कि योनातन इस बात को न जानने पाए, ऐसा न हो कि वह खेदित हो जाए। परन्तु यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, नि:सन्देह, मेरे और मृत्यु के बीच डग ही भर का अन्तर है।
Original words (Hebrew)
- Ittai · H863אִתַּי ʼIttay
- answered · H6030עָנָה ʻânâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- said · H559אָמַר ʼâmar
- liveth · H2416חַי chay
- lord · H113אָדוֹן ʼâdôwn
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- liveth · H2416חַי chay
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- lord · H113אָדוֹן ʼâdôwn
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- death · H4194מָוֶת mâveth
- life · H2416חַי chay
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed