2 Samuel · chapter 6 · verse 18
2 Samuel 6:18 in Hindi
जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा चुका, तब उस ने सेनाओं के यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
Jab daaood homabali aur melabali chadhaa chukaa, tab us ne senaaom ke yahovaa ke naam se prajaa ko aasheervaad diyaa.
2 Samuel 6:18 in English
- King James Version (KJV)
- And as soon as David had made an end of offering burnt offerings and peace offerings, he blessed the people in the name of the LORD of hosts.
- World English Bible (WEB)
- When David had finished offering the burnt offering and the peace offerings, he blessed the people in the name of the LORD of Armies.
- American Standard Version (ASV)
- And when David had made an end of offering the burnt-offering and the peace-offerings, he blessed the people in the name of Jehovah of hosts.
- Bible in Basic English (BBE)
- And after David had made the burned offerings and the peace-offerings, he gave the people a blessing in the name of the Lord of armies.
- Darby Translation (DBY)
- And when David had ended offering up the burnt-offerings and the peace-offerings, he blessed the people in the name of Jehovah of hosts.
- Webster's Bible (WBS)
- And as soon as David had made an end of offering burnt-offerings and peace-offerings, he blessed the people in the name of the LORD of hosts.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David finisheth from causing to ascend the burnt-offering, and the peace-offerings, and blesseth the people in the name of Jehovah of Hosts,
Read in context
- 16जब यहोवा का सन्दूक दाऊदपुर में आ रहा था, तब शाऊल की बेटी मीकल ने खिड़की में से झांककर दाऊद राजा को यहोवा के सम्मुख नाचते कूदते देखा, और उसे मन ही मन तुच्छ जाना।
- 17और लोग यहोवा का सन्दूक भीतर ले आए, और उसके स्थान में, अर्थात् उस तम्बू में रखा, जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और दाऊद ने यहोवा के सम्मुख होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।
- 18जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा चुका, तब उस ने सेनाओं के यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
- 19तब उस ने समस्त प्रजा को, अर्थात्, क्या स्त्री क्या पुरूष, समस्त इस्राएली भीड़ के लोगों को एक एक रोटी, और एक एक टुकड़ा मांस, और किशमिश की एक एक टिकिया बंटवा दी। तब प्रजा के सब लोग अपने अपने घर चले गए।
- 20तब दाऊद अपने घराने को आशीर्वाद देने के लिये लौटा। और शाऊल की बेटी मीकल दाऊद से मिलने को निकली, और कहने लगी, आज इस्राएल का राजा जब अपना शरीर अपने कर्मचारियों की लौंडियों के साम्हने ऐसा उघाड़े हुए था, जैसा कोई निकम्मा अपना तन उघाढ़े रहता है, तब क्या ही प्रतापी देख पड़ता था!
Cross references
- 1 Chronicles 16:2 1 इतिहास 16:2जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा जूका, तब उस ने यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
- 1 Kings 8:55 1 राजा 8:55और खड़ा हो, समस्त इस्राएली सभा को ऊंचे स्वर से यह कहकर आशीर्वाद दिया, कि धन्य है यहोवा,
- Exodus 39:43 निर्गमन 39:43तब मूसा ने सारे काम का निरीक्षण करके देखा, कि उन्हों ने यहोवा की आज्ञा के अनुसार सब कुछ किया है। और मूसा ने उनको आशीर्वाद दिया।।
- 1 Kings 8:14 1 राजा 8:14और राजा ने इस्राएल की पूरी सभा की ओर मुंह फेरकर उसको आशीर्वाद दिया; और पूरी सभा खड़ी रही।
- 2 Chronicles 30:18–19 2 इतिहास 30:18–19बहुत से लोगों ने अर्थात् एप्रैम, मनश्शे, इस्साकार और जबूलून में से बहुतों ने अपने को शुठ्ठ नहीं किया था, तौभी वे फसह के पशु का मांस लिखी हुई विधि के विरूद्ध खाते थे। क्योंकी हिजकिरयाह ने उनके लिये यह प्रार्थना की थी, कि यहोवा जो भला है, वह उन सभों के पाप ढांप दे; जो परमेश्वर की अर्थात् अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज में मन लगाए हुए हैं, चाहे वे पवित्रास्थान की विधि के अनुसार शुठ्ठ न भी हों।
- Leviticus 9:22–23 लैव्यव्यवस्था 9:22–23तब हारून ने लोगों की ओर हाथ बढ़ाकर उनहें आशीर्वाद दिया; और पापबलि, होमबलि, और मेलबलियों को चढ़ाकर वह नीचे उतर आया। तब मूसा और हारून मिलापवाले तम्बू में गए, और निकलकर लोगों को आशीर्वाद दिया; तब यहोवा का तेज सारी जनता को दिखाई दिया।
- 2 Chronicles 6:3 2 इतिहास 6:3और राजा ने इस्राएल की पूरी सभा की ओर मुंह फेर कर उसको आशीर्वाद दिया, और इस्राएल की पूरी सभा खड़ी रही।
- Hebrews 7:1–7 इब्रानियों 7:1–7यह मलिकिसिदक शालेम का राजा, और परमप्रधान परमेश्वर का याजक, सर्वदा याजक बना रहता है; जब इब्राहीम राजाओं को मारकर लौटा जाता था, तो इसी ने उस से भेंट करके उसे आशीष दी। इसी को इब्राहीम ने सब वस्तुओं का दसवां अंश भी दिया: यह पहिले अपने नाम के अर्थ के अनुसार, धर्म का राजा है। जिस का न पिता, न माता, न वंशावली है, जिस के न दिनों का आदि है और न जीवन का अनत है; परन्तु परमेश्वर के पुत्रा के स्वरूप ठहरा।। अब इस पर ध्यान करो कि यह कैसा महान था जिस को कुलपति इब्राहीम ने अच्छे से अच्छे माल की लूट का दसवां अंश दिया। लेवी की संतान में से जो याजक का पद पाते हैं, उन्हें आज्ञा मिली है, कि लोगों, अर्थात् अपने भाइयों से चाहे, वे इब्राहीम ही की देह से क्यों न जन्में हां, व्यवस्था के अनुसार दसवां अंश लें। पर इस ने, जो उन की वंशावली में का भी न था इब्राहीम से दसवां अंश लिया और जिसे प्रतिज्ञाएं मिली थी उसे आशीष दी। और उस में संदेह नहीं, कि छोटा बड़े से आशीष पाता है।
- Acts 3:26 प्रेरितों के काम 3:26परमेश्वर ने अपने सेवक को उठाकर पहिल तुम्हारे पास भेजा, कि तुम में से हर एक की उस की बुराइयों से फेरकर आशीष दे।।
- Genesis 14:19 उत्पत्ति 14:19और उस ने अब्राम को यह आशीर्वाद दिया, कि परमप्रधान ईश्वर की ओर से, जो आकाश और पृथ्वी का अधिकारी है, तू धन्य हो।
- 2 Chronicles 30:27 2 इतिहास 30:27अन्त में लेवीय याजकों ने खड़े होकर प्रजा को आशीर्वाद दिया, और उनकी सुनी गई, और उनकी प्रार्थना उसके पपित्रा धाम तक अर्थात् स्वर्ग तक पहुंची।