Exodus · chapter 1 · verse 10
Exodus 1:10 in Hindi
इसलिये आओ, हम उनके साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करें, कहीं ऐसा न हो कि जब वे बहुत बढ़ जाएं, और यदि संग्राम का समय आ पड़े, तो हमारे बैरियों से मिलकर हम से लड़ें और इस देश से निकल जाएं।
Isaliye aao, ham unake saath buddhimaanee se bartaav karem, kaheem aisaa na ho ki jab ve bahut badh jaaem, aur yadi sangraam kaa samay aa pade, to hamaare bairiyom se milakar ham se ladem aur is desh se nikal jaaen.
Exodus 1:10 in English
- King James Version (KJV)
- Come on, let us deal wisely with them; lest they multiply, and it come to pass, that, when there falleth out any war, they join also unto our enemies, and fight against us, and [so] get them up out of the land.
- World English Bible (WEB)
- Come, let’s deal wisely with them, lest they multiply, and it happen that when any war breaks out, they also join themselves to our enemies and fight against us, and escape out of the land.”
- American Standard Version (ASV)
- come, let us deal wisely with them, lest they multiply, and it come to pass, that, when there falleth out any war, they also join themselves unto our enemies, and fight against us, and get them up out of the land.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let us take care for fear that their numbers may become even greater, and if there is a war, they may be joined with those who are against us, and make an attack on us, and go up out of the land.
- Darby Translation (DBY)
- Come on, let us deal wisely with them, lest they multiply, and it come to pass that, if war occur, they take side with our enemies and fight against us, and go up out of the land.
- Webster's Bible (WBS)
- Come, let us deal wisely with them: lest they multiply, and it shall come to pass, that when there falleth out any war, they will join with our enemies, and fight against us, and depart from the land.
- Young's Literal Translation (YLT)
- give help! let us act wisely concerning it, lest it multiply, and it hath come to pass, when war happeneth, that it hath been joined, even it, unto those hating us, and hath fought against us, and hath gone out up of the land.'
Read in context
- 8मि में एक नया राजा गद्दी पर बैठा जो यूसुफ को नहीं जानता था।
- 9और उस ने अपनी प्रजा से कहा, देखो, इस्राएली हम से गिनती और सामर्थ्य में अधिक बढ़ गए हैं।
- 10इसलिये आओ, हम उनके साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करें, कहीं ऐसा न हो कि जब वे बहुत बढ़ जाएं, और यदि संग्राम का समय आ पड़े, तो हमारे बैरियों से मिलकर हम से लड़ें और इस देश से निकल जाएं।
- 11इसलिये उन्हों ने उन पर बेगारी करानेवालों को नियुक्त किया कि वे उन पर भार डाल डालकर उनको दु:ख दिया करें; तब उन्हों ने फिरौन के लिये पितोम और रामसेस नाम भण्डारवाले नगरों को बनाया।
- 12पर ज्यों ज्यों वे उनको दु:ख देते गए त्यों त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए; इसलिये वे इस्राएलियों से अत्यन्त डर गए।
Cross references
- Acts 7:19 प्रेरितों के काम 7:19उस ने हमारी जाति से चतुराई करके हमारे बाप दादों के साथ यहां तक कुव्योहार किया, कि उन्हें अपने बालकों को फेंक देना पड़ा कि वे जीवित न रहें।
- Psalm 83:3–4 भजन संहिता 83:3–4वे चतुराई से तेरी प्रजा की हानि की सम्मति करते, और तेरे रक्षित लोगों के विरूद्ध युक्तियां निकालते हैं। उन्हों ने कहा, आओ, हम उनको ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए; और इस्त्राएल का नाम आगे को स्मरण न रहे।
- Proverbs 1:11 नीतिवचन 1:11यदि वे कहें, हमारे संग चल कि, हम हत्या करने के लिये घात जगाएं हम निर्दोषों की ताक में रहें;
- Psalm 105:25 भजन संहिता 105:25उस ने मिस्त्रियों के मन को ऐसा फेर दिया, कि वे उसकी प्रजा से बैर रखने, और उसके दासों से छल करने लगे।।
- Psalm 10:2 भजन संहिता 10:2दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।
- 1 Corinthians 3:18–20 1 कुरिन्थियों 3:18–20कोई अपन आप को धोखा न दे: यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आप को ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने; कि ज्ञानी हो जाए। क्योंकि इस संसार का ज्ञान परमेश्वर के निकट मूर्खता है, जैसा लिखा है; कि वह ज्ञानियों को उन की चतुराई में फंसा देता है। और फिर प्रभु ज्ञानियों की चिन्ताओं को जानता है, कि व्यर्थ हैं।
- Job 5:13 अय्यूब 5:13वह बुध्दिमानों को उनकी धूर्त्तता ही में फंसाता है; और कुटिल लोगों की युक्ति दूर की जाती है।
- Proverbs 16:25 नीतिवचन 16:25ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
- Numbers 22:6 गिनती 22:6इसलिये आ, और उन लोगों को मेरे निमित्त शाप दे, क्योंकि वे मुझ से अधिक बलवन्त हैं, तब सम्भव है कि हम उन पर जयवन्त हों, और हम सब इनको अपने देश से मारकर निकाल दें; क्योंकि यह तो मैं जानता हूं कि जिसको तू आशीर्वाद देता है वह धन्य होता है, और जिसको तू शाप देता है वह स्रापित होता है।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Acts 23:12 प्रेरितों के काम 23:12जब दिन हुआ, तो यहूदियों ने एका किया, और शपथ खाई कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खांए या पीएं तो हम पर धिक्कार।
- James 3:15–18 याकूब 3:15–18यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।