Proverbs · chapter 1 · verse 7
Proverbs 1:7 in Hindi
यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है; बुद्धि और शिक्ष को मूढ़ ही लोग तुच्छ जानते हैं।।
Yahovaa kaa bhay maananaa buddhi kaa mool hai; buddhi aur shiksh ko moodh hee log tuchchh jaanate hain..
Proverbs 1:7 in English
- King James Version (KJV)
- The fear of the LORD [is] the beginning of knowledge: [but] fools despise wisdom and instruction.
- World English Bible (WEB)
- The fear of the LORD is the beginning of knowledge, but the foolish despise wisdom and instruction.
- American Standard Version (ASV)
- The fear of Jehovah is the beginning of knowledge; [But] the foolish despise wisdom and instruction.
- Bible in Basic English (BBE)
- The fear of the Lord is the start of knowledge: but the foolish have no use for wisdom and teaching.
- Darby Translation (DBY)
- The fear of Jehovah is the beginning of knowledge: fools despise wisdom and instruction.
- Webster's Bible (WBS)
- The fear of the LORD [is] the beginning of knowledge: [but] fools despise wisdom and instruction.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Fear of Jehovah [is] a beginning of knowledge, Wisdom and instruction fools have despised!
Read in context
- 5कि बुद्धिमान सुनकर अपनी विद्या बढ़ाए, और समझदार बुद्धि का उपदेश पाए,
- 6जिस से वे नितिवचन और दृष्टान्त को, और बुद्धिमानों के वचन और उनके रहस्यों को समझें।।
- 7यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है; बुद्धि और शिक्ष को मूढ़ ही लोग तुच्छ जानते हैं।।
- 8हे मेरे पुत्रा, अपने पिता की शिक्षा पर कान लगा, और अपनी माता की शिक्षा को न तज;
- 9क्योंकि वे मानो तेरे सिर के लिये शोभायमान मुकुट, और तेरे गले के लिये कन्ठ माला होगी।
Cross references
- Job 28:28 अय्यूब 28:28तब उस न मनुष्य से कहा, देख, प्रभु का भय मानना यही बुध्दि हैे और बुराई से दूर रहना यही समझ है।
- Proverbs 9:10 नीतिवचन 9:10यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्रा ईश्वर को जानना ही समझ है।
- Ecclesiastes 12:13 सभोपदेशक 12:13सब कुछ सुना गया; अन्त की बात यह है कि परमेश्वर का भय मान और उसकी आज्ञाओं का पालन कर; क्योंकि मनुष्य का सम्पूर्ण कर्त्तव्य यही है।
- Proverbs 15:33 नीतिवचन 15:33यहोवा के भय मानने से शिक्षा प्राप्त होती है, और महिमा से पहिले नम्रता होती है।।
- Proverbs 18:2 नीतिवचन 18:2और सब प्रकार की खरी बुद्धि से बैर करता है। मूर्ख का मन समझ की बातों मे नहीं लगता, वह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता है।
- Proverbs 1:29–30 नीतिवचन 1:29–30क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया। उन्हों ने मेरी सम्पत्ति न चाही वरन मेरी सब ताड़नाओं को तुच्छ जाना।
- Proverbs 1:22 नीतिवचन 1:22हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे?
- Romans 1:28 रोमियों 1:28और जब उन्हों ने परमेश्वर को पहिचानना न चाहा, इसलिये परमेश्वर ने भी उन्हें उन के निकम्मे मन पर छोड़ दिया; कि वे अनुचित काम करें।
- Proverbs 15:5 नीतिवचन 15:5मूढ़ अपने पिता की शिक्षा का तिरस्कार करता है, परन्तु जो डांट को मानता, वह चतुर हो जाता है।
- John 3:18–21 यूहन्ना 3:18–21जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहरा चुका; इसलिये कि उस ने परमेश्वर के एकलौते पुत्रा के नाम पर विश्वास नहीं किया। और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। परन्तु जो सच्चाई पर चलता हैख् वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।
- Proverbs 5:12–13 नीतिवचन 5:12–13मैं ने शिक्षा से कैसा बैर किया, और डांटनेवाले का कैसा तिरस्कार किया! मैं ने अपने गुरूओं की बातें न मानी और अपने सिखानेवालों की ओर ध्यान न लगाया।