2 Samuel · chapter 6 · verse 17
2 Samuel 6:17 in Hindi
और लोग यहोवा का सन्दूक भीतर ले आए, और उसके स्थान में, अर्थात् उस तम्बू में रखा, जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और दाऊद ने यहोवा के सम्मुख होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।
Aur log yahovaa kaa sandook bheetar le aae, aur usake sthaan mem, arthaat us tamboo mem rakhaa, jo daaood ne usake liye khadaa karaayaa thaa; aur daaood ne yahovaa ke sammukh homabali aur melabali chadhaae.
2 Samuel 6:17 in English
- King James Version (KJV)
- And they brought in the ark of the LORD, and set it in his place, in the midst of the tabernacle that David had pitched for it: and David offered burnt offerings and peace offerings before the LORD.
- World English Bible (WEB)
- They brought in the LORD’s ark, and set it in its place in the middle of the tent that David had pitched for it; and David offered burnt offerings and peace offerings before the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- And they brought in the ark of Jehovah, and set it in its place, in the midst of the tent that David had pitched for it; and David offered burnt-offerings and peace-offerings before Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they took in the ark of the Lord, and put it in its place inside the tent which David had put up for it: and David made burned offerings and peace-offerings to the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And they brought in the ark of Jehovah, and set it in its place, in the midst of the tent that David had spread for it. And David offered up burnt-offerings and peace-offerings before Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And they brought in the ark of the LORD, and set it in its place, in the midst of the tabernacle that David had pitched for it: and David offered burnt-offerings and peace-offerings before the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they bring in the ark of Jehovah, and set it up in its place, in the midst of the tent which David hath spread out for it, and David causeth to ascend burnt-offerings before Jehovah, and peace-offerings.
Read in context
- 15यों दाऊद और इस्राएल का समस्त घराना यहोवा के सन्दूक को जय जयकार करते और नरसिंगा फूंकते हुए ले चला।
- 16जब यहोवा का सन्दूक दाऊदपुर में आ रहा था, तब शाऊल की बेटी मीकल ने खिड़की में से झांककर दाऊद राजा को यहोवा के सम्मुख नाचते कूदते देखा, और उसे मन ही मन तुच्छ जाना।
- 17और लोग यहोवा का सन्दूक भीतर ले आए, और उसके स्थान में, अर्थात् उस तम्बू में रखा, जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और दाऊद ने यहोवा के सम्मुख होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।
- 18जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा चुका, तब उस ने सेनाओं के यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
- 19तब उस ने समस्त प्रजा को, अर्थात्, क्या स्त्री क्या पुरूष, समस्त इस्राएली भीड़ के लोगों को एक एक रोटी, और एक एक टुकड़ा मांस, और किशमिश की एक एक टिकिया बंटवा दी। तब प्रजा के सब लोग अपने अपने घर चले गए।
Cross references
- 2 Chronicles 1:4 2 इतिहास 1:4परन्तु परमेश्वर के सन्दूक को दाऊद किर्यत्यारीम से उस स्थान पर ले आया था जिसे उस ने उसके लिये तैयार किया था, उस ने तो उसके लिये यरूशलेम में एक तम्बू खड़ा कराया था।
