Proverbs · chapter 21 · verse 30
Proverbs 21:30 in Hindi
यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
Yahovaa ke virooddh na to kuchh buddhi, aur na kuchh samajh, na koee yukti chalatee hai.
Proverbs 21:30 in English
- King James Version (KJV)
- [There is] no wisdom nor understanding nor counsel against the LORD.
- World English Bible (WEB)
- There is no wisdom nor understanding nor counsel against the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- There is no wisdom nor understanding Nor counsel against Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Wisdom and knowledge and wise suggestions are of no use against the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- There is no wisdom, nor understanding, nor counsel against Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- [There is] no wisdom nor understanding nor counsel against the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- There is no wisdom, nor understanding, Nor counsel, over-against Jehovah.
Read in context
- 28झूठा साक्षी नाश होता है, जिस ने जो सुना है, वही कहता हुआ स्थिर रहेगा।
- 29दुष्ट मनुष्य कठोर मुख का होता है, और जो सीधा है, वह अपनी चाल सीधी करता है।
- 30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- 31युद्ध के दिन के लिये घोड़ा तैयार तो होता है, परन्तु जय यहोवा ही से मिलती है।।
Cross references
- Acts 5:39 प्रेरितों के काम 5:39परन्तु यदि परमेश्वर की ओर से है, तो तुम उन्हें कदापि मिटा न सकोगे; कहीं ऐसा न हो, कि तुम परमेश्वर से भी लड़नेवाले ठहरो।
- Proverbs 19:21 नीतिवचन 19:21मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
- Jeremiah 9:23 यिर्मयाह 9:23यहोवा यों कहता है, बुध्दिमान अपनी बुध्दि पर घमणड न करे, न वीर अपनी वीरता पर, त धनी अपने धन पर घमणड करे;
- Isaiah 14:27 यशायाह 14:27क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
- 1 Corinthians 3:19–20 1 कुरिन्थियों 3:19–20क्योंकि इस संसार का ज्ञान परमेश्वर के निकट मूर्खता है, जैसा लिखा है; कि वह ज्ञानियों को उन की चतुराई में फंसा देता है। और फिर प्रभु ज्ञानियों की चिन्ताओं को जानता है, कि व्यर्थ हैं।
- Isaiah 8:9–10 यशायाह 8:9–10हे लोगों, हल्ला करो तो करो, परन्तु तुम्हारा सत्यानाश हो जाएगा। हे पृथ्वी के दूर दूर देश के सब लोगों कान लगाकर सुनो, अपनी अपनी कमर कसो तो कसो, परन्तु तुम्हारे टुकड़े टुकड़े किए जाएंगे; अपनी कमर कसो तो कसो, परन्तु तुम्हारा सत्यानाश हो जाएगा। तुम युक्ति करो तो करो, परन्तु वह निष्फल हो जाएगी, तुम कुछ भी कहो, परन्तु तुम्हारा कहा हुआ ठहरेगा नहीं, क्योंकि परमेश्वर हमारे संग है।।
- Isaiah 46:10–11 यशायाह 46:10–11मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- Acts 4:27–28 प्रेरितों के काम 4:27–28क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए। कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- Isaiah 7:5–7 यशायाह 7:5–7क्यांकि अरामियों और रमल्याह के पुत्रा समेत एप्रैमियों ने यह कहकर तेरे विरूद्ध बुरी युक्ति ठानी है कि आओ, हम यहूदा पर चढ़ाई करके उसको घबरा दें, और उसको अपने वश में लाकर ताबेल के पुत्रा को राजा नियुक्त कर दें। इसलिये प्रभु यहोवा ने यह कहा है कि यह युक्ति न तो सफल होगी और न पूरी।
- 1 Peter 2:8 1 पतरस 2:8और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मानकर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।