2 Samuel · chapter 16 · verse 20
2 Samuel 16:20 in Hindi
तब अबशालोम ने अहीतोपेल से कहा, तुम लोग अपनी सम्मति दो, कि क्या करना चाहिये?
Tab abashaalom ne aheetopel se kahaa, tum log apanee sammati do, ki kyaa karanaa chaahiye?
2 Samuel 16:20 in English
- King James Version (KJV)
- Then said Absalom to Ahithophel, Give counsel among you what we shall do.
- World English Bible (WEB)
- Then Absalom said to Ahithophel, “Give your counsel what we shall do.”
- American Standard Version (ASV)
- Then said Absalom to Ahithophel, Give your counsel what we shall do.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Absalom said to Ahithophel, Give your opinion now, what are we to do?
- Darby Translation (DBY)
- And Absalom said to Ahithophel, Give counsel among you what we shall do.
- Webster's Bible (WBS)
- Then said Absalom to Ahithophel, Give counsel among you what we shall do.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Absalom saith unto Ahithophel, 'Give for you counsel what we do.'
Read in context
- 18हूशै ने अबशालोम से कहा, ऐसा नही; जिसको यहोवा और वे लोग, क्या वरन सब इस्राएली लोग चाहें, उसी का मैं हूं, और उसी के संग मैं रहूंगा।
- 19और फिर मैं किसकी सेवा करूं? क्या उसके पुत्रा के साम्हने रहकर सेवा न करूं? जैसा मैं तेरे पिता के साम्हने रहकर सेवा करता था, वैसा ही तेरे साम्हने रहकर सेवा करूंगा।
- 20तब अबशालोम ने अहीतोपेल से कहा, तुम लोग अपनी सम्मति दो, कि क्या करना चाहिये?
- 21अहीतोपेल ने अबशालोम से कहा, जिन रखेलियों को तेरा पिता भवन की चौकसी करने को छोड़ गया, उनके पास तू जा; और जब सब इस्राएली यह सुनेंगे, कि अबशालोम का पिता उस से घिन करता है, तब तेरे सब संगी हियाव बान्धेंगे।
- 22सो उसकेलिये भवन की छत के ऊपर एक तम्बू खड़ा किया गया, और अबशालोम समरूत इस्राएल के देखते अपने पिता की रखेलियों के पास गया।
Cross references
- Exodus 1:10 निर्गमन 1:10इसलिये आओ, हम उनके साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करें, कहीं ऐसा न हो कि जब वे बहुत बढ़ जाएं, और यदि संग्राम का समय आ पड़े, तो हमारे बैरियों से मिलकर हम से लड़ें और इस देश से निकल जाएं।
- Isaiah 29:15 यशायाह 29:15हाय उन पर जो अपनी युक्ति को यहोवा से छिपाने का बड़ा यत्न करते, और अपने काम अन्धेरे में करके कहते हैं, हम को कौन देखता है? हम को कौन जानता है?
- Acts 4:23–28 प्रेरितों के काम 4:23–28वे छूटकर अपने साथियों के पास आए, और जो कुछ महायाजकों और पुरनियों ने उन से कहा था, उनको सुना दिया। यह सुनकर, उन्हों ने एक चित्त होकर ऊंचे शब्द से परमेश्वर से कहा, हे स्वामी, तू वही है जिस ने सवर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया। तू ने पवित्रा आत्मा के द्वारा अपने सेवक हमारे पिता दाऊद के मुख से कहा, कि अन्य जातियों ने हुल्लड़ क्यों मचाया? और देश के लोगों ने क्यों व्यर्थ बातें सोची? प्रभु और उसके मसीह के विरोध में पृथ्वी के राजा खड़े हुए, और हाकिम एक साथ इकट्ठे हो गए। क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए। कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- Psalm 37:12–13 भजन संहिता 37:12–13दुष्ट धर्मी के विरूद्ध बुरी युक्ति निकालता है, और उस पर दांत पीसता है; परन्तु प्रभु उस पर हंसेगा, क्योंकि वह देखता है कि उसका दिन आनेवाला है।।
- Psalm 2:2 भजन संहिता 2:2यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
- Matthew 27:1 मत्ती 27:1जब भोर हुई, तो सब महायाजकों और लोगों के पुरनियों ने यीशु के मार डालने की सम्मति की।
- Isaiah 8:10 यशायाह 8:10तुम युक्ति करो तो करो, परन्तु वह निष्फल हो जाएगी, तुम कुछ भी कहो, परन्तु तुम्हारा कहा हुआ ठहरेगा नहीं, क्योंकि परमेश्वर हमारे संग है।।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।