2 Samuel · chapter 17 · verse 20
2 Samuel 17:20 in Hindi
तब अबशालोम के सेवक उस घर में उस स्त्री के पास जाकर कहने लगे, अहीमास और योनातन कहां हैं? स्त्री ने उन से कहा, वे तो उस छोटी नदी के पार गए। तब उन्हों ने उन्हें ढूंढा, और न पाकर यरूशलेम को लौटे।
Tab abashaalom ke sevak us ghar mem us stree ke paas jaakar kahane lage, aheemaas aur yonaatan kahaam haim? Stree ne un se kahaa, ve to us chhotee nadee ke paar gae. Tab unhom ne unhem dhoondhaa, aur na paakar yarooshalem ko laute.
2 Samuel 17:20 in English
- King James Version (KJV)
- And when Absalom’s servants came to the woman to the house, they said, Where [is] Ahimaaz and Jonathan? And the woman said unto them, They be gone over the brook of water. And when they had sought and could not find [them], they returned to Jerusalem.
- World English Bible (WEB)
- Absalom’s servants came to the woman to the house; and they said, “Where are Ahimaaz and Jonathan?” The woman said to them, “They have gone over the brook of water.” When they had sought and could not find them, they returned to Jerusalem.
- American Standard Version (ASV)
- And Absalom’s servants came to the woman to the house; and they said, Where are Ahimaaz and Jonathan? And the woman said unto them, They are gone over the brook of water. And when they had sought and could not find them, they returned to Jerusalem.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Absalom's servants came to the woman at the house and said, Where are Ahimaaz and Jonathan? And the woman said to them, They have gone from here to the stream. And after searching for them, and seeing nothing of them, they went back to Jerusalem.
- Darby Translation (DBY)
- And Absalom's servants came to the woman to the house, and said, Where are Ahimaaz and Jonathan? And the woman said to them, They have gone over the brook of water. And they sought and could not find [them], and returned to Jerusalem.
- Webster's Bible (WBS)
- And when Absalom's servants came to the woman to the house, they said, Where [is] Ahimaaz and Jonathan? And the woman said to them, they have gone over the brook of water. And when they had sought and could not find [them] , they returned to Jerusalem.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the servants of Absalom come in unto the woman to the house, and say, 'Where [are] Ahimaaz and Jonathan?' and the woman saith to them, 'They passed over the brook of water;' and they seek, and have not found, and turn back to Jerusalem.
Read in context
- 18एक छोकरे ने तो उन्हें देखकर अबशालोम को बताया; परन्तु वे दोनों फुत से चले गए, और एक बहरीमवासी मनुष्य के घर पहुंचकर जिसके आंगन में कुंआ था उस में उतर गए।
- 19तब उसकी स्त्री ने कपड़ा लेकर कुंए के मुंह पर बिछाया, और उसके ऊपर दलर हुआ अन्न फैला दिया; इसलिये कुछ मालूम न पड़ा।
- 20तब अबशालोम के सेवक उस घर में उस स्त्री के पास जाकर कहने लगे, अहीमास और योनातन कहां हैं? स्त्री ने उन से कहा, वे तो उस छोटी नदी के पार गए। तब उन्हों ने उन्हें ढूंढा, और न पाकर यरूशलेम को लौटे।
- 21जब वे चले गए, तब ये कुंए में से निकले, और जाकर दाऊद राजा को समाचार दिया; और दाऊद से कहा, तुम लोग चलो, फुत करके नदी के पार हो जाओ; क्योंकि अहीतोपेल ने तुम्हारी हानि की ऐसी ऐसी सम्मति दी है।
