2 Thessalonians · chapter 1 · verse 11
2 Thessalonians 1:11 in Hindi
इसी लिये हम सदा तुम्हारे निमित्त प्रार्थना भी करते हैं, कि हमारा परमेश्वर तुम्हें इस बुलाहट के योग्य समझे, और भलाई की हर एक इच्छा, और विश्वास के हर एक काम को सामर्थ सहित पूरा करे।
Isee liye ham sadaa tumhaare nimitt praarthanaa bhee karate haim, ki hamaaraa parameshvar tumhem is bulaahat ke yogy samajhe, aur bhalaaee kee har ek ichchhaa, aur vishvaas ke har ek kaam ko saamarth sahit pooraa kare.
2 Thessalonians 1:11 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore also we pray always for you, that our God would count you worthy of [this] calling, and fulfil all the good pleasure of [his] goodness, and the work of faith with power:
- World English Bible (WEB)
- To this end we also pray always for you that our God may count you worthy of your calling, and fulfill every desire of goodness and work of faith with power,
- American Standard Version (ASV)
- To which end we also pray always for you, that our God may count you worthy of your calling, and fulfil every desire of goodness and [every] work of faith, with power;
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason, you are ever in our prayers, that you may seem to our God such as may have a part in his purpose and that by his power he will make all his good purpose, and the work of faith, complete;
- Darby Translation (DBY)
- To which end we also pray always for you, that our God may count you worthy of the calling, and fulfil all [the] good pleasure of [his] goodness and [the] work of faith with power,
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore also we pray always for you, that our God would count you worthy of [this] calling, and fulfill all the good pleasure of [his] goodness, and the work of faith with power:
- Young's Literal Translation (YLT)
- for which also we do pray always for you, that our God may count you worthy of the calling, and may fulfil all the good pleasure of goodness, and the work of the faith in power,
Read in context
- 9वे प्रभु के साम्हने से, और उसकी शक्ति के तेज से दूर होकर अनन्त विनाश का दण्ड पाएंगे।
- 10यह उस दिन होगा, जब वह अपने पवित्रा लोगों में महिमा पाने, और सब विश्वास करनेवालों में आश्चर्य का कारण होने को आएगा; क्योंकि तुम ने हमारी गवाही की प्रतीति की।
- 11इसी लिये हम सदा तुम्हारे निमित्त प्रार्थना भी करते हैं, कि हमारा परमेश्वर तुम्हें इस बुलाहट के योग्य समझे, और भलाई की हर एक इच्छा, और विश्वास के हर एक काम को सामर्थ सहित पूरा करे।
- 12कि हमारे परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह के अनुग्रह के अनुसार हमारे प्रभु यीशु का नाम तुम में महिमा पाए, और तुम उस में।।
Cross references
- Philippians 2:13 फिलिप्पियों 2:13क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।
- Colossians 1:9–13 कुलुस्सियों 1:9–13इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ। ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्रा लोगों के साथ मीरास में समभागी हों। उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्रा के राज्य में प्रवेश कराया।
- 1 Thessalonians 1:3 1 थिस्सलुनीकियों 1:3और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
- 2 Thessalonians 1:5 2 थिस्सलुनीकियों 1:5यह परमेश्वर के सच्चे न्याय का स्पष्ट प्रमाण है; कि तुम परमेश्वर के राज्य के योग्य ठहरो, जिस के लिये तुम दुख भी उठाते हो।
- Titus 3:4–7 तीतुस 3:4–7पर जब हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की कृपा, और मनुष्यों पर उसकी प्रीति प्रगट हुई। तो उस ने हमारा उद्धार किया: और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, पर अपनी दया के अनुसार, नए जन्म के स्नान, और पवित्रा आत्मा के हमें नया बनाने के द्वारा हुआ। जिसे उस ने हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के द्वारा हम पर अधिकाई से उंडेला। जिस से हम उसके अनुग्रह से धर्मी ठहरकर, अनन्त जीवन की आशा के अनुसार वारिस बनें।
- 2 Thessalonians 2:14 2 थिस्सलुनीकियों 2:14जिस के लिये उस ने तुम्हें हमारे सुसमाचार के द्वारा बुलाया, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह की महिमा को प्राप्त करो।
- 1 Thessalonians 3:9–13 1 थिस्सलुनीकियों 3:9–13और जैसा आनन्द हमें तुम्हारे कारण अपने परमेश्वर के साम्हने है, उसके बदले तुम्हारे विषय में हम किस रीति से परमेश्वर का धन्यवाद करें? हम राज दिन बहुत ही प्रार्थना करते रहते हैं, कि तुम्हारा मुंह देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें।। अब हमारा परमेश्वर और पिता आप ही और हमारा प्रभु यीशु, तुम्हारे यहां आने के लिये हमारी अगुवाई करे। और प्रभु ऐसा करे, कि जेसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए। ताकि वह तुम्हारे मनों को ऐसा स्थिर करे, कि जब हमारा प्रभु यीशु अपने सब पवित्रा लोगों के साथ आए, तो वे हमारे परमेश्वर और पिता के साम्हने पवित्राता में निर्दोष ठहरें।।
- Hebrews 12:2 इब्रानियों 12:2और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दहिने जा बैठा।
- Philippians 1:9–11 फिलिप्पियों 1:9–11और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए। यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ। और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- Luke 12:32 लूका 12:32हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे।
- 1 Thessalonians 2:12–13 1 थिस्सलुनीकियों 2:12–13कि तुम्हारा चाल चलन परमेश्वर के योग्य हो, जो तुम्हें अपने राज्य और महिमा में बुलाता है।। इसलिये हम भी परमेश्वर का धन्यवाद निरन्तर करते हैं; कि जब हमारे द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का वचन तुम्हारे पास पहुंचा, तो तुम ने उस मनुष्यों का नहीं, परन्तु परमेश्वर का वचन समझकर (और सचमुच यह ऐसा ही है) ग्रहण किया: और वह तुम में जो विश्वास रखते हो, प्रभावशाली है।
- Romans 8:30 रोमियों 8:30फिर जिन्हें उन से पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।।
Original words (Greek)
- Wherefore · G1519εἰς eis
- also · G2532καί kaí
- pray · G4336προσεύχομαι proseúchomai
- always · G3842πάντοτε pántote
- for · G4012περί perí
- you · G5216ὑμῶν hymōn
- that · G2443ἵνα hína
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- God · G2316θεός theós
- count · G515ἀξιόω axióō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- worthy · G515ἀξιόω axióō
- of · G2821κλῆσις klēsis
- calling · G2821κλῆσις klēsis
- and · G2532καί kaí
- fulfil · G4137πληρόω plēróō
- all · G3956πᾶς pâs
- pleasure · G2107εὐδοκία eudokía
- of · G19ἀγαθωσύνη agathōsýnē
- goodness · G19ἀγαθωσύνη agathōsýnē
- and · G2532καί kaí
- work · G2041ἔργον érgon
- faith · G4102πίστις pístis
- with · G1722ἐν en
- power · G1411δύναμις dýnamis