2 Thessalonians · chapter 1 · verse 4
2 Thessalonians 1:4 in Hindi
यहां तक कि हम आप परमेश्वर की कलीसिया में तुम्हारे विषय में घमण्ड करते हैं, कि जितने उपद्रव और क्लेश तुम सहते हो, उन सब में तुम्हारा धीरज और विश्वास प्रगट होता है।
Yahaam tak ki ham aap parameshvar kee kaleesiyaa mem tumhaare vishay mem ghamand karate haim, ki jitane upadrav aur klesh tum sahate ho, un sab mem tumhaaraa dheeraj aur vishvaas pragat hotaa hai.
2 Thessalonians 1:4 in English
- King James Version (KJV)
- So that we ourselves glory in you in the churches of God for your patience and faith in all your persecutions and tribulations that ye endure:
- World English Bible (WEB)
- so that we ourselves boast about you in the assemblies of God for your perseverance and faith in all your persecutions and in the afflictions which you endure.
- American Standard Version (ASV)
- so that we ourselves glory in you in the churches of God for your patience and faith in all your persecutions and in the afflictions which ye endure;
- Bible in Basic English (BBE)
- So that we ourselves take pride in you in the churches of God for your untroubled mind and your faith in all the troubles and sorrows which you are going through;
- Darby Translation (DBY)
- so that we ourselves make our boast in you in the assemblies of God for your endurance and faith in all your persecutions and tribulations, which ye are sustaining;
- Webster's Bible (WBS)
- So that we ourselves glory in you in the churches of God, for your patience and faith in all your persecutions and tribulations that ye endure:
- Young's Literal Translation (YLT)
- so that we ourselves do glory in you in the assemblies of God, for your endurance and faith in all your persecutions and tribulations that ye bear;
Read in context
- 2हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह में तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- 3हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब को प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है।
- 4यहां तक कि हम आप परमेश्वर की कलीसिया में तुम्हारे विषय में घमण्ड करते हैं, कि जितने उपद्रव और क्लेश तुम सहते हो, उन सब में तुम्हारा धीरज और विश्वास प्रगट होता है।
- 5यह परमेश्वर के सच्चे न्याय का स्पष्ट प्रमाण है; कि तुम परमेश्वर के राज्य के योग्य ठहरो, जिस के लिये तुम दुख भी उठाते हो।
- 6क्योंकि परमेश्वर के निकट यह न्याय है, कि जो तुम्हें क्लेश देते हैं, उन्हें बदले में क्लेश दे।
Cross references
- Hebrews 10:36 इब्रानियों 10:36क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी करके तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ।
- James 5:7–8 याकूब 5:7–8सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है। तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
- Hebrews 12:1–3 इब्रानियों 12:1–3इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकनेवाली वस्तु, और उलझानेवाले पाप को दूर करके, वह दौड़ जिस मे हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दहिने जा बैठा। इसलिये उस पर ध्यान करो, जिस ने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद- विवाद सह लिया कि तुम निराश होकर हियाव न छोड़ दो।
- 2 Corinthians 7:14 2 कुरिन्थियों 7:14क्योंकि यदि मैं ने उसके साम्हने तुम्हारे विषय में कुछ घमण्ड दिखाया, तो लज्जित नहीं हुआ, परन्तु जैसे हम ने तुम से सब बातें सच सच कह दी थीं, वैसे ही हमारा धमण्ड दिखाना तितुस के साम्हने भी सच निकला।
- 1 Thessalonians 2:14 1 थिस्सलुनीकियों 2:14इसलिये कि तुम, हे भाइयो, परमेश्वर की उन कलीसियाओं की सी चाल चलने लगे, जो यहूदिया में मसीह यीशु में हैं, क्योंकि तुम ने भी अपने लोगों से वैसा ही दुख पाया, जैसा उन्हों ने यहूदियों से पाया था।
- 1 Thessalonians 2:19 1 थिस्सलुनीकियों 2:19भला हमारी आशा, या आनन्द या बड़ाई का मुकुट क्या है? क्या हमारे प्रभु यीशु के सम्मुख उसके आने के समय तुम ही न होगे?
- 1 Thessalonians 1:3 1 थिस्सलुनीकियों 1:3और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
- Revelation 14:12 प्रकाशितवाक्य 14:12पवित्रा लोगों का धीरज इसी में है, जो परमेश्वर की आज्ञाओं को मानते, और यीशु पर विश्वास रखते हैं।।
- 1 Corinthians 7:17 1 कुरिन्थियों 7:17पर जैसा प्रभु ने हर एक को बांटा है, और परमेश्वर ने हर एक को बुलाया है; वैसा ही वह चले: और मैं सब कलीसियाओं में ऐसा ही ठहराताह हूं।
- Romans 5:3–5 रोमियों 5:3–5केवल यही नहीं, बरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्रा आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
- 2 Corinthians 9:2 2 कुरिन्थियों 9:2क्योंकि मैं तुम्हारे मन की तैयारी को जानता हूं, जिस के कारण मैं तुम्हारे विषय में मकिदुनियों के साम्हने घमण्ड दिखाता हूं, कि अखया के लोग एक वर्ष से तैयार हुए हैं, और तुमहारे उत्साह ने और बहुतों को भी उभारा है।
- Hebrews 6:15 इब्रानियों 6:15और इस रीति से उस ने धीरज धरकर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की।
Original words (Greek)
- that · G5620ὥστε hṓste
- we · G2248ἡμᾶς hēmâs
- ourselves · G846αὐτός autós
- glory · G2744καυχάομαι kaucháomai
- in · G1722ἐν en
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- in · G1722ἐν en
- churches · G1577ἐκκλησία ekklēsía
- God · G2316θεός theós
- for · G5228ὑπέρ hypér
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- patience · G5281ὑπομονή hypomonḗ
- and · G2532καί kaí
- faith · G4102πίστις pístis
- in · G1722ἐν en
- all · G3956πᾶς pâs
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- persecutions · G1375διωγμός diōgmós
- and · G2532καί kaí
- tribulations · G2347θλῖψις thlîpsis
- that · G3739ὅς hós
- endure · G430ἀνέχομαι anéchomai