- 22तब दाऊद अपने सब संगियों समेत उठकर यरदन पार हो गया; और पह फटने तक उन में से एक भी न रह गया जो यरदन के पार न हो गया हो।
Cross references
- Exodus 1:19 निर्गमन 1:19धाइयों ने फिरौन को उतर दिया, कि इब्री स्त्रियों मिद्दी स्त्रियों के समान नहीं हैं; वे ऐसी फुर्तीली हैं कि धाइयों के पहुंचने से पहिले ही उनको बच्चा उत्पन्न हो जाता है।
- 1 Samuel 27:11–12 1 शमूएल 27:11–12दाऊद ने स्त्री पुरूष किसी को जीवित न छोड़ा कि उन्हें गत में पहुंचाए; उस ने सोचा था, कि ऐसा न हो कि वे हमारा काम बताकर यह कहें, कि दाऊद ने ऐसा ऐसा किया है। वरन जब से वह पलिश्तियों के देश में रहता है, तब से उसका काम ऐसा ही है। तब आकीश ने दाऊद की बात सच मानकर कहा, यह अपने इस्राएली लागों की दृष्टि में अति घृणित हुआ है; इसलिये यह सदा के लिये मेरा दास बना रहेगा।।
- 1 Samuel 21:2 1 शमूएल 21:2दाऊद ने अहीमेलेक याजक से कहा, राजा ने मुझे एक काम करने की आज्ञा देकर मुझ से कहा, जिस काम को मैं तुझे भेजता, और जो आज्ञा मैं तुझे देता हूं, वह किसी पर प्रकट न होने पाए; और मैं ने जवानों को फलाने स्थान पर जाने को समझाया है।
- 2 Samuel 15:34 2 शमूएल 15:34परन्तु यदि तू नगर को लौटकर अबशालोम से कहने लगे, हे राजा, मैं तेरा कर्मचारी हूंगा; जैसा मैं बहुत दिन तेरे पिता का कर्मचारी रहा, वैसा ही अब तेरा रहूंगा, तो तू मेरे हित के लिये अहीतोपेल की सम्मति को निष्फल कर सकेगा।
- Joshua 2:3–5 यहोशू 2:3–5तब यरीहो के राजा ने राहाब के पास यों कहला भेजा, कि जो पुरूष तेरे यहां आए हैं उन्हें बाहर ले आ; क्योंकि वे सारे देश का भेद लेने को आए हैं। उस स्त्री ने दोनों पुरूषों को छिपा रखा; और इस प्रकार कहा, कि मेरे पास कई पुरूष आए तो थे, परन्तु मैं नहीं जानती कि वे कहां के थे; और जब अन्धेरा हुआ, और फाटक बन्द होने लगा, तब वे निकल गए; मुझे मालूम नहीं कि वे कहां गए; तुम फुर्ती करके उनका पीछा करो तो उन्हें जा पकड़ोगे।
- Joshua 2:22–23 यहोशू 2:22–23और वे जाकर पहाड़ तक पहुंचे, और वहां खोजनेवालों के लौटने तक, अर्थात् तीन दिन तक रहे; और खोजनेवाले उनको सारे मार्ग में ढूंढ़ते रहे और कहीं न पाया। तब वे दोनों पुरूष पहाड़ से उतरे, और पार जाकर नून के पुत्रा यहोशू के पास पहुंचकर जो कुछ उन पर बीता था उसका वर्णन किया।
- 1 Samuel 19:12–17 1 शमूएल 19:12–17तब मीकल ने दाऊद को खिड़की से उतार दिया; और वह भाग कर बच निकला। तब मीकल ने गृहदेवताओं को ले चारपाई पर लिटाया, और बकरियों के रोएं की तकिया उसके सिरहाने पर रखकर उन को वस्त्रा ओढ़ा दिए। जब शाऊल ने दाऊद को पकड़ लाने के लिये दूत भेजे, तब वह बोली, वह तो बीमार है। तब शाऊल ने दूतों को दाऊद के देखने के लिये भेजा, और कहा, उसे चारपाई समेत मेरे पास लाओ कि मैं उसे मार डालूं। जब दूत भीतर गए, तब क्या देखते हैं कि चारपाई पर गृहदेवता पड़े हैं, और सिरहाने पर बकरियों के रोएं की तकिया है। सो शाऊल ने मीकल से कहा, तू ने मुझे ऐसा धोखा क्यों दिया? तू ने मेरे शत्रु को ऐसा क्यों जाने दिया कि वह बच निकला है? मीकल ने शाऊल से कहा, उस ने मुझ से कहा, कि मुझे जाने दे; मैं तुझे क्यों मार डालूं।।
Original words (Hebrew)
- Absalom’s · H53אֲבִישָׁלוֹם ʼĂbîyshâlôwm
- servants · H5650עֶבֶד ʻebed
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- woman · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Ahimaaz · H290אֲחִימַעַץ ʼĂchîymaʻats
- Jonathan · H3083יְהוֹנָתָן Yᵉhôwnâthân
- woman · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- over · H5674עָבַר ʻâbar
- brook · H4323מִיכָל mîykâl
- water · H4325מַיִם mayim
- sought · H1245בָּקַשׁ bâqash
- find · H4672מָצָא mâtsâʼ
- returned · H7725שׁוּב shûwb
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim