2 Thessalonians · chapter 2 · verse 10
2 Thessalonians 2:10 in Hindi
और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता।
Aur naash honevaalom ke liye adharm ke sab prakaar ke dhokhe ke saath hogaa; kyonki unhonne saty ke prem ko grahan naheem kiyaa jis se un kaa uddhaar hotaa.
2 Thessalonians 2:10 in English
- King James Version (KJV)
- And with all deceivableness of unrighteousness in them that perish; because they received not the love of the truth, that they might be saved.
- World English Bible (WEB)
- and with all deception of wickedness for those who are being lost, because they didn’t receive the love of the truth, that they might be saved.
- American Standard Version (ASV)
- and with all deceit of unrighteousness for them that perish; because they received not the love of the truth, that they might be saved.
- Bible in Basic English (BBE)
- And with every deceit of wrongdoing among those whose fate is destruction; because they were quite without that love of the true faith by which they might have salvation.
- Darby Translation (DBY)
- and in all deceit of unrighteousness to them that perish, because they have not received the love of the truth that they might be saved.
- Webster's Bible (WBS)
- And with all deceivableness of unrighteousness in them that perish; because they received not the love of the truth, that they might be saved.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and in all deceitfulness of the unrighteousness in those perishing, because the love of the truth they did not receive for their being saved,
Read in context
- 8तब वह अधर्मी प्रगट होगा, जिसे प्रभु यीशु अपने मुंह को फंूक से मार डालेगा, और अपने आगमन के तेज से भस्म करेगा।
- 9उस अधर्मी का आना शैतान के कारर्य के अनुसार सब प्रकार की झूठी सामर्थ, और चिन्ह, और अद्भुत काम के साथ।
- 10और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता।
- 11और इसी कारण परमेश्वर उन में एक भटका देनेवाली सामर्थ को भेजेगा ताकि वे झूठ की प्रतीति करें।
- 12और जितने लोग सत्य की प्रतीति नहीं करते, वरन अधर्म से प्रसन्न होते हैं, सब दण्ड पाएं।।
Cross references
- 1 Corinthians 1:18 1 कुरिन्थियों 1:18क्योंकि क्रूस की कथा नाश होनेवालों के निकट मूर्खता है, परन्तु हम उद्धार पानेवालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।
- Proverbs 1:7 नीतिवचन 1:7यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है; बुद्धि और शिक्ष को मूढ़ ही लोग तुच्छ जानते हैं।।
- 2 Corinthians 4:2–3 2 कुरिन्थियों 4:2–3परन्तु हम ने लज्जा के गुप्त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट करके, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होनेवालों ही के लिये पड़ा है।
- Romans 16:18 रोमियों 16:18क्योंकि ऐसे लोग हमारे प्रभु मसीह की नहीं, परन्तु अपने पेट की सेवा करते है; और चिकनी चुमड़ी बातों से सीधे सादे मन के लोगों को बहका देते हैं।
- John 8:45–47 यूहन्ना 8:45–47परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते। तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते? जो परमेश्वर से होता हे, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो।
- 2 Peter 2:12 2 पतरस 2:12पर ये लोग निर्बुद्धि पशुओं ही के तुल्य हैं, जो पकड़े जाने और नाश होने के लिये उत्पन्न हुए हैं; और जिन बातों को जानते ही नहीं, उन के विषय में औरों को बुरा भला कहते हैं, वे अपनी सड़ाहट में आप ही सड़ जाएंगे।
- 1 Corinthians 16:22 1 कुरिन्थियों 16:22हमारा प्रभु आनेवाला है।
- Ephesians 4:14 इफिसियों 4:14ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग- विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर- उधर घुमाए जाते हों।
- 2 Corinthians 11:15 2 कुरिन्थियों 11:15सो यदि उसके सेवक भी धर्म के सेवकों का सा रूप धरें, तो कुछ बड़ी बात नहीं परन्तु उन का अन्त उन के कामों के अनुसार होगा।
- 2 Corinthians 2:17 2 कुरिन्थियों 2:17क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।।
- Proverbs 8:17 नीतिवचन 8:17जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उन से मैं भी प्रेम रखती हूं, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं।
- Romans 2:7–8 रोमियों 2:7–8जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें अनन्त जीवन देगा। पर जो विवादी हैं, और सत्य को नहीं मानते, बरन अधर्म को मानते हैं, उन पर क्रोध और कोप पड़ेगा।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- with · G1722ἐν en
- all · G3956πᾶς pâs
- deceivableness · G539ἀπάτη apátē
- unrighteousness · G93ἀδικία adikía
- in · G1722ἐν en
- perish · G622ἀπόλλυμι apóllymi
- because · G473ἀντί antí
- received · G1209δέχομαι déchomai
- not · G3756οὐ ou
- love · G26ἀγάπη agápē
- truth · G225ἀλήθεια alḗtheia
- that · G1519εἰς eis
- they · G846αὐτός autós
- saved · G4982σώζω sṓzō