- 1 Chronicles 15:1 1 इतिहास 15:1तब दाऊद ने दाऊदपुर में भवन बनवाए, और परमेश्वर के सन्दूक के लिये एक स्थान तैयार करके एक तम्बू खड़ा किया।
- Psalm 132:8 भजन संहिता 132:8हे यहोवा, उठकर अपने विश्रामस्थान में अपनी सामर्थ्य के सन्दूक समेत आ।
- 1 Kings 8:62–65 1 राजा 8:62–65तब राजा समस्त इस्राएल समेत यहोवा के सम्मुख मेलबलि चढ़ाने लगा। और जो पशु सुलैमान ने मेलबलि में यहोवा को चढ़ाए, सो बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़ें थीं। इस रीति राजा ने सब इस्राएलियों समेत यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की। उस दिन राजा ने यहोवा के भवन के साम्हनेवाले आंगन के मध्य भी एक स्थान पवित्रा किया और होमबलि, और अन्नबलि और मेलबलियों की चरबी वहीं चढ़ाई; क्योंकि जो पीतल की वेदी यहोवा के साम्हने थी, वह उनके लिये छोटी थी। और सुलैमान ने और उसके संग समस्त इस्राएल की एक बड़ी सभा ने जो हमात की घाटी से लेकर मिस्र के नाले तक के सब देशों से इट्ठी हुई थी, दो सप्ताह तक अर्थात् चौदह दिन तक हमारे परमेश्वर यहोवा के साम्हने पर्व को माना। फिर आठवें दिन उस ने प्रजा के लोगों को विदा किया।
- 1 Kings 8:5 1 राजा 8:5और राजा सुलैमान और समस्त इस्राएली मंडली, जो उसके पास इट्ठी हुई थी, वे रूब सन्दूक के साम्हने इतनी भेड़ और बैल बलि कर रहे थे, जिनकी गिनती किसी रीति से नहीं हो सकती थी।
- 2 Chronicles 7:5–7 2 इतिहास 7:5–7और राजा सुलैमान ने बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़ - बकरियां चढ़ाई। यों पूरी प्रजा समेत राजा ने यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की। और याजक अपना अपना कार्य करने को खड़े रहे, और लेवीय भी यहोवा के गीत के गाने के लिये बाजे लिये हूए खड़े थे, जिन्हें दाऊद राजा ने यहोवा की सदा की करूणा के कारण उसका धन्यवाद करने को बनाकर उनके द्वारा स्तुति कराई थी; और इनके साम्हने याजक लोग तुरहियां बजाते रहे; और सब इस्राएली क्षड़े रहे। फिर सुलैमान ने यहोवा के भवन के साम्हने आंगन के बीच एक स्थान ववित्रा करके होमबलि और मेलबलियों की चब वहीं चढ़ाई, क्योंकि सुलैमान की बनाई इई पीतल की बेदी होमबलि और अन्नबलि और चब के लिये छोटी थी।
- 2 Chronicles 5:6 2 इतिहास 5:6और राजा सुलैमान और सब इस्राएली मण्डली के लोग जो उसके पास इकट्ठे हुए थे, उन्हों ने सन्दूक के साम्हने इतनी भेड़ और बैल बलि किए, जिनकी गिनती और हिसाब बहुतायत के कारण न हो सकती थी।
- Ezra 6:16–17 एज्रा 6:16–17इस्राएली, अर्थात् याजक लेवीय और और जितने बन्धुआई से आए थे उन्हों ने परमेश्वर के उस भवन की प्रतिष्ठा उत्सव के साथ की। और उस भवन की प्रतिष्ठा में उन्हों ने एक सौ बैल और दो सौ मेढ़े और चार सौ मेम्ने और फिर सब इस्राएल के निमित्त पापबलि करके इस्राएल के गोत्रों की गिनती के अनुसार बारह बकरे चढ़ाए।
- 1 Chronicles 16:1 1 इतिहास 16:1तब परमेश्वर का सन्दूक ले आकर उस तम्हू में रखा गया जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और परमेश्वर के साम्हने होमबलि और मेलबलि चढ़ाए गए।
Original words (Hebrew)
- brought · H935בּוֹא bôwʼ
- ark · H727אָרוֹן ʼârôwn
- set · H3322יָצַג yâtsag
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- midst · H8432תָּוֶךְ tâvek
- tabernacle · H168אֹהֶל ʼôhel
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- pitched · H5186נָטָה nâṭâh
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- offered · H5927עָלָה ʻâlâh
- offerings · H5930עֹלָה ʻôlâh
- offerings · H8002שֶׁלֶם shelem
- before · H6440פָּנִים pânîym